श्रेयस अय्यर 2023 के बाद से एक भी T20I नहीं खेले, अब सीधे टीम इंडिया के कप्तान, क्या होगी चुनौतियां?
सूर्यकुमार यादव की जगह श्रेयस अय्यर को अब भारतीय टी20 टीम की कमान मिलने जा रही है। बतौर कप्तान अय्यर के सामने तो सबसे बड़ी चुनौती सूर्यकुमार जैसी स्थिति से बचने की होगी। सूर्या इस फॉर्मेट के बेस्ट कप्तानों में से एक रहे लेकिन उनके व्यक्तिगत प्रदर्शन का ग्राफ गिर गया। अय्यर को इससे बचना होगा।

सूर्यकुमार यादव से भारतीय टी20 टीम की कप्तानी छिन गई है। श्रेयस अय्यर के रूप में उनके उत्तराधिकारी का नाम भी तय हो चुका है। हालांकि बीसीसीआई की तरफ से अभी आधिकारिक ऐलान नहीं हुआ है। सूर्या को कप्तानी से हटाया जाना बिल्कुल भी चौंकाने वाला फैसला नहीं है। ये तो स्वाभाविक था और खुद सूर्या को भी इसका अंदाजा रहा होगा। बीसीसीआई की नजर अब 2028 के टी20 वर्ल्ड कप के लिए टीम तैयार करने पर है। उनकी जगह किसी युवा को कप्तानी दिया ही जाना था। श्रेयस अय्यर पिछले करीब ढाई-3 साल से टी20 इंटरनेशनल से दूर हैं। ऐसे में कप्तानी की रेस में उनका सबसे आगे आना जरूर थोड़ा चौंकाने वाला है।
लंबे समय बाद T20I खेलने पर जल्द लय हासिल करने की चुनौती
श्रेयस अय्यर ने आखिरी बार दिसंबर 2023 में कोई टी20 इंटरनेशनल मैच खेला था। तब ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बेंगलुरु में वह खेले थे। ऐसे में उन पर अपने फॉर्म को हासिल करने की चुनौती होगी। अय्यर टी20 इंटरनेशनल से भले ही लंबे समय तक दूर रहे, टी20 क्रिकेट से दूर नहीं थे। इस दौरान आईपीएल में वह बल्लेबाज के साथ-साथ कप्तान के तौर पर भी शानदार प्रदर्शन करते रहे। आईपीएल 2024 में उन्होंने अपनी कप्तानी में केकेआर को चैंपियन बनाए थे। 2025 में उनकी कप्तानी में पंजाब किंग्स फाइनल तक पहुंची और रनर-अप रही। हालांकि इस बार पंजाब किंग्स प्लेऑफ में नहीं पहुंच पाई। शानदार शुरुआत के बाद टीम आगे जाकर लड़खड़ा गई थी। वैसे आईपीएल 2026 में बतौर बल्लेबाज अय्यर के प्रदर्शन को खराब नहीं कहा जा सकता।
कप्तानी का दबाव खुद की बल्लेबाजी पर न पड़े
वैसे आईपीएल टीम के नेतृत्व करने और राष्ट्रीय टीम के नेतृत्व करने में फर्क होता है। राष्ट्रीय टीम की कप्तानी इतनी बड़ी जिम्मेदारी होती है कि इसे मिलने के बाद अच्छा से अच्छा खिलाड़ी भी दबाव में आ सकता है। सूर्यकुमार यादव के साथ ऐसा हो चुका है। कप्तान बनने के बाद बतौर बल्लेबाज उनके प्रदर्शन में नाटकीय गिरावट देखने को मिला। हालांकि कप्तानी में उनका कोई सानी नहीं रहा। सूर्या की गिनती टी20 इंटरनेशनल के सर्वश्रेष्ठ कप्तानों में होती है। श्रेयस अय्यर पर राष्ट्रीय टीम की कप्तानी का दबाव होगा, लेकिन उन्हें ये ध्यान रखना होगा कि उनके साथ सूर्या की तरह न हो। यानी कप्तानी के दबाव में बतौर खिलाड़ी खुद के प्रदर्शन में गिरावट न हो।
हेड कोच गौतम गंभीर के साथ तालमेल की चुनौती
रिपोर्ट्स के मुताबिक टीम इंडियी की टी20 कप्तानी के लिए श्रेयस अय्यर हेड कोच गौतम गंभीर की पहली पसंद नहीं थे। हालांकि मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर अय्यर के पक्ष में थे। ऐसे में श्रेयस अय्यर के लिए हेड कोच गौतम गंभीर और सीनियर खिलाड़ियों के साथ तालमेल बनाने की चुनौती होगी।
मिशन 2028 के लिए टीम को तैयार करने की चुनौती
श्रेयस अय्यर के सामने 2028 के टी20 वर्ल्ड कप के लिए एक मजबूत टीम बनाने की भी चुनौती होगी। उन्हें टीम की कमान ऐसे वक्त मिली है जब आगामी वर्ल्ड कप के मद्देनजर टीम धीरे-धीरे ट्रांजिशन की तरफ बढ़ रही है। उन पर युवा टैलेंट्स को गढ़ने, मांजने और संवारने की बड़ी जिम्मेदारी होगी।
लेखक के बारे में
Chandra Prakash Pandeyचन्द्र प्रकाश पाण्डेय वर्तमान में लाइव हिंदुस्तान में स्पोर्ट्स सेक्शन के इंचार्ज के रूप में कार्यरत हैं। टीवी और डिजिटल पत्रकारिता में करीब दो दशक का अनुभव रखने वाले चन्द्र प्रकाश को जटिल विषयों का सरल विश्लेषण करने में महारत हासिल है। बचपन में न्यूज के प्रति ऐसा प्रेम हुआ कि रात में रेडियो पर न्यूज बुलेटिन के दौरान पढ़ाई-लिखाई का अभिनय करते लेकिन कान और दिल-दिमाग ध्वनि तरंगों पर अटका रहता। तब क्या पता था कि आगे चलकर न्यूज की दुनिया में ही रचना-बसना है। रेडियो में कभी काम तो नहीं किया लेकिन उस विधा के कुछ दिग्गज प्रसारकों संग टीवी न्यूज की दुनिया में कदमताल जरूर किया। चन्द्र प्रकाश पाण्डेय ने टीवी पत्रकारिता से शुरुआत की। पेशे में पहला दशक टीवी न्यूज के ही नाम रहा जहां उन्होंने 'न्यूज24', 'श्री न्यूज', 'फोकस न्यूज', 'न्यूज वर्ल्ड इंडिया' और भोजपुरी न्यूज चैनल 'हमार टीवी' में अलग-अलग समय पर अलग-अलग भूमिकाएं निभाई। इस दौरान डेली न्यूज शो के साथ-साथ 'विनोद दुआ लाइव: आजाद आवाज' जैसे कुछ स्पेशल शो के लिए भी लेखन किया। अगस्त 2016 में उन्होंने 'नवभारत टाइम्स' के साथ डिजिटल जर्नलिज्म की दुनिया में कदम रखा। NBT में उन्होंने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिक्स, जियोपॉलिटिक्स, क्राइम, स्पोर्ट्स, कोर्ट से जुड़ी खबरों का लेखन-संपादन किया। इस दौरान उन्होंने लोकसभा और विधानसभा चुनावों समेत महत्वपूर्ण विषयों पर कई स्पेशल सीरीज भी लिखी जिनमें लीगल न्यूज एक्सप्लेनर्स 'हक की बात' की एक लंबी श्रृंखला भी शामिल है। मार्च 2025 से वह लाइव हिंदुस्तान में शब्दाक्षरों के चौके-छक्के जड़ रहे हैं।
चन्द्र प्रकाश पाण्डेय मूल रूप से यूपी के देवरिया के रहने वाले हैं। गांव की मिट्टी में पलते-बढ़ते, खेत-खलिहान में खेलते-कूदते इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई की। उसके बाद मैथमेटिक्स का छात्र 'राजनीति कला है या विज्ञान?' में उलझ गया। बी.ए. और बी. एड. की पढ़ाई के बाद पत्रकारिता की ओर रुझान बढ़ा और मॉस कम्यूनिकेशंस में मास्टर्स किया। अभी भी सीखने-समझने का सतत क्रम जारी है।
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