
धोनी, सहवाग, हरभजन, युवराज...और अब पुजारा; दिग्गजों को सम्मानजनक विदाई तक नहीं मिली
विदाई मैच के बिना दिग्गज क्रिकेटरों के संन्यास का भारत में पिछले काफी समय से एक दस्तूर सा चल गया है। इस लिस्ट में अब ताजा नाम जुड़ा है चेतेश्वर पुजारा का। धोनी, सहवाग, युवराज, हरभजन, पुजारा जैसे दिग्गजों को दर्शकों और प्रशंसकों से भरे स्टेडियम के बीच सम्मानजनक विदाई का मौका तक नहीं मिल पाया।
मैदान पर विदाई के बिना दिग्गज खिलाड़ियों का अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास भारत में पिछले काफी समय से एक दस्तूर सा बन गया है। इस कड़ी में ताजा नाम शामिल हुआ है चेतेश्वर पुजारा का। उन्होंने रविवार को क्रिकेट के हर फॉर्मेट से संन्यास से लिया। इस तरह वह महेंद्र सिंह धोनी, वीरेंदर सहवाग, युवराज सिंह जैसे क्रिकेटरों की दुर्भाग्यपूर्ण लिस्ट में शामिल हो गए जिन्हें स्टेडियम में दर्शकों और प्रशंसकों की भीड़ के बीच क्रिकेट को अलविदा कहने का मौका नहीं मिला। ये खिलाड़ी निश्चित तौर पर सम्मानजनक विदाई के हकदार थे।
चेतेश्वर पुजारा टेस्ट के स्पेशलिस्ट बैटर थे। टीम इंडिया के लिए खेलने की प्रतिबद्धता ऐसी कि पैसे की चकाचौंध के बीच उन्होंने आईपीएल के ऊपर अंतरराष्ट्रीय मैचों को ही तरजीह दी। उन्हें टेस्ट में राहुल द्रविड़ और वीवीएस लक्ष्मण का संगम कहा जा सकता था जो क्रमशः 'द वॉल' और 'वेरी वेरी स्पेशल लक्ष्मम' के नाम से जाने जाते थे। कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने भी कहा है कि पुजारा को खेल के मैदान से अपने पसंदीदा खेल को अलविदा कहने का मौका मिलना चाहिए था।
तीनों फॉर्मेट में भारत के सर्वश्रेष्ठ कप्तानों में से एक महेंद्र सिंह धोनी ने 5 साल पहले अगस्त 2020 में जब सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से अपने संन्यास का ऐलान किया तब फैन भौंचक रह गए थे। उन्होंने अपना आखिरी अंतरराष्ट्रीय मैच 2019 के विश्व कप में न्यूजीलैंड के खिलाफ खेला था।
2011 वर्ल्ड कप जीत के हीरो युवराज सिंह ने तो 2019 में खुद के लिए विदाई मैच की मांग तक की थी लेकिन बीसीसीआई ने उनकी पेशकश ठुकरा दी थी। टीम चयन में लगातार नजरअंदाज किए जाने के बाद आखिरकार उन्होंने रिटायरमेंट का ऐलान किया।
विध्वंसक ओपनर वीरेंदर सहवाग ने 2013 में अपना आखिरी अंतरराष्ट्रीय मैच खेला था। उन्होंने 2 साल तक इंतजार किया कि उन्हें ग्राउंड में क्रिकेट को अलविदा कहने का मौका मिल जाए लेकिन उन्हें सम्मानजनक विदाई का मौका नहीं मिला। वेरी वेरी स्पेशल के नाम से जाने जाने वाले और अपने दौर में भारतीय टीम के टेस्ट में सबसे बड़े संकटमोचक वीवीएस लक्ष्मण ने 2012 में होम सीरीज से कुछ दिन पहले ही संन्यास का ऐलान करना पड़ा। टेस्ट में दुनिया के सर्वश्रेष्ठ स्पिनरों में शुमार आर अश्विन को पिछले साल ऑस्ट्रेलिया दौरे के बीच में ही संन्यास का ऐलान कर दिया क्योंकि वह विदेशी दौरों पर लगातार बेंच पर बैठाए जाने से ऊब चुके थे।
जहीर खान, हरभजन सिंह, गौतम गंभीर जैसे कई अन्य खिलाड़ी भी टीम चयन में लगातार अपनी उपेक्षा के बाद खामोशी से क्रिकेट को अलविदा कह दिया।
विराट कोहली और रोहित शर्मा को भी टेस्ट में ग्राउंड से विदाई का मौका नहीं मिल पाया। हालांकि दोनों ने अभी वनडे क्रिकेट को अलविदा नहीं कहा है।






