T20I सीरीज में जीरो और ODI में हीरो, अचानक इतने कैसे बदल गए अक्षर पटेल? जानिए उन्हीं की जुबानी
भारत की इंग्लैंड के खिलाफ पहले वनडे में जीत में अहम भूमिका निभाने वाले ऑलराउंडर अक्षर पटेल ने कहा कि T20 सीरीज के दौरान उन्होंने गेंद पर जोर से प्रहार करने को प्राथमिकता दी लेकिन ODI में टाइमिंग पर ध्यान दिया।

टीम इंडिया को इंग्लैंड के खिलाफ 3 मैचों की वनडे सीरीज के पहले मैच में जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाने वाले ऑलराउंडर अक्षर पटेल हाल ही में खेली गई टी20 सीरीज में फुस्स नजर आए थे। कुछ दिन पहले तक जो खिलाड़ी जीरो था, वह एकाएक हीरो कैसे बन गया? ये एक सवाल सभी कि दिमाग है, लेकिन इसका जवाब खुद अक्षर पटेल ने दिया है। उन्होंने मैच के बाद इस बात को स्वीकार किया कि टी20 सीरीज के दौरान उन्होंने गेंद पर जोर से प्रहार करने को प्राथमिकता दी, लेकिन वनडे क्रिकेट में टाइमिंग पर अधिक ध्यान केंद्रित किया।
अक्षर ने शानदार ऑलराउंड प्रदर्शन करते हुए पहले 9.5 ओवरों में चार विकेट लिए और फिर 52 गेंदों में नाबाद 57 रन बनाए, जिसमें पांच चौके और एक छक्का शामिल था। इस परफॉर्मेंस के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। भारत ने 259 रनों के लक्ष्य को चार विकेट और 28 गेंद शेष रहते हासिल कर दिया, जिसमें कप्तान शुभमन गिल (80) और वॉशिंगटन सुंदर (52) ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
मेरे लिए इस तरह का प्रदर्शन करना जरूरी था- अक्षर
अक्षर पटेल ने मैच के बाद जियोस्टार से कहा, ''मेरे लिए इस तरह का प्रदर्शन करना बेहद जरूरी था। मैं लगातार प्रयास कर रहा था। जहां तक मेरी मानसिकता की बात है तो मुझे यह सोचने के बजाय कि सब कुछ अपने आप हो जाएगा, एकाग्र रहना था। मुझे खुद पर भरोसा रखना था और अपनी रणनीति पर अच्छी तरह से अमल कर रहा था। मुझे लगता है कि टी20 मैचों के में मैं गेंद पर कुछ ज़्यादा ही ज़ोर से प्रहार करने की कोशिश कर रहा था।''
अक्षर ने आगे कहा, ''जब आप डेथ ओवरों में बल्लेबाजी करने जाते हैं तो आपके पास बड़े शॉट लगाने के अलावा कोई विकल्प नहीं होता, लेकिन मैं थोड़ा लय खो रहा था।'' इंग्लैंड के खिलाफ T20 सीरीज में अक्षर पटेल केवल 19 रन बना पाए थे। उन्होंने वनडे में अपनी रणनीति बदली और सही टाइमिंग से शॉट करने पर ध्यान दिया।
उन्होंने कहा, ''मैं गेंद को ज्यादा जोर से मारने की कोशिश नहीं कर रहा था, क्योंकि मुझे पता था कि मेरे पास समय है। मैं कुछ गेंदों का आराम से खेल सकता हूं। मैं अपनी टाइमिंग पर ध्यान दे रहा था। इस तरह की विकेट पर जब आप परिस्थितियों को अच्छी तरह से समझ लेते हैं तो फिर आप रन बना सकते हैं।''
अक्षर ने कहा, ''इस तरह की विकेट पर मुझे लगता है कि क्रीज पर कुछ समय बिताना बहुत महत्वपूर्ण था। ऐसी विकेटों पर आप आते ही उछलती हुई गेंदों पर शॉट नहीं खेल सकते। आपको खुद को थोड़ा समय देना होगा। उसके बाद ही आप अपने शॉट खेल सकते हैं।''
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Vikash Gaurविकाश गौड़: डिप्टी चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर कम असिस्टेंट मैनेजर, स्पोर्ट्स
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