10 विकेट चटकाने वाले मानव सुथार नहीं, बल्कि इन्हें मिला प्लेयर ऑफ द मैच अवॉर्ड; जानिए नाम
India vs Sri Lanka 1st टेस्ट मैच में 10 विकेट चटकाने वाले मानव सुथार नहीं, बल्कि एक बल्लेबाज को प्लेयर ऑफ द मैच अवॉर्ड दिया गया, क्योंकि उन्होंने शतक जड़ा था, जबकि दूसरी पारी में भी अहम रन बनाए थे।

जिस गेंदबाज ने मैच में 10 विकेट निकाले। उसकी टीम भी जीती, लेकिन उसे प्लेयर ऑफ द मैच का अवॉर्ड नहीं मिला। इसके पीछे की वजह यह थी कि जिसे यह अवॉर्ड दिया गया, उसने इस गेंदबाज से भी अच्छा प्रदर्शन इस मैच में किया था। मानव सुधार ने टीम इंडिया के लिए श्रीलंका के खिलाफ गॉल में खेले गए पहले टेस्ट मैच में 10 विकेट चटकाए, लेकिन प्लेयर ऑफ द मैच अवॉर्ड बल्लेबाज देवदत्त पडिक्कल को मिला, क्योंकि उन्होंने इस मैच की दोनों पारियों में 200 से ज्यादा रन बनाए।
दरअसल, इंडिया वर्सेस श्रीलंका फर्स्ट टेस्ट मैच की पहली पारी में देवदत्त पडिक्कल ने 230 गेंदों में 15 चौके और एक छक्के की मदद से 167 रनों की पारी खेली थी। उनका स्ट्राइक रेट 72.61 का था, जो टेस्ट क्रिकेट में अच्छा स्ट्राइक रेट माना जाता है। उन्हीं की पारी के दम पर टीम इंडिया ने 462 रनों का बड़ा स्कोर मेजबान श्रीलंका के सामने बनाया था। बड़े स्कोर के दबाव और भारत की अच्छी गेंदबाजी की वजह से श्रीलंका की टीम वहां तक नहीं पहुंच पाई और सिर्फ 284 रन ही बना सकी और 178 रनों से पिछड़ गई।
200 से ज्यादा रन देवदत्त पडिक्कल ने बनाए
इस पारी में मानव सुथार ने टीम इंडिया के लिए 4 विकेट निकाले। वहीं, जब दूसरी पारी में देवदत्त पडिक्कल बल्लेबाजी के लिए आए तो भी स्थिति टीम इंडिया की अच्छी नहीं थी। पहले ही ओवर में बल्लेबाजी के लिए उन्हें आना पड़ा था। पडिक्कल ने इस बार भी 44 रन 75 गेंदों में 6 चौकों की मदद से बनाए। भले ही वे अर्धशतक से चूक गए, लेकिन मैच में 200 से ज्यादा रन (कुल 211 रन) बना दिए। पडिक्कल की पारी की बदौलत ही भारत अच्छी स्थिति में दूसरी पारी में रहा और श्रीलंका को 462 रनों का विशाल लक्ष्य दिया।
मानव सुथार ने दूसरी पारी में चटकाए 6 विकेट
श्रीलंका की टीम को दूसरी पारी में मानव सुथार ने फिर से परेशान किया और एक के बाद एक 6 विकेट निकाले। इस तरह कुल 10 विकेट उन्हें इस मैच में मिले। ऐसे में लगा कि देवदत्त पडिक्कल को प्लेयर ऑफ द मैच का अवॉर्ड हासिल करने में दिक्कत होगी, क्योंकि मानव की परफॉर्मेंस भी शानदार थी, लेकिन जूरी ने देवदत्त पडिक्कल को ही इस अवॉर्ड का हकदार माना, क्योंकि इस पिच पर रन बनाना उतना आसान नहीं था, जबकि बारिश के कारण मैच में बाधा डल रही थी, जिससे फोकस करना कठिन होता है।



