
एशेज: सिडनी में ऑस्ट्रेलिया का कमाल, टेस्ट क्रिकेट के 134 साल के इतिहास में सिर्फ दूसरी बार हुआ ऐसा
इस बार के एशेज में ऑस्ट्रेलिया का ही पूरी तरह दबदबा रहा। सिडनी में उसने पहली पारी में 567 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया और इस दौरान उसने ऐसा रिकॉर्ड बनाया जो 134 साल पुराने टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में सिर्फ दूसरी बार हुआ है और एशेज के इतिहास में पहली बार।
सिडनी में खेले जा रहे एशेज के पांचवें और आखिरी मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया ने शिकंजा कस लिया है। चौथे दिन इंग्लैंड ने दूसरी पारी में 8 विकेट के नुकसान पर 300 का आंकड़ा पार कर लिया है लेकिन हार का खतरा मंडरा ही रहा है। उसकी लीड सिर्फ 119 रन की है। पूरी सीरीज में ऑस्ट्रेलिया का ही दबदबा रहा। 3-1 से आगे चल रही टीम 4-1 से सीरीज जीतने की ओर है। सिडनी में ऑस्ट्रेलिया ने पहली पारी में 567 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया और इस दौरान उसने ऐसा रिकॉर्ड बनाया जो 134 साल पुराने टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में सिर्फ दूसरी बार हुआ। एशेज के इतिहास में तो पहली बार।
चौथे दिन ऑस्ट्रेलिया ने 7 विकेट के नुकसान पर 529 रन से आगे खेलना शुरू किया लेकिन उसकी पारी जल्द ही 567 रन पर सिमट गई। इस पारी के साथ ही ऑस्ट्रेलिया ने इतिहास रच दिया। उसकी बल्लेबाजी के दौरान 7 साझेदारियां 50 या उससे ज्यादा रन की हुई। एशेज के इतिहास में ये पहली बार हुआ है। टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में ऐसा सिर्फ दूसरी बार हुआ है जब किसी मैच की पारी में किसी टीम की तरफ से 7 साझेदारियां 50+ रन की हुई हो।
इससे पहले किसी टेस्ट पारी में 7 फिफ्टी प्लस की साझेदारियां सिर्फ एक बार हुई थीं और वो इतिहास भारत ने रचा था। 2007 में राहुल द्रविड़ की अगुआई में ओवल टेस्ट में भारत की तरफ से पारी में 7 फिफ्टी प्लस की पार्टनरशिप हुई थीं। उसी मैच में महान स्पिनर अनिल कुंबले ने टेस्ट में अपना इकलौता शतक ठोका था।
सिडनी टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया की पहली पारी में ट्रेविस हेड और कप्तान स्टीवन स्मिथ ने शानदार शतक जड़े। हेड ने 163 रन और स्मिथ ने 138 रन बनाए। ब्यू वेबस्टर ने 71 रनों की नाबाद पारी खेली। मार्नस लाबुशाने ने 48 और कैमरन ग्रीन ने 37 रन का योगदान दिया। अपना आखिरी टेस्ट खेल रहे उस्मान ख्वाजा ने 17 रन बनाए।






