
विराट कोहली के पास ये दिग्गज थे, बाबर आजम के साथ कौन था? आजम खान ने खोली पाकिस्तान की कलई
संक्षेप: विकेटकीपर-बल्लेबाज आजम खान ने पाकिस्तान क्रिकेट की कलई खोली है। उन्होंने कहा कि बाबर आजम के समय में टीम में कोई भी दिग्गज खिलाड़ी नहीं रहा।
विकेटकीपर-बल्लेबाज आजम खान ने विराट कोहली का जिक्र करते हुए पाकिस्तान क्रिकेट की कलई खोली है। उन्होंने कहा कि कोहली को सचिन तेंदुलकर से लेकर एमएस धोनी जैसे दिग्गज खिलाड़ियों के साथ खेलने का मौका लेकिन बाबर आजम के साथ ऐसा नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के स्टार बल्लेबाज बाबर के समय में टीम में कोई भी दिग्गज खिलाड़ी नहीं रहा। हालांकि, आजम का मानना है कि बाबर का पाकिस्तान की बैटिंग पर उसी तरह का प्रभाव पड़ा है जैसा कोहली का भारतीय बल्लेबाजी पर रहा। उन्होंने यह भी कहा कि बाबर के आने से पहले पाकिस्तान अपने तेज गेंदबाजों के लिए मशहूर था लेकिन उनके आने के बाद बल्लेबाजी में सुधार हुआ है। 27 वर्षीय आजम पाकिस्तान के लिए 14 टी20 इंटरनेशनल मैच खेल चुके हैं। वह पाकिस्तान के पूर्व कप्तान मोईन खान के बेटे हैं।

आजम ने क्रिकविक पॉडकास्ट पर कहा, "पाकिस्तान क्रिकेट फास्ट बॉलिंग के लिए मशहूर रहा। लेकिन बाबर ने अपनी बैटिंग से इसे मशहूर बनाया। दोनों में बहुत बड़ा फ़र्क है। जैसे विराट कोहली ने भारत के लिए किया।" उन्होंने आगे कहा, "विराट कोहली के आसपास कोई न कोई ऐसा खिलाड़ी जरूर था जो उस जमाने का एक दिग्गज था। कोहली ने जिस वक्त खेलना शुरू किया, तब उनके साथ सचिन तेंदुलकर, वीवीएस लक्ष्मण, राहुल द्रविड़, वीरेंद्र सहवाग और एमएस धोनी थे। बहुत सारे बड़े बल्लेबाज थे। लेकिन बाबर के साथ कौन था? कोई नहीं।" कोहली ने 2008 में इंटरनेशनल डेब्यू किया था। वह सचिन से लेकर सहवाग तक के साथ खेल चुके हैं। धोनी तो कोहली की कप्तानी में भी खेले। 37 वर्षीय कोहली ने टेस्ट और टी20 इंटरनेशनल को अलविदा कह दिया है। वह अब भारतीय टीम के लिए सिर्फ वनडे क्रिकेट खेलते हैं।
पूर्व पाकिस्तानी क्रिकेटर मोहसिन खान ने भी कुछ हफ्तों पहले बाबर को लेकर आजम जैसी राय जाहिर की थी। मोहसिन कहा, ''बाबर बुरा बल्लेबाज नहीं है लेकिन आपको उसका साथ देने के लिए उसके आसपास कई अच्छे खिलाड़ियों की जरूरत होती है। विराट कोहली को ही देख लीजिए - टेस्ट में उनके पास चेतेश्वर पुजारा, अजिंक्य रहाणे, केएल राहुल थे। वनडे में उनके पास रोहित शर्मा और शिखर धवन थे। एक महान खिलाड़ी तब और भी महान बन जाता है जब उसके आसपास दूसरे मजबूत खिलाड़ी हों।'' उन्होंने कहा, ''हमारे समय में माजिद खान, जावेद मियांदाद, जहीर अब्बास और बाद में सईद अनवर, इंजमाम-उल-हक, मोहम्मद यूसुफ़ और यूनिस खान जैसे खिलाड़ी थे। टीमें संख्या के आधार पर बनती हैं। आपको ऐसे खिलाड़ियों के समूह की जरूरत होती है जो कमोबेश एक जैसे हों। फिलहाल बाबर और बाकियों के बीच काफा अंतर है।''






