डकेट ने तोड़ा विव रिचर्ड्स का रिकॉर्ड, लॉर्ड्स में सबसे बड़ी ODI पारी खेलने वाले बैटर बने
लॉर्ड्स में जारी भारत बनाम इंग्लैंड तीसरे वनडे मैच में बेन डकेट ने इतिहास रच दिया है। वे लॉर्ड्स के मैदान पर वनडे क्रिकेट में सबसे बड़ी पारी खेलने वाले बल्लेबाज बन गए हैं। वे 141 रन बनाकर प्रिंस यादव का शिकार बने।

भारत और इंग्लैंड के बीच पांच वनडे मैचों की सीरीज का तीसरा मैच आज, शनिवार को लॉर्ड्स में खेला जा रहा है। इस मुकाबले में इंग्लैंड के कप्तान हैरी ब्रुक ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया है। इंग्लैंड की टीम 300 के पार पहुंच गई है। सलामी बल्लेबाज बेन डकेट ने आज के मैच में 141 रनों की ऐतिहासिक पारी खेली। इस पारी के साथ उन्होंने इतिहास के स्वर्णिम अक्षरों में अपना नाम दर्ज करा दिया है। बेन डकेट अब वनडे क्रिकेट में लॉर्ड्स के मैदान पर सबसे बड़ी पारी खेलने वाले बल्लेबाज बन गए हैं। आज के मैच में उनके द्वारा खेली गई 141 रनों की पारी एक ऐतिहासिक रिकॉर्ड है।
शनिवार, 19 जून को लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर बेन डकेट ने 135 गेंदों का सामना करते हुए 141 रन बनाए। इस दौरान उनके बल्ले से 18 चौके और 1 छक्का निकला। उन्होंने 104.44 की स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी की। लॉर्ड्स के मैदान पर उनके अलावा वनडे क्रिकेट में इससे बड़ी पारी दुनिया के किसी भी बल्लेबाज ने नहीं खेली है। खूबसूरती से लबरेज दुनिया के सबसे प्रसिद्ध मैदानों में से एक जिसे क्रिकेट का घर भी कहा जाता है लॉर्ड्स में वनडे क्रिकेट में सबसे बड़ी पारी खेलने वाले बल्लेबाज बेन डकेट हैं, जिन्होंने 19 जुलाई 2026 को 141 रनों की पारी खेली है। इस सूची में दूसरे स्थान पर वेस्टइंडीज के विव रिचर्ड्स हैं, जिन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ साल 1979 में नाबाद 138 रनों की पारी खेली थी। डेनिस एमिस इस सूची में तीसरे स्थान पर हैं, जिन्होंने 1975 में भारत के खिलाफ 137 रनों की पारी खेली थी। लिस्ट में चौथे स्थान पर मार्कस ट्रेसकॉथिक का नाम है, जिन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ 2001 में 137 रन बनाए थे। सर ग्राहम कूच ने इसी मैदान पर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ साल 1989 में 136 रनों की पारी खेली थी।
लॉर्ड्स में वनडे क्रिकेट में सबसे बड़ी पारी खेलने वाले दुनिया के टॉप-5 बैटर
- बेन डकेट बनाम भारत, 19 जुलाई 2026- 141 रन
- विव रिचर्ड्स बनाम इंग्लैंड, 1979- 138* रन नाबाद
- डेनिस एमिस बनाम भारत, 1975- 137 रन
- मार्कस ट्रेसकाथिक बनाम पाकिस्तान, 2001- 137 रन
- सर ग्राहम गूच बनाम ऑस्ट्रेलिया 1989, 136 रन
बता दें कि लॉर्ड्स के मैदान पर अब तक किसी भी भारतीय पुरुष बल्लेबाज ने वनडे क्रिकेट में शतक नहीं लगाया है। ऐसे में आज के मैच में उम्मीद लगाई जा रही है कि विराट कोहली, रोहित शर्मा या कप्तान शुभमन गिल में से कोई एक इस मुकाम को हासिल करेगा।
लेखक के बारे में
Vimlesh Kumar Bhurtiyaविमलेश कुमार भुर्तिया (Vimlesh Kumar Bhurtiya): खेल पत्रकार
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विमलेश कुमार भुर्तिया पिछले 4 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) नई दिल्ली से पत्रकारिता की पढ़ाई की है।
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परिचय और अनुभव: विमलेश कुमार भुर्तिया भारतीय डिजिटल मीडिया जगत का एक उभरता हुआ नाम हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 4 वर्षों से अधिक का अनुभव प्राप्त है। वर्तमान में, वह भारत के अग्रणी समाचार संस्थान 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पिछले चार वर्षों से वह इसी संस्थान से जुड़े हुए हैं और डिजिटल मीडिया की गतिशीलता, कार्यशैली और प्रकृति को समझने का प्रयास किया है। उनका मानना है कि पाठक किसी भी डिजिटल प्लेटफॉर्म की रीढ़ होता है ऐसे में उनके हितों को ध्यान में रखते हुए खबरों का प्रकाशन होना चाहिए। यह पत्रकारिता को जीवंत रखता है और जर्नलिज्म का मूल गुण भी यही है।
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विमलेश ने भारत के सबसे प्रतिष्ठित पत्रकारिता संस्थान से अपनी शिक्षा ग्रहण की है। वे 2021-22 बैच के भारतीय जनसंचार संस्थान नई दिल्ली के छात्र रहे हैं। उन्होंने इस नामी संस्थान से रेडियो एवं टेलीविजन पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा किया है। इसके बाद उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में ही मास्टर्स यानी (M.A) की डिग्री भी हासिल की है। इन्होंने अपना ग्रेजुएशन मध्य प्रदेश के नामचीन साइंस कॉलेजों में से एक होलकर साइंस कॉलेज से किया है। ग्रेजुएशन के दूसरे साल से ही विमलेश की दिलचस्पी साहित्य और पत्रकारिता की ओर जागृत होने लगी थी। यही कारण था कि ग्रेजुएशन के दिनों में ही उन्होंने दैनिक चैतन्यलोक नामक इंदौर की क्षेत्रीय पत्रिका में काम करना शुरू कर दिया। कुछ महीनों बाद उन्होंने दैनिक भास्कर में बतौर कॉपी एडिटर ट्रेनिंग ली। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर के पत्रकारिता और जनसंचार विभाग से मास मीडिया में इंटर्नशिप की। विमलेश कुमार भुर्तिया को कंप्यूटर का भी अच्छा ज्ञान है। उन्होंने भोपाल स्थित माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय से कंप्यूटर एप्लीकेशन में डिप्लोमा किया है।
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