T-20 में गलती से नहीं जीता है जिम्बाब्वे, बल्कि ODI में भी ऑस्ट्रेलिया को कई बार रगड़ चुका है
जिम्बाब्वे ने कोलंबो के आर. प्रेमदासा स्टेडियम में ऑस्ट्रेलिया को 23 रनों से हराकर क्रिकेट जगत में हलचल मचा दी है। यह जीत 2026 ICC पुरुष T20 विश्व कप का अब तक का सबसे बड़ा उलटफेर माना जा रहा है। यह पहली बार नहीं है जब जिम्बाब्वे की टीम ने ऑस्ट्रेलिया को हराया है। कई बार कंगारुओं पर जीत हासिल की है।

जिम्बाब्वे ने कोलंबो के आर. प्रेमदासा स्टेडियम में ऑस्ट्रेलिया को 23 रनों से हराकर क्रिकेट जगत में हलचल मचा दी है। यह जीत 2026 ICC पुरुष T20 विश्व कप का अब तक का सबसे बड़ा उलटफेर माना जा रहा है। जिम्बाब्वे ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवरों में मात्र 2 विकेट खोकर 169 रनों का स्कोर बनाया। जवाब में ऑस्ट्रेलिया की पूरी टीम 19.3 ओवर में 146 रनों पर ढेर हो गई और मुकाबला हार गई। इस जीत ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि जिम्बाब्वे बड़े मंच पर किसी भी दिग्गज टीम को धूल चटाने का दम रखती है।
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ जिम्बाब्वे का विजय रथ काफी पुराना है जिसकी शुरुआत 1983 के वनडे विश्व कप से हुई थी। ट्रेंट ब्रिज में खेले गए उस पहले ऐतिहासिक मुकाबले में जिम्बाब्वे ने कंगारुओं को 13 रनों से मात दी थी। इसके बाद 2007 के टी-20 विश्व कप में भी जिम्बाब्वे ने केपटाउन में ऑस्ट्रेलिया को 5 विकेट से हराकर सबको चौंका दिया था। दिलचस्प बात यह है कि पुरुष टी-20 वर्ल्ड कप के इतिहास में ऑस्ट्रेलिया आज तक जिम्बाब्वे से कभी नहीं जीत सका है। यह आंकड़े बताते हैं कि विश्व कप के मंच पर जिम्बाब्वे की टीम हमेशा ऑस्ट्रेलिया पर भारी पड़ी है।
जिम्बाब्वे ने केवल विश्व कप ही नहीं बल्कि द्विपक्षीय वनडे श्रृंखलाओं में भी ऑस्ट्रेलिया को कई बार रगड़ा है। साल 2014 में हरारे के मैदान पर खेलते हुए जिम्बाब्वे ने ऑस्ट्रेलिया को 3 विकेट से हराकर इतिहास रचा था। यही नहीं, 2022 में टाउन्सविले में ऑस्ट्रेलिया की अपनी ही धरती पर उन्हें 3 विकेट से करारी शिकस्त दी थी। ये जीतें दर्शाती हैं कि जिम्बाब्वे की टीम किसी भी परिस्थिति और किसी भी देश में ऑस्ट्रेलिया को हराने का हुनर जानती है। कंगारू टीम के लिए जिम्बाब्वे की चुनौती पिछले चार दशकों से एक अनसुलझी पहेली बनी हुई है।
2026 की ताजा जीत में ब्लेसिंग मुजरबानी ने 17 रन देकर 4 विकेट लिए और इसी मैच में अपने 100 T20I विकेट भी पूरे किए। ब्रायन बेनेट की नाबाद 64 रनों की संयमित पारी और सिकंदर रजा की शानदार कप्तानी ने इस जीत की नींव रखी। इस ऐतिहासिक परिणाम के बाद ग्रुप बी की अंक तालिका में जिम्बाब्वे और श्रीलंका 4-4 अंकों के साथ शीर्ष पर पहुंच गए हैं। जिम्बाब्वे क्रिकेट के लिए यह पल सुनहरे अक्षरों में लिखा जाएगा। अब पूरी दुनिया की नजरें जिम्बाब्वे के अगले मुकाबलों और उनके विश्व कप के सफर पर टिकी हुई हैं।
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ जिम्बाब्वे की सभी ऐतिहासिक जीत:
• 1983 वनडे विश्व कप: 13 रनों से जीत (ट्रेंट ब्रिज)
• 2007 टी-20 विश्व कप: 5 विकेट से जीत (केपटाउन)
• 2014 वनडे मैच: 3 विकेट से जीत (हरारे)
• 2022 वनडे मैच: 3 विकेट से जीत (टाउन्सविले)
• 2026 टी-20 विश्व कप: 23 रनों से जीत (कोलंबो)




