
ये हमारे समाज पर बड़ा धब्बा...उस्मान ख्वाजा के एक दावे से जेसन गिलेस्पी सहमत मगर दूसरे पर ऐतराज
Jason Gillespie on Usman Khawaja: उस्मान ख्वाजा ने इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास की घोषणा कर दी है। इंग्लैंड के खिलाफ पांचवा टेस्ट उनका आखिरी मैच होगा। वह ऑस्ट्रेलिया के लिए खेलने वाले पहले मुस्लिम खिलाड़ी हैं।
ऑस्ट्रेलिया के लिए खेलने वाले पहले मुस्लिम खिलाड़ी उस्मान ख्वाजा ने इंटरनेशनल क्रिकेट से रिटायरमेंट का ऐलान कर दिया है। वह सिडनी क्रिकेट ग्राउंड (एससीजी) में आखिरी मैच खेलेंगे। यहां रविवार से ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच पांचवा और आखिर एशेज टेस्ट शुरू होगा। 39 वर्षीय ख्वाजा ने संन्यास की घोषणा करते हुए 'नस्लीय' भेदभाव का जिक्र किया था, जिसका उन्हें अपने करियर के दौरान सामना करना पड़ा। ख्वाजा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था, ''मुझे लेकर कई तरह की नस्लीय रूढ़िवादिता सामने आई, जैसे कि मैं आलसी हूं, पाकिस्तानी, वेस्टइंडीज के, अश्वेत खिलाड़ी...हम स्वार्थी हैं, हम सिर्फ अपनी परवाह करते हैं, हमें टीम की परवाह नहीं है, हम कड़ी मेहनत नहीं करते। ये वो बातें थीं जिनसे मैं अपनी पूरी जिंदगी जूझता रहा हूं।''
'जब खिलाड़ी गोल्फ खेलकर चोटिल हुए...'
पर्थ मैच से पहले ख्वाजा की आलोचना हुई क्योंकि उन्होंने दो बार गोल्फ खेला और वैकल्पिक अभ्यास सत्र में भाग नहीं लिया। कुछ लोगों का मानना था कि गोल्फ ही उनकी पीठ की समस्या का कारण हो सकता है। ख्वाजा ने कहा, ''मैं आपको ऐसे कई उदाहरण दे सकता हूं जब खिलाड़ी गोल्फ खेलकर चोटिल हो गए लेकिन आप लोगों ने उनके बारे में कुछ नहीं कहा। मैं आपको ऐसे भी उदाहरण दे सकता हूं जब खिलाड़ियों ने मैच से पहले की रात को खूब बियर पी और वे अस्वस्थ हो गए लेकिन उनके बारे में भी कुछ नहीं कहा गया लेकिन जब मैं चोटिल हुआ तो मेरी प्रतिबद्धता और एक व्यक्ति के रूप में मेरी छवि पर सवाल उठा दिए गए।'' ऑस्ट्रेलिया के पूर्व दिग्गज तेज गेंदबाज जेसन गिलेस्पी ने ख्वाजा के एक दावे से सहमत मगर दूसरे पर ऐतराज जताया है। उन्होंने नस्लीय भेदभाव को समाज पर बड़ा धब्बा करार दिया लेकिन गोल्फ कंट्रोवर्सी पर अलग राय का इजहार किया।
'यह प्रोफेशनल खिलाड़ी के करियर का हिस्सा'
गिलेस्पी ने एबीसी स्पोर्ट से कहा, ''मैं उस्मान के साथ हुए रेसिज्म पर सवाल नहीं उठा रहा हूं, जिसका उन्होंने अपनी पूरी जिंदगी सामना किया है। ने वास्तव में हमेशा उनकी प्रशंसा की है। मैंने आवाज बुलंद करने के लिए उनकी तारीफ की है, क्योंकि नस्लीय भेदभाव हमारे समाज पर एक बड़ा धब्बा है और इसका खिलाफ हमेशा आवाज उठाने की जरूरत है। जब वह अपनी आलोचना के बारे में बात कर रहे थे तो उन्होंने नस्लीय भेदभाव का जिक्र किया। हालांकि, कुछ पुराने खिलाड़ियों ने सामने आकर सही सवाल उठाया कि क्या वो (गोल्फ खेलना) सबसे अच्छी तैयारी थी। इस पर सवाल उठाना और आपकी पसंद के लिए आपको जिम्मेदार ठहराया जाना बुलीइंग नहीं है। यह बिल्कुल दुर्व्यवहार नहीं है। यह प्रोफेशनल खिलाड़ी के करियर का हिस्सा है। जब आपसे उस काम की जिम्मेदारी लेने के लिए कहा जाए, जिसके लिए आपको असल में पैसे मिलते हैं तो आप गुस्सा नहीं कर सकते।"
'मैंने मीडिया में ऐसा कुछ नहीं देखा कि...'
पूर्व गेंदबाज ने एशेजपर अपने विचार रखते हुए ख्वाजा के इस दावे पर सवाल उठाया कि मीडिया ने उन्हें 'आलसी' कहा था। गिलेस्पी ने कहा, ''मुझे लगता है कि इस स्पेस में मीडिया इस एशेज सीरीज के दौरान बहुत कंसिस्टेंट रहा है। उन्होंने लगातार इंग्लैंड टीम की तैयारी पर सवाल उठाए हैं। मुझे नहीं लगता कि यह कोई अलग रहा है। उस्मान ने यह भी कहा कि उन्हें पूरी जिंदगी आलसी कहा गया। मैंने मीडिया में ऐसा कुछ नहीं देखा कि किसी ने उस्मान के आलसी होने का जिक्र करते हुए कहा या लिखा हो। मुझे नहीं पता कि यह बात कहां से आई है।'' इंग्लैंड के खिलाफ पांचवा टेस्ट ख्वाजा के करियर का 88वां टेस्ट मैच होगा, जो उसी मैदान पर खेला जाएगा जहां से उन्होंने अपने फर्स्ट क्लास क्रिकेट करियर की शुरुआत की थी। ख्वाजा ने 2018 में एससीजी में ही इंग्लैंड के खिलाफ 171 रन बनाकर एशेज में अपना पहला शतक बनाया था।

लेखक के बारे में
Md.Akramमोहम्मद अकरम: खेल पत्रकार
परिचय: मोहम्मद अकरम 10 सालों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और फिलहाल लाइव हिन्दुस्तान में डिप्टी चीफ कंटेंट प्रॉड्यूसर के तौर पर कार्यरत हैं। इन्हें खेल और राजनीति की दुनिया में गहरी दिलचस्पी है। क्रिकेट और अन्य खेलों से जुड़े अपडेट्स, मैच एनालिसिस और स्टोरी रिसर्च बखूबी अंजाम देते हैं। अकरम का मानना है कि खेल पत्रकारिता सिर्फ स्कोर बताने तक सीमित नहीं है, बल्कि खेल की भावना, खिलाड़ियों की मेहनत और उससे जुड़ी कहानियों को सामने लाना भी उतना ही जरूरी है।
अनुभव: अकरम को कंटेंट रिसर्च, स्क्रिप्ट राइटिंग, स्टोरीटेलिंग और एडिटिंग का अच्छा अनुभव है। 2016 में अमर उजाला की ओर से पत्रकारिता में डेब्यू किया। 2019 में टाइम्स नाउ से जुड़े और पांच साल यहां रहे। साल 2022 से लाइव हिंदुस्तान का हिस्सा हैं। डिजिटल मीडिया के बदलते ट्रेंड्स, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स और ऑडियंस बिहेवियर को समझकर कंटेंट तैयार करते हैं, जो प्रभावशाली हो। ओलंपिक, कॉमनवेल्थ, एशियन गेम्स, क्रिकेट वर्ल्ड कप और आईपीएल जैसे इवेंट कवर किए हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि: अकरम ने जामिया मिल्लिया इस्लामिया से बी.ए. (ऑनर्स) मास मीडिया और आईआईएमसी से पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया है। शैक्षणिक पृष्ठभूमि और प्रोफेशनल अनुभव ने अकरम को मीडिया की बुनियादी समझ के साथ-साथ प्रैक्टिकल अप्रोच भी दी है। सीखते रहना और खुद को लगातार अपडेट करना प्रोफेशनल आदतों में शामिल है।
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