कोच रयान तोड़ना चाहते हैं टीम इंडिया से नाता, इंग्लैंड सीरीज के बाद क्या गौतम गंभीर ऐसा करेंगे?
रयान टेन डोएशे भारत के असिस्टेंट कोच हैं। वह दो साल से भारतीय टीम से जुड़े हैं। रयान का कॉन्ट्रैक्ट खत्म होने वाला है। उनकी गौतम गंभीर से अच्छी बनती है।

असिस्टेंट कोच रयान टेन डोएशे टीम इंडिया से नाता तोड़ना चाहते हैं। इंग्लैंड के खिलाफ जारी तीन मैचों की वनडे सीरीज उनका आखिरी असाइनमेंट हो सकती है। हालांकि, भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसआई) और हेड कोच गौतम गंभीर ने अभी तक रयान को हरी झंडी नहीं दी है। नीदरलैंड के पूर्व क्रिकेटर रयान दो साल से भारतीय टीम से जुड़े हैं। उनके कॉन्ट्रैक्ट में विस्तार का प्रावधान है।
रयान का कॉन्ट्रैक्ट खत्म हो चुका
क्रिकबज की रिपोर्ट के अनुसार, रयान बीसीसीआई को जिम्मेदारी छोड़ने की इच्छा के बारे में पहले ही बता चुके है। सूत्रों का कहना है कि उनके फैसले के पीछे कई कारण हैं लेकिन नौकरी से नाखुशी जैसी चीज नहीं। ऐसे में कहा जा सकता है कि अगर उनका टीम से नाता टूटा तो यह आपसी सहमति से एक सौहार्दपूर्ण विदाई होगी। नीदरलैंड्स के पूर्व खिलाड़ी का बीसीसीआई के साथ शुरुआती कॉन्ट्रैक्ट पूरा हो चुका है। माना जा रहा कि उनका कार्यकाल 12-14 जुलाई के आसपास खत्म हो गया। भारतीय टीम अभी इंग्लैंड के दौरे पर है और उन्हें लॉर्ड्स में तीसरे वनडे के बाद रिलीव किया जा सकता है।
परिवार पर ध्यान देना चाहते रयान
रिपोर्ट के मुताबिक, रयान निजी कारणों से अलग होना चाहते हैं। वह अपने तीन छोटे बेटों पर ध्यान देना चाहते हैं क्योंकि उनकी पत्नी काम कर रही हैं। वह लंदन में रहने वाले अपने परिवार को ज्यादा समय देना चाहते हैं। भारतीय टीम से जुड़े होने के कारण रयान को काफी ट्रैवल करना पड़ा है। माना जा रहा है कि वह ऐसी भूमिका की तलाश में हैं जिसमें कम ट्रैवल करना पड़े और अपने परिवार के साथ ज्यादा समय बिता सकें।
सीरीज के बाद क्या गंभीर ऐसा करेंगे?
इसके अलावा, असिस्टेंट कोच के तौर पर रयान को अपने रोल के बारे में पूरी क्लियरिटी नहीं होने भी कारण हो सकता है। उनकी विशेषज्ञता का मुख्य क्षेत्र फील्डिंग है लेकिन टी दिलीप पहले से ही भारतीय टीम के साथ फील्डिंग कोच के तौर पर काम कर रहे हैं। वैसे माना जाता है कि गंभीर के साथ उनके पर्सनल और प्रोफेशनल रिश्ते अच्छे हैं। इंडिया का हेड कोच बनने के बाद गंभीर ने ही बीसीसीआई को उनके नाम की सिफारिश की थी। गंभीर कई मामलों में रयान पर बहुत ज्यादा निर्भर करते हैं। इस बात की भी संभावना है कि हेड कोच उनके इस्तीफे को वीटो कर सकते हैं और कॉन्ट्रैक्ट बढ़ सकता है। 2025 चैंपियंस ट्रॉफी जीतने के बाद दिलीप को एक साल का विस्तार दिया गया था, लेकिन अब उन्हें एक और साल का कार्यकाल मिलने की संभावना काफी कम है।
लेखक के बारे में
Md.Akramमोहम्मद अकरम: खेल पत्रकार
परिचय: मोहम्मद अकरम 10 सालों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और फिलहाल लाइव हिन्दुस्तान में डिप्टी चीफ कंटेंट प्रॉड्यूसर के तौर पर कार्यरत हैं। इन्हें खेल और राजनीति की दुनिया में गहरी दिलचस्पी है। क्रिकेट और अन्य खेलों से जुड़े अपडेट्स, मैच एनालिसिस और स्टोरी रिसर्च बखूबी अंजाम देते हैं। अकरम का मानना है कि खेल पत्रकारिता सिर्फ स्कोर बताने तक सीमित नहीं है, बल्कि खेल की भावना, खिलाड़ियों की मेहनत और उससे जुड़ी कहानियों को सामने लाना भी उतना ही जरूरी है।
अनुभव: अकरम को कंटेंट रिसर्च, स्क्रिप्ट राइटिंग, स्टोरीटेलिंग और एडिटिंग का अच्छा अनुभव है। 2016 में अमर उजाला की ओर से पत्रकारिता में डेब्यू किया। 2019 में टाइम्स नाउ से जुड़े और पांच साल यहां रहे। साल 2022 से लाइव हिंदुस्तान का हिस्सा हैं। डिजिटल मीडिया के बदलते ट्रेंड्स, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स और ऑडियंस बिहेवियर को समझकर कंटेंट तैयार करते हैं, जो प्रभावशाली हो। ओलंपिक, कॉमनवेल्थ, एशियन गेम्स, क्रिकेट वर्ल्ड कप और आईपीएल जैसे इवेंट कवर किए हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि: अकरम ने जामिया मिल्लिया इस्लामिया से बी.ए. (ऑनर्स) मास मीडिया और आईआईएमसी से पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया है। शैक्षणिक पृष्ठभूमि और प्रोफेशनल अनुभव ने अकरम को मीडिया की बुनियादी समझ के साथ-साथ प्रैक्टिकल अप्रोच भी दी है। सीखते रहना और खुद को लगातार अपडेट करना प्रोफेशनल आदतों में शामिल है।
विशेषज्ञता:
मैचों की लाइव कवरेज और एनालिसिस
स्टैट्स बेस्ड दिलचस्पी स्टोरीज
हेडलाइन फ्रेमिंग और कॉपी एडिटिंग में मजबूत पकड़
डेडलाइन मैनेजमेंट और हाई-प्रेशर सिचुएशन में सटीक निर्णय



