रविंद जडेजा ने बताया गॉल टेस्ट में किस तरह की गेंदें कर रही हैं परेशान, पिच में घुमाव के कारण मिल रही सफलता

गॉल, 18 अगस्त (भाषा)
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रविंद्र जडेजा ने श्रीलंका के खिलाफ पहले टेस्ट के दौरान टेस्ट क्रिकेट में 350 विकेट पूरे करने के बाद कहा कि गॉल की टर्न लेती पिच पर सबसे घातक गेंदें वे हैं जो टर्न लेने के बजाय सीधी रह जाती हैं।

Ravindra Jadeja
रवींद्र जडेजा ने कहा सीधी जाती गेंदे ज्यादा खतरनाक

अनुभवी ऑलराउंडर रविंद्र जडेजा ने श्रीलंका के खिलाफ पहले टेस्ट के दौरान टेस्ट क्रिकेट में 350 विकेट पूरे करने के बाद कहा कि गॉल की टर्न लेती पिच पर सबसे घातक गेंदें वे हैं जो टर्न लेने के बजाय सीधी रह जाती हैं और बल्लेबाज को टर्न के लिए तैयार होने के कारण चकमा दे देती हैं।

जडेजा ने अपने साथी बाएं हाथ के स्पिनर मानव सुथार के साथ बातचीत में बताया कि रक्षात्मक रवैया अपनाने वाले बल्लेबाजों के लिए यह पिच किस तरह मुश्किल हो गई थी और मेजबान टीम के खिलाड़ी स्वीप शॉट को दबाव से निकलने के लिए इस्तेमाल कर रहे थे। जडेजा ने 'बीसीसीआई.टीवी' से कहा, ''मुझे लगा कि गेंद शुरुआत में भी घूम रही थी। इसलिए बल्लेबाज के लिए हर गेंद पर आसानी से रक्षात्मक होकर खेलना आसान नहीं था। गेंद को टर्न मिल रहा था और वह कभी नीची रह रही थी तो कभी उछलकर आ रही थी।'' उन्होंने कहा, ''इसलिए मैं स्टंप की लाइन में ज्यादा गेंदबाजी करने और राउंड द विकेट से बाएं हाथ के बल्लेबाज के खिलाफ गेंदबाजी करने की कोशिश कर रहा था। जब हम दोनों गेंदबाजी कर रहे थे तो काफी टर्न मिल रहा था, ऐसे में कुछ गेंदें सीधी रह रही थीं। वे दबाव कम करने के लिए स्वीप खेल रहे थे इसलिए अगर गेंद पैड पर लगती है तो पगबाधा होने की संभावना रहती थी। राउंड द विकेट से गेंदबाजी करने पर यह हमेशा आउट हो सकता है।''

जडेजा ने सुथार की उस गेंद की भी तारीफ की जिससे उन्होंने दिनेश चांदीमल को आउट किया।सुथार ने ऑफ और मिडिल स्टंप की लाइन पर गेंद डाली। गेंद की लाइन ने चांदीमल को आगे आने के लिए मजबूर किया। इसके बाद गेंद ने पर्याप्त टर्न लिया और अतिरिक्त उछाल के साथ बल्ले का बाहरी किनारा लेकर ऋषभ पंत के दस्तानों में चली गई। जडेजा ने कहा, ''वह काफी स्तरीय गेंद थी। गेंद आपके हाथ से काफी अच्छी तरह निकली। गेंद पर पर्याप्त घुमाव था। यह बाएं हाथ के स्पिनर की सबसे पसंदीदा गेंद होती है।''

मैच में मजबूत स्थिति में है टीम इंडिया

बता दें कि मुकाबले में टीम इंडिया मजबूत स्थिति में है। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 462 रन बनाए थे, जिसके जवाब में श्रीलंका की पूरी टीम 284 पर आउट हो गई। पहली पारी में गिल एंड कंपनी को शानदार बढ़त मिली। हालांकि, मुकाबले के चौथे दिन दूसरी पारी में भारत सिर्फ 193 रनों पर सिमट गया। श्रीलंका को 371 रनों का लक्ष्य मिला। हालांकि, इसके जवाब में श्रीलंका की टीम काफी लचर स्थिति में नजर आ रही है। 84/4 स्कोर है। जीतने के लिए 288 रनों की जरूरत है और 6 विकेट शेष हैं।

Vimlesh Kumar Bhurtiya

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विमलेश कुमार भुर्तिया (Vimlesh Kumar Bhurtiya): खेल पत्रकार

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विमलेश कुमार भुर्तिया पिछले 4 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) नई दिल्ली से पत्रकारिता की पढ़ाई की है।

विस्तृत बायो

परिचय और अनुभव: विमलेश कुमार भुर्तिया भारतीय डिजिटल मीडिया जगत का एक उभरता हुआ नाम हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 4 वर्षों से अधिक का अनुभव प्राप्त है। वर्तमान में, वह भारत के अग्रणी समाचार संस्थान 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पिछले चार वर्षों से वह इसी संस्थान से जुड़े हुए हैं और डिजिटल मीडिया की गतिशीलता, कार्यशैली और प्रकृति को समझने का प्रयास किया है। उनका मानना है कि पाठक किसी भी डिजिटल प्लेटफॉर्म की रीढ़ होता है ऐसे में उनके हितों को ध्यान में रखते हुए खबरों का प्रकाशन होना चाहिए। यह पत्रकारिता को जीवंत रखता है और जर्नलिज्म का मूल गुण भी यही है।

शैक्षणिक पृष्ठभूमि
विमलेश ने भारत के सबसे प्रतिष्ठित पत्रकारिता संस्थान से अपनी शिक्षा ग्रहण की है। वे 2021-22 बैच के भारतीय जनसंचार संस्थान नई दिल्ली के छात्र रहे हैं। उन्होंने इस नामी संस्थान से रेडियो एवं टेलीविजन पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा किया है। इसके बाद उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में ही मास्टर्स यानी (M.A) की डिग्री भी हासिल की है। इन्होंने अपना ग्रेजुएशन मध्य प्रदेश के नामचीन साइंस कॉलेजों में से एक होलकर साइंस कॉलेज से किया है। ग्रेजुएशन के दूसरे साल से ही विमलेश की दिलचस्पी साहित्य और पत्रकारिता की ओर जागृत होने लगी थी। यही कारण था कि ग्रेजुएशन के दिनों में ही उन्होंने दैनिक चैतन्यलोक नामक इंदौर की क्षेत्रीय पत्रिका में काम करना शुरू कर दिया। कुछ महीनों बाद उन्होंने दैनिक भास्कर में बतौर कॉपी एडिटर ट्रेनिंग ली। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर के पत्रकारिता और जनसंचार विभाग से मास मीडिया में इंटर्नशिप की। विमलेश कुमार भुर्तिया को कंप्यूटर का भी अच्छा ज्ञान है। उन्होंने भोपाल स्थित माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय से कंप्यूटर एप्लीकेशन में डिप्लोमा किया है।

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