
कई यादगार सीरीज का रहे हिस्सा मगर चेतेश्वर पुजारा किसे मानते हैं बेस्ट में से एक?
संक्षेप: अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कहने के बाद अपने इंटरव्यू में चेतेश्वर पुजारा ने 2018-19 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट सीरीज को सर्वश्रेष्ठ टेस्ट सीरीज में से एक बताया है। उस सीरीज में पुजारा न सिर्फ टॉप स्कोरर रहे थे बल्कि पहली बार भारत ने ऑस्ट्रेलिया को उसी के घर में 2-1 से हराया था।
टेस्ट के विशेषज्ञ बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा ने रविवार को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास का ऐलान कर दिया। वह टेस्ट में भारत की तरफ से 8वें सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज हैं। 100 से ज्यादा टेस्ट खेल चुके पुजारा कई यादगार सीरीज का हिस्सा रहे हैं लेकिन वह खुद किस सीरीज को बेस्ट में गिनते हैं? रिटायरमेंट के बाद हमारे सहयोगी हिंदुस्तान टाइम्स को दिए इंटरव्यू में उन्होंने इसका खुलासा किया।

चेतेश्वर पुजारा ने 2018 और 2020-21 के ऑस्ट्रेलिया दौरे पर जबरदस्त बल्लेबाजी की थी। उनसे सवाल किया गया कि इन दौरों पर बनाए गए रनों का आपको कितना गर्व है। इसके जवाब में उन्होंने कहा कि 2018 की सीरीज तो बेस्ट टेस्ट सीरीज में से एक है।
पुजारा ने कहा, '2018 वाली तो बेस्ट टेस्ट सीरीज में से एक है, सिर्फ व्यक्तिगत रनों (521) के लिए नहीं, बल्कि इसलिए कि हमने पहली बार ऑस्ट्रेलियाई सरजमीं पर जीते थे। 20-21 की सीरीज इसलिए कि हम तमाम चोटों और कोरोना काल के बाद जीते थे। 2017 में होम सीरीज में ऑस्ट्रेलिया पर जीत की बहुत बात नहीं होती, लेकिन वह भी स्पेशल थी।'
2018-19 के ऑस्ट्रेलिया दौरे पर भारतीय टीम ने इतिहास रचा था। 4 टेस्ट मैच की सीरीज में भारत ने 2-1 से जीत हासिल की थी। पहली बार ऑस्ट्रेलियाई सरजमीं पर टीम इंडिया ने कोई टेस्ट सीरीज जीती थी।
उस सीरीज में चेतेश्वर पुजारा दोनों टीमों की तरफ से सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज थे। वह दूसरे टॉप स्कोरर भारत के ही ऋषभ पंत से काफी आगे थे। उस सीरीज में पुजारा ने 4 मैट की 7 पारियों में 74.42 के औसत से 521 रन बनाए थे। इस दौरान उन्होंने 3 शतक और 1 अर्धशतक जड़ा। उनकी सर्वोच्च पारी 193 रन की थी। पंत 350 रन के साथ दूसरे, विराट कोहली 282 रन के साथ तीसरे और ऑस्ट्रेलिया के मार्कस सिनक्लेयर हैरिस 258 रन के साथ सीरीज के चौथे टॉप स्कोरर थे।
उस साल बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी का पहला मैच एडिलेड में खेला गया था जिसे भारत ने 31 रन से जीता था। पर्थ में खेले दूसरे टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया ने वापसी करते हुए 146 रन से जीत हासिल की। उसके बाद मेलबर्न में खेले तीसरे टेस्ट में भारत ने 137 रन से जीत दर्ज की। सिडनी में खेला गया चौथा टेस्ट ड्रॉ रहा था।
चेतेश्वर पुजारा के टेस्ट करियर की बात करें तो उन्होंने कुल 103 टेस्ट में 43.60 के औसत से 7195 रन बनाए। इसमें उनके 19 शतक और 35 अर्धशतक शामिल हैं। उनकी टेस्ट में सबसे बड़ी पारी 206 रन नॉट आउट की थी।






