पाकिस्तान की तरह बांग्लादेशी खिलाड़ी भी IPL कॉन्ट्रैक्ट के लिए तरसेंगे, BCCI ने दे दिया बड़ा हिंट
BCCI सचिव देवजीत सैकिया ने आधिकारिक तौर पर KKR को मुस्तफिजुर रहमान को टीम से बाहर करने का आदेश दिया। इसके पीछे हालिया अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों को मुख्य कारण बताया गया है। बीसीसीआई के इस कदम से ये तय हो गया है कि पाकिस्तान की तरह बांग्लादेशी खिलाड़ियों को अब मौका नहीं मिलेगा।
आईपीएल 2026 का आगाज मार्च में होने वाला है। आईपीएल के आगामी सीजन के लिए पिछले महीने खिलाड़ियों की नीलामी हुई थी, जहां पर सभी टीमों ने जमकर बोली लगाई और अपने जरूरत के हिसाब से खिलाड़ियों को अपनी टीम में शामिल किया। हालांकि नीलामी में एक नाम ने सबका ध्यान अपनी ओर खींचा था और वह बांग्लादेश के तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान थे, जिन्हें कोलकाता नाइट राइडर्स ने अन्य फ्रेंचाइजी से कड़ी टक्कर के बाद 9.2 करोड़ रुपये में खरीदा था। हालांकि अब उन्हें फ्रेंचाइजी ने रिलीज कर दिया है। कोलकाता नाइट राइडर्स ने शनिवार को भारतीय क्रिकेट बोर्ड के निर्देश पर इंडियन प्रीमियर लीग के आगामी सत्र से पहले बांग्लादेश के तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान को अपनी टीम से रिलीज कर दिया। बीसीसीआई ने भारत और बांग्लादेश के बीच द्विपक्षीय संबंधों में बढ़ते तनाव के मद्देनजर यह कदम उठाया। बीसीसीआई के इस फैसले से अब माना जा रहा है कि पाकिस्तान की तरह बांग्लादेश के खिलाड़ी भी आईपीएल कॉन्ट्रैक्ट के लिए तरसते हुए नजर आ सकते हैं।
पाकिस्तानी खिलाड़ियों की नो एंट्री
पाकिस्तान क्रिकेट टीम के खिलाड़ियों ने आखिरी बार IPL 2008 (पहले सीजन) में हिस्सा लिया था। उसके बाद से उन पर अनौपचारिक रूप से प्रतिबंध लगा हुआ है। उस समय 11 पाकिस्तानी खिलाड़ियों ने अलग-अलग टीमों के लिए खेला था। 2008 में मुंबई में हुए भीषण आतंकी हमलों के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच रिश्ते बेहद खराब हो गए। जांच में हमले के तार पाकिस्तान से जुड़े पाए जाने के बाद भारत सरकार और BCCI ने पाकिस्तान के साथ द्विपक्षीय क्रिकेट संबंधों को निलंबित कर दिया। 2009 में पाकिस्तान ने अपने खिलाड़ियों को भारत भेजने के लिए 'NOC' देने से मना कर दिया था। 2010 में पाकिस्तानी खिलाड़ी नीलामी में शामिल हुए थे लेकिन कोई खरीददार नहीं मिला।
बांग्लादेश का भी वही हाल
वहीं बांग्लादेश के खिलाड़ियों को लेकर भी फ्रेंचाइजी सोच समझकर फैसले ले रही थी। हालांकि मुस्तफिजुर रहमान आईपीएल में हिस्सा लेते रहे हैं लेकिन इस बार उनके बाहर किए जाने के बाद अब ये लगभग कंफर्म हो गया है कि बांग्लादेश के खिलाड़ियों का आईपीएल में भविष्य खत्म हो चुका है। भारत और बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने पिछले साल सीमित ओवरों की एक द्विपक्षीय श्रृंखला स्थगित कर दी थी। बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने शुक्रवार को घोषणा की कि यह श्रृंखला इस साल सितंबर में उसके देश में ही खेली जाएगी। बीसीसीआई हालांकि इस श्रृंखला के कार्यक्रम को लेकर किसी तरह की प्रतिबद्धता नहीं दिखा रहा है। बांग्लादेश की अस्थिर राजनीतिक स्थिति को देखते हुए इसके लिए सहमत होने की संभावना भी कम है।
हालांकि, 'हाल के घटनाक्रमों' ने बंगलादेश के खिलाड़ियों को काफी हद तक दूर कर दिया है, ठीक वैसे ही जैसे 2008 से पाकिस्तान के खिलाड़ियों के साथ हुआ है। सिर्फ आईपीएल में ही नहीं, फ्रेंचाइजी, जिनमें से कई विदेशी लीग में भी टीमों की मालिक हैं, लगातार पाकिस्तान के खिलाड़ियों को हायर करने से बच रही हैं। यही हाल बांग्लादेश के खिलाड़ियों का भी हो सकता है, जो अलग-अलग लीग में कभी-कभी भारत के मालिकाना हक वाली कुछ टीमों के लिए खेलते हैं।
कोलकाता ने किया रिलीज
फ्रेंचाइजी ने एक बयान में कहा, "कोलकाता नाइट राइडर्स पुष्टि करता है कि बीसीसीआई/आईपीएल ने आईपीएल के रेगुलेटर के तौर पर उसे आगामी इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) सीजन से पहले मुस्तफिजुर रहमान को टीम से रिलीज करने का निर्देश दिया है।" यह रिलीज, स्पष्ट रूप से, एक उचित प्रक्रिया के बाद की गई, खासकर रेगुलेटर - बीसीसीआई और आईपीएल की सलाह के बाद।
हालांकि यह समझा जाता है कि पड़ोसी राज्य में अल्पसंख्यक विरोधी हत्याएं और देश में बंगलादेश विरोधी माहौल इसका कारण हैं, लेकिन फ्रेंचाइजी खुद मनमाने ढंग से काम नहीं कर सकती थी, क्योंकि इसमें कानूनी मुद्दे शामिल होते। अगर फ्रेंचाइजी ने उसे खुद ही रिलीज किया होता तो खिलाड़ी को कानूनी रास्ता अपनाने का अधिकार होता।
फ्रेंचाइजी ने बयान में कहा, "यह रिलीज भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के निर्देश पर, उचित प्रक्रिया और सलाह-मशविरे के बाद की गई है। बीसीसीआई आईपीएल नियमों के अनुसार कोलकाता नाइट राइडर्स को एक रिप्लेसमेंट खिलाड़ी की अनुमति देगा, और आगे की जानकारी उचित समय पर दी जाएगी।"
देवजीत सैकिया का बयान
बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया के ऐलान के बाद स्थिति साफ हो गई। उन्होंने कहा, "...बीसीसीआई ने फ्रेंचाइजी केकेआर को निर्देश दिया है कि वे अपने एक खिलाड़ी, बंगलादेश के मुस्तफिजुर रहमान को अपनी टीम से रिलीज करें और बीसीसीआई ने यह भी कहा है कि अगर वे किसी रिप्लेसमेंट की मांग करते हैं, तो बीसीसीआई उस रिप्लेसमेंट की इजाज़त देगा," उन्होंने 'हाल के घटनाक्रमों' का हवाला दिया, जिसके बारे में उन्होंने विस्तार से नहीं बताया।
पहला कदम उठाने के लिए फ्रेंचाइजी को निर्देश देने की ज़िम्मेदारी हमेशा बीसीसीआई की थी। मुस्तफिजुर को खरीदने में, फ्रेंचाइजी ने वास्तव में बीसीसीआई के निर्देशों का पालन किया था, जिसने उन्हें नीलामी के लिए रजिस्टर किया था। नीलामी में कुल सात बंगलादेशी खिलाड़ी थे, और यह दूसरी बात है कि किसी अन्य खिलाड़ी को नहीं चुना गया।
दरअसल, मुस्तफिजुर के लिए ज़बरदस्त बोली लगी थी, जिसमें चेन्नई सुपर किंग्स के साथ दो अन्य फ्रेंचाइजी भी मुकाबला कर रही थीं। दिल्ली कैपिटल्स ने 2.2 करोड़ रुपये से बोली शुरू की और 5.2 करोड़ रुपये तक पहुंच गई, जिसके बाद नाइट राइडर्स मैदान में कूदे। सुपर किंग्स ने बोली 9 करोड़ रुपये तक बढ़ा दी थी, लेकिन आखिर में नाइट राइडर्स ने उन्हें 9.2 करोड़ रुपये में खरीद लिया।
इन आईपीएल टीमों के लिए खेले
मुस्तफिजुर पहले चेन्नई सुपर किंग्स, दिल्ली कैपिटल्स, सनराइजर्स हैदराबाद और राजस्थान रॉयल्स के लिए खेल चुके हैं। एक सीनियर आईपीएल अधिकारी ने कहा कि फ्रेंचाइजी खुद से ऐसा नहीं कर सकती थी, और कहा, "यह बीसीसीआई का फैसला था और फ्रेंचाइजी मनमाना फैसला नहीं ले सकती थी। फ्रेंचाइजी और खिलाड़ी कुछ कॉन्ट्रैक्ट से बंधे होते हैं जिनसे वे बाहर नहीं जा सकते। आईपीएल के नियम किसी भी तरह की मनमानी को रोकते हैं।"






