ध्रुव जुरेल ने अपने शतक का क्रेडिट किसे दिया? कहा- जब भी मैं सिराज से बात करता हूं ऐसा लगता है…

कोलंबो, 24 अगस्त (वार्ता)
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ध्रुव जुरेल ने सोमवार को श्रीलंका के खिलाफ दूसरे टेस्ट में यादगार नाबाद सेंचुरी बनाने का क्रेडिट मोहम्मद सिराज को दिया। ऋषभ पंत से कीमती सलाह मिली, जो काम आई।

Dhruv Jurel
ध्रुव जुरेल श्रीलंका के खिलाफ दूसरे टेस्ट मैच के दूसरे दिन अपना शतक सेलिब्रेट करते हुए

भारतीय बल्लेबाज ध्रुव जुरेल ने सोमवार को श्रीलंका के खिलाफ दूसरे टेस्ट में यादगार नाबाद सेंचुरी बनाने का क्रेडिट मोहम्मद सिराज को दिया, जिन्होंने उनकी अहम पार्टनरशिप के दौरान शांत रहकर सपोर्ट किया और ऋषभ पंत से कीमती सलाह मिली।

115 रन बनाकर नाबाद रहे जुरेल ने कहा कि सिराज का बल्ले से योगदान खास तौर पर अहम था, क्योंकि भारत ने मुश्किल हालात का सामना किया और एक मजबूत स्थिति बनाई। दिन का खेल खत्म होने के बाद जुरेल ने कहा, "जब भी मैं सिराज से बात करता हूं, मुझे लगता है कि वह सेंचुरी से ज्यादा जश्न मनाते हैं। वह मजबूती से डिफेंस कर रहे थे, इसलिए यह बहुत अच्छा था।"

पंत से भी मिलती है सलाह

युवा बल्लेबाज़ ने कहा कि सिराज के साथ खेलने से उन्हें अलग-अलग माइलस्टोन के बजाय पार्टनरशिप पर फोकस करने में मदद मिली। उन्होंने कहा, "बैटिंग करते समय, मैं बस पार्टनरशिप में बैटिंग करने की कोशिश कर रहा था। जैसा कि कोच और कप्तान हमेशा कहते हैं, कंडीशन और सिचुएशन का अंदाज़ा लगाओ, समझो कि टीम तुमसे क्या उम्मीद कर रही है, अपनी जेब ढीली करो और पॉजिटिव खेलो।" जुरेल ने यह भी बताया कि वह रेगुलर सलाह के लिए पंत से बात करते हैं, खासकर इसलिए क्योंकि दोनों विकेटकीपर हैं और मिडिल ऑर्डर में बैटिंग करते हैं।

उन्होंने कहा, "जब भी वह आस-पास होते हैं, मैं उनसे सलाह लेता हूं क्योंकि उन्होंने बहुत क्रिकेट खेला है और उनके पास बहुत एक्सपीरियंस है। मैं हमेशा उनसे पूछता हूं कि मुझे अब क्या करना चाहिए और इससे बहुत मदद मिली है।"

पंत के खास बैटिंग स्टाइल के बारे में पूछे जाने पर, जुरेल ने कहा कि उन्होंने अपने सीनियर इंडिया टीममेट की नकल करने की कोशिश नहीं की। उन्होंने कहा, “टेस्ट क्रिकेट में हर किसी का खेलने का स्टाइल अलग होता है और यही खेल को खूबसूरत बनाता है। पंत अलग तरह से खेलते हैं और बहुत सारे शॉट मारते हैं, लेकिन मैं उनकी तरह नहीं खेल सकता। मैं बचपन से जिस तरह से खेलता आया हूं, उसी तरह खेलता हूं और अपने गेम प्लान पर टिके रहने की कोशिश करता हूं।” जुरेल ने कहा कि विकेटकीपर और मिडिल-ऑर्डर बैट्समैन के तौर पर पंत के एक्सपीरियंस ने उनकी गाइडेंस को यह समझने में खास तौर पर मददगार बनाया कि किन बॉलर्स पर अटैक करना है और किन स्पेल में खेलना है।

माता- पिता को किया शुक्रिया, ये बातें कहीं

25 साल के जुरेल ने कहा कि इंडिया को रिप्रेजेंट करते समय कुछ प्रेशर तो था ही, लेकिन एक माइलस्टोन तक पहुंचने के बाद उन्होंने जल्दी से रीसेट करना सीख लिया था। उन्होंने कहा, “यह स्ट्रेस-फ्री नहीं होगा क्योंकि जब आप इंडिया को रिप्रेजेंट कर रहे होते हैं, तो आप बहुत शुक्रगुजार होते हैं। शुरुआत में घबराहट होती है। आज 100 रन बनाने के बाद भी, कल मुझे जीरो से शुरू करना होगा।” जुरेल का सेंचुरी सेलिब्रेशन, एक मिलिट्री-स्टाइल सैल्यूट, उनके पिता और दादा को डेडिकेट किया गया था। उन्होंने कहा, "मेरे दादा किसान थे और मेरे पिता सैनिक थे। ये मेरी जड़ें हैं और मैं उन्हें भूलना नहीं चाहता। यह सैल्यूट मेरे पिता और दादा के लिए था।"

अपनी सेंचुरी पूरी करने से पहले के टेंशन वाले पल को याद करते हुए, जुरेल ने कहा कि जब वह 99 रन पर थे, तो श्रीलंकाई पेसर असिथा फर्नांडो ने उनकी लाइन और लेंथ टाइट कर दी थी। उन्होंने कहा, "जब मैंने वह शॉट खेला, तो वह बॉलर के सिर के ऊपर से चला गया। मुझे लगा कि गैप है और कुछ रन बन गए हैं। जब उन्होंने बॉल पकड़ी, तो मैंने सोचा, 'हे भगवान, प्लीज मुझे बचा लो'।"

जुरेल ने अपनी इस कामयाबी के पीछे अपने माता-पिता के काम और सपोर्ट के लिए भी शुक्रिया अदा किया। उन्होंने कहा, “सब देख सकते हैं कि मैंने यह किया है, लेकिन मेरे माता-पिता ने पर्दे के पीछे बहुत काम किया है। उनके सपोर्ट के बिना कुछ भी मुमकिन नहीं होता।”

Vimlesh Kumar Bhurtiya

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विमलेश कुमार भुर्तिया (Vimlesh Kumar Bhurtiya): खेल पत्रकार

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विमलेश कुमार भुर्तिया पिछले 4 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) नई दिल्ली से पत्रकारिता की पढ़ाई की है।

विस्तृत बायो

परिचय और अनुभव: विमलेश कुमार भुर्तिया भारतीय डिजिटल मीडिया जगत का एक उभरता हुआ नाम हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 4 वर्षों से अधिक का अनुभव प्राप्त है। वर्तमान में, वह भारत के अग्रणी समाचार संस्थान 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पिछले चार वर्षों से वह इसी संस्थान से जुड़े हुए हैं और डिजिटल मीडिया की गतिशीलता, कार्यशैली और प्रकृति को समझने का प्रयास किया है। उनका मानना है कि पाठक किसी भी डिजिटल प्लेटफॉर्म की रीढ़ होता है ऐसे में उनके हितों को ध्यान में रखते हुए खबरों का प्रकाशन होना चाहिए। यह पत्रकारिता को जीवंत रखता है और जर्नलिज्म का मूल गुण भी यही है।

शैक्षणिक पृष्ठभूमि
विमलेश ने भारत के सबसे प्रतिष्ठित पत्रकारिता संस्थान से अपनी शिक्षा ग्रहण की है। वे 2021-22 बैच के भारतीय जनसंचार संस्थान नई दिल्ली के छात्र रहे हैं। उन्होंने इस नामी संस्थान से रेडियो एवं टेलीविजन पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा किया है। इसके बाद उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में ही मास्टर्स यानी (M.A) की डिग्री भी हासिल की है। इन्होंने अपना ग्रेजुएशन मध्य प्रदेश के नामचीन साइंस कॉलेजों में से एक होलकर साइंस कॉलेज से किया है। ग्रेजुएशन के दूसरे साल से ही विमलेश की दिलचस्पी साहित्य और पत्रकारिता की ओर जागृत होने लगी थी। यही कारण था कि ग्रेजुएशन के दिनों में ही उन्होंने दैनिक चैतन्यलोक नामक इंदौर की क्षेत्रीय पत्रिका में काम करना शुरू कर दिया। कुछ महीनों बाद उन्होंने दैनिक भास्कर में बतौर कॉपी एडिटर ट्रेनिंग ली। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर के पत्रकारिता और जनसंचार विभाग से मास मीडिया में इंटर्नशिप की। विमलेश कुमार भुर्तिया को कंप्यूटर का भी अच्छा ज्ञान है। उन्होंने भोपाल स्थित माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय से कंप्यूटर एप्लीकेशन में डिप्लोमा किया है।

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