क्या महेंद्र सिंह धोनी ने युवराज सिंह को टीम से ड्रॉप कराया था? पूर्व चीफ सिलेक्टर संदीप पाटिल ने तोड़ी चुप्पी
युवराज के पिता और पूर्व क्रिकेटर जोगराज सिंह तो सार्वजनिक तौर पर आरोप लगा चुके हैं कि धोनी ने ही उनके बेटे का करियर खत्म किया, नहीं तो वह 4-5 साल और खेल सकते थे। तो क्या महेंद्र सिंह धोनी ने ही युवराज सिंह को टीम से ड्रॉप कराया था? पूर्व राष्ट्रीय मुख्य चयनकर्ता संदीप पाटिल ने इससे इनकार किया है।

महेंद्र सिंह धोनी और युवराज सिंह। भारतीय क्रिकेट के दो नायाब हीरे। एक धाकड़ कप्तान रहा तो दूसरा धाकड़ ऑलराउंडर और मैच विजेता। दोनों 2007 और 2011 के विश्व कप के हीरो। दोनों ने न जाने कितने मौकों पर अपनी पार्टनरशिप से टीम इंडिया की जीत का परचम लहराया। लेकिन आरोप लगाया जाता है कि महेंद्र सिंह धोनी ने ही युवराज सिंह का करियर खत्म किया। युवराज के पिता और पूर्व क्रिकेटर जोगराज सिंह तो सार्वजनिक तौर पर आरोप लगा चुके हैं कि धोनी ने ही उनके बेटे का करियर खत्म किया, नहीं तो वह 4-5 साल और खेल सकते थे। तो क्या महेंद्र सिंह धोनी ने ही युवराज सिंह को टीम से ड्रॉप कराया था? पूर्व राष्ट्रीय मुख्य चयनकर्ता संदीप पाटिल ने इससे इनकार किया है।
'युवराज को बाहर करने में धोनी की कोई भूमिका नहीं'
पूर्व क्रिकेटर संदीप पाटिल बीसीसीआई की नेशनल सिलेक्शन कमिटी के चेयरमैन रह चुके हैं। वह सितंबर 2012 से सितंबर 2016 तक यानी 4 साल तक मुख्य चयनकर्ता रहे। उन्होंने एक यूट्यूब इंटरव्यू में दो टूक कहा है कि युवराज सिंह को उनके करियर के दौरान किसी भी चरण में टीम से बाहर किए जाने के पीछे धोनी की कोई भूमिका नहीं थी।
यूट्यूब चैनल विकी लालवानी शो पर पाटिल ने कहा, 'एक बार भी नहीं- न तो चयन समिति की बैठकों के दौरान, न तो किसी दौरे पर और न तो मैचों के दौरान- महेंद्र सिंह धोनी ने कभी भी युवराज सिंह को ड्रॉप करने के लिए नहीं कहा। मैं ऑन रिकॉर्ड कह रहा हूं।'
पाटिल ने आगे कहा, 'उन्हें (धोनी) चयन समिति पर पूरा भरोसा था। वह कुछ नहीं कहते थे।'
जोगराज सिंह के आरोपों पर क्या कहा?
धोनी पर जोगराज सिंह के आरोपों पर पाटिल ने कहा कि ये एक पिता के भावनात्मक उदगार हैं। पाटिल ने कहा, ‘एक पिता अपने बेटे के बारे में भावनात्मक तौर पर सोचता है और इसमें गलत नहीं है। लेकिन दोष गलत जगह दिया जा रहा है।’
जोगराज सिंह लगातार महेंद्र सिंह धोनी की आलोचना करते रहे हैं। वह उन्हें युवराज सिंह का करियर खत्म करने का गुनहगार मानते हैं। एक हालिया यूट्यूब इंटरव्यू में जोगराज सिंह ने कहा था कि वह वह धोनी को माफ नहीं करेंगे।
धोनी को युवराज का ‘करियर खत्म’ करने का गुनहगार बताते हैं जोगराज
उन्होंने कहा था, 'मैं एमएस धोनी को माफ नहीं करूंगा। उन्हें आईने में खुद को देखना चाहिए। वह बहुत बड़े क्रिकेटर हैं और मैं उन्हें सलाम करता हूं। लेकिन उन्होंने मेरे बेटे के साथ जो किया वो अक्षम्य है। अब हर चीज सामने आ रही है और मैं उन्हें कभी माफ नहीं कर सकता।'
धोनी पर युवराज सिंह का करियर बर्बाद करने का आरोप लगाते हुए जोगराज सिंह ने उस इंटरव्यू में कहा था, 'उस आदमी ने मेरे बेटे की जिंदगी बर्बाद कर दी, जो 4-5 साल और खेल सकता था...फिर कोई दूसरा युवराज सिंह नहीं होगा।'
लेखक के बारे में
Chandra Prakash Pandeyचन्द्र प्रकाश पाण्डेय वर्तमान में लाइव हिंदुस्तान में स्पोर्ट्स सेक्शन के इंचार्ज के रूप में कार्यरत हैं। टीवी और डिजिटल पत्रकारिता में करीब दो दशक का अनुभव रखने वाले चन्द्र प्रकाश को जटिल विषयों का सरल विश्लेषण करने में महारत हासिल है। बचपन में न्यूज के प्रति ऐसा प्रेम हुआ कि रात में रेडियो पर न्यूज बुलेटिन के दौरान पढ़ाई-लिखाई का अभिनय करते लेकिन कान और दिल-दिमाग ध्वनि तरंगों पर अटका रहता। तब क्या पता था कि आगे चलकर न्यूज की दुनिया में ही रचना-बसना है। रेडियो में कभी काम तो नहीं किया लेकिन उस विधा के कुछ दिग्गज प्रसारकों संग टीवी न्यूज की दुनिया में कदमताल जरूर किया। चन्द्र प्रकाश पाण्डेय ने टीवी पत्रकारिता से शुरुआत की। पेशे में पहला दशक टीवी न्यूज के ही नाम रहा जहां उन्होंने 'न्यूज24', 'श्री न्यूज', 'फोकस न्यूज', 'न्यूज वर्ल्ड इंडिया' और भोजपुरी न्यूज चैनल 'हमार टीवी' में अलग-अलग समय पर अलग-अलग भूमिकाएं निभाई। इस दौरान डेली न्यूज शो के साथ-साथ 'विनोद दुआ लाइव: आजाद आवाज' जैसे कुछ स्पेशल शो के लिए भी लेखन किया। अगस्त 2016 में उन्होंने 'नवभारत टाइम्स' के साथ डिजिटल जर्नलिज्म की दुनिया में कदम रखा। NBT में उन्होंने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिक्स, जियोपॉलिटिक्स, क्राइम, स्पोर्ट्स, कोर्ट से जुड़ी खबरों का लेखन-संपादन किया। इस दौरान उन्होंने लोकसभा और विधानसभा चुनावों समेत महत्वपूर्ण विषयों पर कई स्पेशल सीरीज भी लिखी जिनमें लीगल न्यूज एक्सप्लेनर्स 'हक की बात' की एक लंबी श्रृंखला भी शामिल है। मार्च 2025 से वह लाइव हिंदुस्तान में शब्दाक्षरों के चौके-छक्के जड़ रहे हैं।
चन्द्र प्रकाश पाण्डेय मूल रूप से यूपी के देवरिया के रहने वाले हैं। गांव की मिट्टी में पलते-बढ़ते, खेत-खलिहान में खेलते-कूदते इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई की। उसके बाद मैथमेटिक्स का छात्र 'राजनीति कला है या विज्ञान?' में उलझ गया। बी.ए. और बी. एड. की पढ़ाई के बाद पत्रकारिता की ओर रुझान बढ़ा और मॉस कम्यूनिकेशंस में मास्टर्स किया। अभी भी सीखने-समझने का सतत क्रम जारी है।
और पढ़ें


