T-20 में गलती से नहीं जीता है जिम्बाब्वे, बल्कि ODI में भी ऑस्ट्रेलिया को कई बार रगड़ चुका है

Feb 13, 2026 04:59 pm ISTVimlesh Kumar Bhurtiya लाइव हिन्दुस्तान
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जिम्बाब्वे ने कोलंबो के आर. प्रेमदासा स्टेडियम में ऑस्ट्रेलिया को 23 रनों से हराकर क्रिकेट जगत में हलचल मचा दी है। यह जीत 2026 ICC पुरुष T20 विश्व कप का अब तक का सबसे बड़ा उलटफेर माना जा रहा है। यह पहली बार नहीं है जब जिम्बाब्वे की टीम ने ऑस्ट्रेलिया को हराया है। कई बार कंगारुओं पर जीत हासिल की है।

T-20 में गलती से नहीं जीता है जिम्बाब्वे, बल्कि ODI में भी ऑस्ट्रेलिया को कई बार रगड़ चुका है

जिम्बाब्वे ने कोलंबो के आर. प्रेमदासा स्टेडियम में ऑस्ट्रेलिया को 23 रनों से हराकर क्रिकेट जगत में हलचल मचा दी है। यह जीत 2026 ICC पुरुष T20 विश्व कप का अब तक का सबसे बड़ा उलटफेर माना जा रहा है। जिम्बाब्वे ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवरों में मात्र 2 विकेट खोकर 169 रनों का स्कोर बनाया। जवाब में ऑस्ट्रेलिया की पूरी टीम 19.3 ओवर में 146 रनों पर ढेर हो गई और मुकाबला हार गई। इस जीत ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि जिम्बाब्वे बड़े मंच पर किसी भी दिग्गज टीम को धूल चटाने का दम रखती है।

ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ जिम्बाब्वे का विजय रथ काफी पुराना है जिसकी शुरुआत 1983 के वनडे विश्व कप से हुई थी। ट्रेंट ब्रिज में खेले गए उस पहले ऐतिहासिक मुकाबले में जिम्बाब्वे ने कंगारुओं को 13 रनों से मात दी थी। इसके बाद 2007 के टी-20 विश्व कप में भी जिम्बाब्वे ने केपटाउन में ऑस्ट्रेलिया को 5 विकेट से हराकर सबको चौंका दिया था। दिलचस्प बात यह है कि पुरुष टी-20 वर्ल्ड कप के इतिहास में ऑस्ट्रेलिया आज तक जिम्बाब्वे से कभी नहीं जीत सका है। यह आंकड़े बताते हैं कि विश्व कप के मंच पर जिम्बाब्वे की टीम हमेशा ऑस्ट्रेलिया पर भारी पड़ी है।

जिम्बाब्वे ने केवल विश्व कप ही नहीं बल्कि द्विपक्षीय वनडे श्रृंखलाओं में भी ऑस्ट्रेलिया को कई बार रगड़ा है। साल 2014 में हरारे के मैदान पर खेलते हुए जिम्बाब्वे ने ऑस्ट्रेलिया को 3 विकेट से हराकर इतिहास रचा था। यही नहीं, 2022 में टाउन्सविले में ऑस्ट्रेलिया की अपनी ही धरती पर उन्हें 3 विकेट से करारी शिकस्त दी थी। ये जीतें दर्शाती हैं कि जिम्बाब्वे की टीम किसी भी परिस्थिति और किसी भी देश में ऑस्ट्रेलिया को हराने का हुनर जानती है। कंगारू टीम के लिए जिम्बाब्वे की चुनौती पिछले चार दशकों से एक अनसुलझी पहेली बनी हुई है।

2026 की ताजा जीत में ब्लेसिंग मुजरबानी ने 17 रन देकर 4 विकेट लिए और इसी मैच में अपने 100 T20I विकेट भी पूरे किए। ब्रायन बेनेट की नाबाद 64 रनों की संयमित पारी और सिकंदर रजा की शानदार कप्तानी ने इस जीत की नींव रखी। इस ऐतिहासिक परिणाम के बाद ग्रुप बी की अंक तालिका में जिम्बाब्वे और श्रीलंका 4-4 अंकों के साथ शीर्ष पर पहुंच गए हैं। जिम्बाब्वे क्रिकेट के लिए यह पल सुनहरे अक्षरों में लिखा जाएगा। अब पूरी दुनिया की नजरें जिम्बाब्वे के अगले मुकाबलों और उनके विश्व कप के सफर पर टिकी हुई हैं।

ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ जिम्बाब्वे की सभी ऐतिहासिक जीत:

• 1983 वनडे विश्व कप: 13 रनों से जीत (ट्रेंट ब्रिज)

• 2007 टी-20 विश्व कप: 5 विकेट से जीत (केपटाउन)

• 2014 वनडे मैच: 3 विकेट से जीत (हरारे)

• 2022 वनडे मैच: 3 विकेट से जीत (टाउन्सविले)

• 2026 टी-20 विश्व कप: 23 रनों से जीत (कोलंबो)

Vimlesh Kumar Bhurtiya

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विमलेश कुमार भुर्तिया (Vimlesh Kumar Bhurtiya): खेल पत्रकार

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विमलेश कुमार भुर्तिया पिछले 4 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) नई दिल्ली से पत्रकारिता की पढ़ाई की है।

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परिचय और अनुभव: विमलेश कुमार भुर्तिया भारतीय डिजिटल मीडिया जगत का एक उभरता हुआ नाम हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 4 वर्षों से अधिक का अनुभव प्राप्त है। वर्तमान में, वह भारत के अग्रणी समाचार संस्थान 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पिछले चार वर्षों से वह इसी संस्थान से जुड़े हुए हैं और डिजिटल मीडिया की गतिशीलता, कार्यशैली और प्रकृति को समझने का प्रयास किया है। उनका मानना है कि पाठक किसी भी डिजिटल प्लेटफॉर्म की रीढ़ होता है ऐसे में उनके हितों को ध्यान में रखते हुए खबरों का प्रकाशन होना चाहिए। यह पत्रकारिता को जीवंत रखता है और जर्नलिज्म का मूल गुण भी यही है।

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विमलेश ने भारत के सबसे प्रतिष्ठित पत्रकारिता संस्थान से अपनी शिक्षा ग्रहण की है। वे 2021-22 बैच के भारतीय जनसंचार संस्थान नई दिल्ली के छात्र रहे हैं। उन्होंने इस नामी संस्थान से रेडियो एवं टेलीविजन पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा किया है। इसके बाद उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में ही मास्टर्स यानी (M.A) की डिग्री भी हासिल की है। इन्होंने अपना ग्रेजुएशन मध्य प्रदेश के नामचीन साइंस कॉलेजों में से एक होलकर साइंस कॉलेज से किया है। ग्रेजुएशन के दूसरे साल से ही विमलेश की दिलचस्पी साहित्य और पत्रकारिता की ओर जागृत होने लगी थी। यही कारण था कि ग्रेजुएशन के दिनों में ही उन्होंने दैनिक चैतन्यलोक नामक इंदौर की क्षेत्रीय पत्रिका में काम करना शुरू कर दिया। कुछ महीनों बाद उन्होंने दैनिक भास्कर में बतौर कॉपी एडिटर ट्रेनिंग ली। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर के पत्रकारिता और जनसंचार विभाग से मास मीडिया में इंटर्नशिप की। विमलेश कुमार भुर्तिया को कंप्यूटर का भी अच्छा ज्ञान है। उन्होंने भोपाल स्थित माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय से कंप्यूटर एप्लीकेशन में डिप्लोमा किया है।

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