दलीप ट्रॉफी फाइनल कब हाथ से फिसला? कप्तान तिलक वर्मा ने बेझिझक बताया, बोले- अगर हम तीन दिन खेलते तो…
Tilak Varma on Duleep Trophy Final: साउथ जोन की दलीप ट्रॉफी 2026 के फाइनल में ईस्ट जोन से टक्कर हुई। ईस्ट जोन को विजेता घोषित किया गया। जानिए, साउथ जोन के कप्तान तिलक वर्मा ने क्या कुछ कहा?

ईस्ट जोन ने दलीप ट्रॉफी 2026 का खिताब अपने नाम कर लिया। ईस्ट जोन की फाइनल में चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में साउथ जोन से भिड़ंत हुई। गुरुवार को यानी पांचवें दिन फाइनल ड्रॉ रहा। ईस्ट जोन को पहली पारी की बढ़त के आधार पर विजेता घोषित किया गया है। कप्तान ईशान किशन (270) के दोहरे शतक के दम पर ईस्ट जोन ने पहली पारी में 708 रन जुटाए। जवाब में तिलक वर्मा की अगुवाई वाली साउथ जोन ने 336 रन जुटाए। ईस्ट जोन को 372 रन की बढ़त मिली। तिलक के बल्ले से 99 रनों की पारी निकली। वहीं, ईस्ट जोन अपनी दूसरी पारी में सात विकेट पर 388 रन जुटाए जिससे उसकी कुल बढ़त 760 रन तक पहुंच गई। इसके बाद मुकाबला ड्रॉ घोषित हो गया। कप्तान तिलक वर्मा कबूल किया है कि उनकी टीम के हाथ से मैच पांचवें दिन नहीं बल्कि दूसरे दिन ही फिसला गया था, जब ईस्ट जोन ने 700 रनों का आंकड़ा छुआ।
'अगर हम तीन दिन खेलते तो क्या पता…'
तिलक ने फाइनल के बाद कहा, ''ईमानदारी से कहूं तो यह हमारे लिए निराशाजनक है लेकिन इस मैच से बहुत कुछ सीखने को मिला। उम्मीद है कि हम और मजबूत होकर वापस आएंगे। पहले दिन हम बेहतर कर सकते थे, लेकिन उन्होंने 700 प्लस रन बनाकर गेम अपने नाम कर लिया। सब जानते हैं कि 700 प्लस रन का पीछा करना थोड़ा मुश्किल है। उनके बल्लेबाजों को श्रेय जाता है। कुछ फेज ऐसे रहे, जिनमें हम बेहतर कर सकते थे। सच कहूं तो हमने उतनी अच्छी बॉलिंग नहीं की। विशाल स्कोर का पीछा करते हुए हम अगले तीन दिन बैटिंग करने के बारे में सोच रहे थे। हमने अपनी पूरी कोशिश की। अगर हम तीन दिन खेलते तो क्या पता 700 रन बना लेते वरना मैच ड्रॉ होना ही था। हालांकि, हमने अपनी पूरी कोशिश की। ईस्ट जोन को श्रेयस जाता है। उन्होंने हमें पूरी तरह से पछाड़ दिया।'' ईस्ट जोन ने 14 साल बाद दलीप ट्रॉफी पर कब्जा जमाया है।
प्लेयर ऑफ द सीरीज चुने गए तिलक वर्मा
तिलक वर्मा ने दलीप ट्रॉफी 2026 में शानदार बल्लेबाजी की और प्लेयर ऑफ द सीरीज अवॉर्ड जीता। उन्होंने तीन पारियों में 226 रन जुटाए। तिलक ने सेमीफाइनल में शतक और अर्धशतक लगाया था। वह टूर्नामेंट में दूसरे सबसे ज्यादा रन बनाने वाले प्लेयर रहे। उनसे आगे ईशान किशन हैं। ईशान ने पांच पारियों में 409 रन जुटाए। उन्हें फाइनल में प्लेयर ऑफ द मैच अवॉर्ड मिला। ईशान की कप्तानी भी शानदार रही। ईस्ट जोन के विशाल स्कोर खड़ा करने के बाद टीम का लक्ष्य स्पष्ट था, साउथ जोन के सभी 10 विकेट हासिल करना और पहली पारी की बढ़त सुनिश्चित करना। ईशान ने कहा, ''मुझे लगता है कि जब आप टीम के कप्तान होते हैं तो सबसे पहली चीज परिस्थितियों को समझना होती है। हमने लगभग दो दिन बल्लेबाजी की। अब एक इकाई के तौर पर हम जानते थे कि यह मूल रूप से पहली पारी का मुकाबला है।''



