डेविड मिलर को ‘बुरे सपने’ की तरह सताएगी ये गलती, उनका ओवरकॉन्फिडेंस दिल्ली कैपिटल्स को ले डूबा
211 रनों के टारगेट का पीछा करने उतरी दिल्ली कैपिटल्स ज्यादातर समय चेज में नहीं दिख रही थी। मगर डेविड मिलर ने ऐसी कमाल की पारी खेली की 19वें ओवर क बाद डीसी की जीत की संभावना लगभग 70 प्रतिशत थी।
डेविड मिलर ने गुजरात टाइटंस के खिलाफ मुकाबले में 20वें ओवर की 5वीं गेंद पर एक रन क्यों नहीं लिया? यह सवाल काफी दिनों तक चर्चा में रहने वाला है। DC के खेमे में भी इसको लेकर चर्चा होने वाली है। उनका एक रन लेने का ना फैसला तो डेविड मिलर को 'बुरे सपने' की तरह सताने वाला है। मगर ऐसा क्यों हुआ? 211 रनों के टारगेट का पीछा करने उतरी दिल्ली कैपिटल्स ज्यादातर समय चेज में नहीं दिख रही थी। ESPN क्रिकइन्फो के अनुसार सिर्फ 9वें ओवर में ही डीसी की जीत की संभावना 50 प्रतिशत से अधिक थी। मगर डेविड मिलर ने ऐसी कहानी पलटी की 19वें ओवर के बाद दिल्ली की जीत की संभावना लगभग 70 प्रतिशत पहुंच गई थी।
आखिरी ओवर में क्या ड्रामा हुआ?
19वें ओवर में मोहम्मद सिराज को 23 रन पड़ने के बाद गुजरात टाइटंस की टीम लगभग-लगभग मुकाबले से बाहर हो गई थी। चोटिल डेविड मिलर घायल शेयर की तरह जीटी के गेंदबाजों पर अटैक कर रहे थे। आखिरी ओवर में 13 रनों की दरकार थी। मिलर ने पहली 4 गेंदों पर ही एक चौके और एक गगनचुंबी छक्के की मदद से 11 रन बटौर लिए थे। मिलर ने चौथी गेंद पर जो प्रसिद्ध कृष्णा को छक्का लगाया वह 106 मीटर लंबा था।
मिलर पूरे कॉन्फिडेंस में थे, मगर यह कॉन्फिडेंस कब ओवर कॉन्फिडेंस में बदला किसी को समझ नहीं आया।
आखिरी गेंद पर जब दिल्ली कैपिटल्स को दो रनों की दरकार थी तो डेविड मिलर के पास पांचवीं गेंद पर सिंगल लेने का मौका आया, मगर उन्होंने एक रन लेने से मना कर दिया।
प्रसिद्ध कृष्णा की पांचवीं गेंद मिलर के बैट पर लगकर डीप स्क्वायर लेग की दिशा में गई। मिलर चाहते तो वह एक रन लेकर स्कोर बराबर कर सकते थे। यहां दिल्ली कम से कम हार को टाल सकता था। मगर कॉन्फिडेंस से भरे मिलर ने नकार दिया।
वह हीरो बनना चाहते थे, आखिरी गेंद पर बड़ा शॉट लगाकर टीम को जीत दिलाना चाहते थे। मगर वो कहते हैं ना क्रिकेट से बड़ा कोई हीरो नहीं है। अगर आप गेम से बड़ा बनने की कोशिश करते हैं तो यह गेम आपको अपनी असली जगह दिखा देता है।
मिलर के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। पांचवीं गेंद पर एक रन लेने से मना करने के बाद, उन्हें आखिरी गेंद पर भी सिंगल नहीं मिला।
प्रसिद्ध कृष्णा ने आखिरी गेंद स्लोअर बाउंसर डाली, पुल शॉट मारने के प्रयास में मिलर गेंद को छू भी नहीं पाए। वह एक रन के लिए जरूर भागे, मगर विकेट के पीछे मुस्तैदी से खड़े जोस बटलर ने कुलदीप यादव को रनआउट कर मैच खत्म कर दिया। जहां डीसी की जीत लगभग-लगभग तय हो गई थी, वहां उन्हें 1 रन से हार का सामना करना पड़ा।
डेविड मिलर अंत तक नाबाद रहे, उन्होंने 20 गेंदों पर 3 चौकों और इतने ही गगनचुंबी छक्कों की मदद से 41 रनों की पारी खेली, मगर वह टीम को जीत नहीं दिला पाए।
लेखक के बारे में
Lokesh Kheraलोकेश खेड़ा लाइव हिन्दुस्तान में बतौर डिप्टी चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर काम कर रहे हैं। हिंदी पत्रकारिता में इन्हें एक दशक से भी अधिक का अनुभव है। बचपन की अपनी रुचि को प्रोफेशनल करियर में तबदील करते हुए 2018 में बतौर खेल पत्रकार अपना सफर शुरू किया। क्रिकेट के साथ बॉक्सिंग, कबड्डी, बैडमिंटन, हॉकी, एथलेटिक्स समेत तमाम खेलों को बारीकी से कवर करते हैं। क्रिकेट टुडे के साथ उनकी पारी का आगाज हुआ, जहां उन्होंने वेबसाइड के साथ मैगजीन के लिए काम किया। इसके बाद वह इंडिया टीवी के साथ जुड़े और वहां तीन साल अपनी सेवाएं दी। इस दौरान ओलंपिक, कॉमनवेल्थ गेम्स, 2019 वनडे वर्ल्ड कप और 2021 टी20 वर्ल्ड कप जैसे तमाम इवेंट कवर किए और कई इंटरव्यू भी लिए, जिसमें दानिश कनेरिया और चेतन साकारिया जैसे इंटरनेशनल स्टार शामिल हैं। लाइव हिन्दुस्तान के साथ वह फरवरी 2022 जुड़े। यहां भी उन्होंने कॉमनवेल्थ, ओलंपिक, 2023 वनडे वर्ल्ड कप, 2024 टी20 वर्ल्ड कप, 2025 चैंपियंस ट्रॉफी जैसे बड़े-बड़े इंटरनेशनल इवेंट को बखूबी कवर किया और नई सचें सीखने में हमेशा रुचि रखते हैं। क्रिकेट पढ़ने लिखने के अलावा खुद खेलना भी पंसद करते हैं। इसके अलावा किताबें पढ़ना भी पंसद है।
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