आंकड़ों ने खोली शुभमन गिल की टीम की पोल-पट्टी, DC के खिलाफ मिली जीत को गनीमत ही मानिए
शुभमन गिल के आउट होने पर तो मानों गुजरात की गाड़ी पर ब्रेक ही लग गया हो। अगली 15 गेंदों पर 35-40 तो छोड़ो गुजरात की टीम 7.39 के रन रेट के साथ 17 ही रन बना पाई।

व्हॉइट बॉल क्रिकेट में फिनिशर की भूमिका काफी अहम होती है। जब बात टी20 क्रिकेट की आती है तो हर किसी की नजरें उन पर रहती है। टी20 क्रिकेट भी पिछले कुछ समय से काफी बदला है। अब फिनिशर की तरह ओपनर्स भी तेजी से रन बटौरते हैं। यही वजह है कि हमें लगातार 200-220 के स्कोर देखने को मिलते हैं। इसका मतलब यह नहीं है कि फिनिशर की भूमिका नहीं रह गई है। अभी भी टीमों को अच्छी शुरुआत के बाद पारी को हाई नोट पर खत्म करने के लिए फिनिशर की ही जरूरत पड़ती है। मगर हाल ही में सामन आए आंकड़ों ने शुभमन गिल की अगुवाई वाली गुजरात टाइटंस की पोल-पट्टी खोलकर रख दी है।
दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ खुली गुजरात टाइटंस की पोल-पट्टी
डीसी के खिलाफ गुजरात टाइटंस ने पहले बैटिंग करते हुए निर्धारित 20 ओवर 209 रन बनाए थे। जब तक शुभमन गिल क्रीज पर थे तो जीटी का रन रेट 10 के पार चल रहा था। 17.3 ओवर में गुजरात का स्कोर 183 रन था, उस समय उनका रन रेट 10.57 था। तब ऐसा लग रहा था कि बची 15 गेंदों पर गुजरात 35-40 रन तो और बना ही लेगी। दिल्ली के छोटे मैदान पर ऐसा करना कोई मुश्किल काम नहीं था।
मगर गिल के आउट होने पर तो मानों गुजरात की गाड़ी पर ब्रेक ही लग गया हो। अगली 15 गेंदों पर 35-40 तो छोड़ो गुजरात की टीम 7.39 के रन रेट के साथ 17 ही रन बना पाई।
जीटी ने दिल्ली के सामने 210 रनों का टारगेट रखा जिसे टीम बड़ी ही मुश्किल से सिर्फ 1 रन से डिफेंड करने में कामयाब रही। इस जीत को गनीमत ही मानिए, क्योंकि अगर आखिरी ओवर की पांचवीं गेंद पर मिलर एक रन लेने से मना नहीं करते तो मैच का बेशक सुपर ओवर में तो जाता, जीटी को हार का सामना भी करना पड़ सकता था।
गुजरात टाइटंस का पहले भी हो चुका है ऐसा हाल
ऐसा नहीं है कि सिर्फ दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ डेथ ओवर्स में गुजरात टाइटंस का यह हाल हुआ है। इससे पहले खेले पिछले दो मुकाबलों की भी सेम कहानी है, उन दोनों ही मैचों में गुजरात को हार का सामना करना पड़ा था।
डीसी ने दूसरी पारी में आखिरी पांच ओवरों में 67 रन बनाए, जबकि जीटी के 49 रन थे। राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ जीटी के पिछले मैच में, उन्होंने आखिरी पांच ओवरों में 43 रन बनाए, जो आरआर के 50 से सात कम थे। उससे पहले के मैच में, यह उसी चरण में गुजरात का स्कोर 34 था, जबकि पंजाब किंग्स ने पांच कम गेंदों में 44 रन बनाए थे।
पहले तीन मैचों में गुजरात टाइटंस के फिनिशर्स ने निराश किया है, दिल्ली के खिलाफ मिली करीबी जीत उनके लिए वेकअप कॉल है। अगर आगामी मैचों में गुजरात की टीम अपनी पारी को अच्छे से फिनिश नहीं कर पाती है तो उनके लिए मुश्किलें खड़ी हो सकती है।
लेखक के बारे में
Lokesh Kheraलोकेश खेड़ा लाइव हिन्दुस्तान में बतौर डिप्टी चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर काम कर रहे हैं। हिंदी पत्रकारिता में इन्हें एक दशक से भी अधिक का अनुभव है। बचपन की अपनी रुचि को प्रोफेशनल करियर में तबदील करते हुए 2018 में बतौर खेल पत्रकार अपना सफर शुरू किया। क्रिकेट के साथ बॉक्सिंग, कबड्डी, बैडमिंटन, हॉकी, एथलेटिक्स समेत तमाम खेलों को बारीकी से कवर करते हैं। क्रिकेट टुडे के साथ उनकी पारी का आगाज हुआ, जहां उन्होंने वेबसाइड के साथ मैगजीन के लिए काम किया। इसके बाद वह इंडिया टीवी के साथ जुड़े और वहां तीन साल अपनी सेवाएं दी। इस दौरान ओलंपिक, कॉमनवेल्थ गेम्स, 2019 वनडे वर्ल्ड कप और 2021 टी20 वर्ल्ड कप जैसे तमाम इवेंट कवर किए और कई इंटरव्यू भी लिए, जिसमें दानिश कनेरिया और चेतन साकारिया जैसे इंटरनेशनल स्टार शामिल हैं। लाइव हिन्दुस्तान के साथ वह फरवरी 2022 जुड़े। यहां भी उन्होंने कॉमनवेल्थ, ओलंपिक, 2023 वनडे वर्ल्ड कप, 2024 टी20 वर्ल्ड कप, 2025 चैंपियंस ट्रॉफी जैसे बड़े-बड़े इंटरनेशनल इवेंट को बखूबी कवर किया और नई सचें सीखने में हमेशा रुचि रखते हैं। क्रिकेट पढ़ने लिखने के अलावा खुद खेलना भी पंसद करते हैं। इसके अलावा किताबें पढ़ना भी पंसद है।
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