देवदत्त पडिक्कल स्वतंत्रता दिवस पर शतक लगाने वाले पहले टेस्ट बैटर बने, कोहली भी कर चुके हैं कमाल
देवदत्त पडिक्कल टेस्ट में स्वतंत्रता दिवस पर शतक लगाने वाले भारत के पहले बल्लेबाज बन गए हैं। उनसे पहले विराट कोहली ने वनडे में 15 अगस्त को शतक जड़ा था।

भारतीय टीम के स्टार बल्लेबाज देवदत्त पडिक्कल ने शनिवार को श्रीलंका के खिलाफ पहले टेस्ट मैच में शतक लगाया है। वह स्वतंत्रता दिवस पर शतक लगाने वाले भारत के पहले टेस्ट बल्लेबाज बन गए हैं। इससे पहले ये कारनामा विराट कोहली भी कर चुके हैं लेकिन उन्होंने वनडे फॉर्मेट में ये कमाल किया था। देवदत्त ने इससे पहले श्रीलंका क्रिकेट इलेवन के खिलाफ प्रैक्टिस मैच में भी शतक ठोका था। उन्होंने गॉल में 134 गेंदों का सामना करते हुए 100 रन पूरे किए। उनकी इस दमदार पारी की बदौलत भारत बड़े स्कोर की तरफ बढ़ गया है। उनके अलावा केएल राहुल ने अर्धशतक लगाया। हालांकि वह लगातार क्रैम्प आने की वजह से रिटायर्ड हर्ट हो गए।
कोहली के बाद देवदत्तत ने स्वतंत्रता दिवस पर शतक जड़ा
स्टार बल्लेबाज देवदत्त पडिक्कल को साई सुदर्शन की जगह तीसरे नंबर पर बल्लेबाज का मौका मिला है और उन्होंने इस मौके को भुना लिया है। उन्होंने शनिवार को गॉल में खेले जा रहे मुकाबले में केएल राहुल के साथ 150 रन की दमदार साझेदारी की। इसके बाद उन्होंने शतक भी पूरा किया। उन्होंने भारतीय पारी के 57वें ओवर में केशरा के ओवर में एक रन लेकर अपना शतक पूरा किया। वह अपनी पारी में 11 चौके और एक छक्का लगा चुके हैं। वह स्वतंत्रता दिवस के दिन शतक लगाने वाले भारत के दूसरे बल्लेबाज बन गए हैं, जबकि टेस्ट में ये कारनामा करने वाले पहले बैटर हैं। विराट कोहली ने वनडे में ये कमाल किया है। उन्होंने 2019 में वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे में स्वतंत्रता दिवस पर 99 गेंद में नाबाद 114 रन बनाए। इससे पहले देवदत्त ने प्रैक्टिस मैच में 164 गेंदों में नाबाद 142 रन बनाए थे।
राहुल ने भी खेली दमदार पारी
गॉल की पिच उम्मीद के मुताबिक अब तक बल्लेबाजों के लिए अनुकूल रही। गेंद में अच्छा उछाल और पर्याप्त गति थी। प्रभात जयसूर्या, पदार्पण कर रहे ऑफ स्पिनर केशरा नुवांथा और धनंजय डी सिल्वा को कुछ मौकों पर उछाल और टर्न मिला लेकिन उनकी गेंदों की रफ्तार इतनी धीमी थी कि भारतीय बल्लेबाजों को खास परेशानी नहीं हुई। भारत के लिए चिंता का एकमात्र क्षण तब आया जब नुवांथा की गेंद पर राहुल के बल्ले का किनारा लगा लेकिन गेंद शॉर्ट लेग पर तैनात क्षेत्ररक्षक की डाइव से मामूली अंतर से दूर निकल गई। इस मौके के अलावा दोनों भारतीय बल्लेबाजों ने श्रीलंका के मजबूत गेंदबाजी आक्रमण को पूरी तरह दबाव में रखा।
राहुल ने 127 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया। सपाट और बल्लेबाजी के लिए आसान पिच होने के बावजूद उन्होंने बेहद संयमित अंदाज में बल्लेबाजी जारी रखी और अपने आक्रामक शॉट्स की झलक बहुत कम दिखाई।



