
टी-20 वर्ल्ड कप की कप्तानी मिलते ही फॉर्म में आए मिचेल मार्श, 55 गेंदों में जड़ा तूफानी शतक
कप्तानी की बड़ी जिम्मेदारी मिलने के कुछ ही घंटों बाद मार्श ने बिग बैश लीग (BBL) में होबार्ट हैरिकेन्स के खिलाफ पर्थ स्क्रॉर्चर्स के लिए खेलते हुए एक शानदार शतक जड़ दिया। पिछले कुछ समय से खराब फॉर्म से जूझ रहे मार्श के लिए यह पारी महत्वपूर्ण थी।
नए साल 2026 की शुरुआत ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर मिचेल मार्श के लिए बेहद शानदार रही। 1 जनवरी को ऑस्ट्रेलिया की टीम ने आगामी टी20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए अपनी टीम की घोषणा की और अनुभवी खिलाड़ी मिचेल मार्श को टीम का कप्तान नियुक्त किया। कप्तानी की बड़ी जिम्मेदारी मिलने के कुछ ही घंटों बाद मार्श ने बिग बैश लीग (BBL) में होबार्ट हैरिकेन्स के खिलाफ पर्थ स्क्रॉर्चर्स के लिए खेलते हुए एक शानदार शतक जड़ दिया। पिछले कुछ समय से खराब फॉर्म से जूझ रहे मार्श के लिए यह पारी न केवल व्यक्तिगत रूप से महत्वपूर्ण थी, बल्कि इसने आगामी विश्व कप के लिए ऑस्ट्रेलियाई खेमे को भी काफी राहत दी है।
मैच की शुरुआत में पर्थ स्क्रॉर्चर्स की टीम मुश्किल में नजर आ रही थी, क्योंकि सलामी बल्लेबाज फिन एलन मात्र 16 रन और कूपर कोलोनी केवल 4 रन बनाकर जल्दी पवेलियन लौट गए। ऐसे नाजुक समय पर कप्तान मिचेल मार्श ने मोर्चा संभाला और आरोन हार्डी के साथ मिलकर तीसरे विकेट के लिए 164 रनों की रिकॉर्ड साझेदारी की। मार्श ने विस्फोटक बल्लेबाजी करते हुए मात्र 58 गेंदों पर 102 रनों की पारी खेली, जिसमें 11 चौके और 5 शानदार छक्के शामिल रहे। मार्श का साथ देते हुए आरोन हार्डी ने भी आक्रामक रुख अपनाया और 43 गेंदों पर 94 रनों का योगदान दिया, जिसकी बदौलत पर्थ स्क्रॉर्चर्स ने निर्धारित ओवरों में 229/3 का विशाल स्कोर खड़ा किया।
इस शतकीय पारी के साथ ही मिचेल मार्श ने बिग बैश लीग के इतिहास में अपने 2000 रन भी पूरे कर लिए। उन्होंने अब तक BBL में खेले गए 76 मैचों में 2031 रन बनाए हैं, जिसमें उनके नाम अब 2 शतक और 12 अर्धशतक दर्ज हैं। विशेष बात यह है कि मार्श इस लीग में शुरू से ही पर्थ स्क्रॉर्चर्स के प्रति वफादार रहे हैं और उन्होंने अपने सभी रन इसी टीम के लिए बनाए हैं। उनकी इस शानदार वापसी को देखते हुए यह स्पष्ट है कि विश्व कप से पहले उन्होंने अपनी लय हासिल कर ली है। मार्श की फॉर्म में यह वापसी ऑस्ट्रेलिया के लिए सही समय पर हुई है, क्योंकि विश्व कप में टीम के नेतृत्व के साथ-साथ उनके बल्ले का चलना भी जीत के लिए जरूरी होगा।






