रजत पाटीदार की वो 1 गलती जिसने इतिहास बनने से रोक दिया, ऐसा करते तो मिट सकता था 49 रनों का दाग

Apr 28, 2026 01:51 am ISTVimlesh Kumar Bhurtiya लाइव हिन्दुस्तान
share

आईपीएल 2026 का 39वां मुकाबला दिल्ली कैपिटल्स और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू की टीम के बीच खेला गया जिसे आरसीबी की टीम ने आसानी से 9 विकेट से जीत तो लिया, लेकिन इस मैच में आरसीबी के कप्तान और मैनेजमेंट से कुछ गलतियां ऐसी हुईं, जिसकी वजह से इतिहास बनते-बनते रह गया।

रजत पाटीदार की वो 1 गलती जिसने इतिहास बनने से रोक दिया, ऐसा करते तो मिट सकता था 49 रनों का दाग

आईपीएल 2026 का 39वां मुकाबला दिल्ली कैपिटल्स और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू की टीम के बीच खेला गया जिसे आरसीबी की टीम ने आसानी से 9 विकेट से जीत तो लिया, लेकिन इस मैच में आरसीबी के कप्तान और मैनेजमेंट से कुछ गलतियां ऐसी हुईं, जिसकी वजह से इतिहास बनते-बनते रह गया। अगर आरसीबी के कप्तान ऐसी गलती ना करते तो शायद आरसीबी के माथे पर लगा 49 रन ऑलआउट का कलंक भी धुल जाता।

भुवनेश्वर और हेजवुड ने किस तरह बरपाया कहर

दरअसल, जब आरसीबी के कप्तान रजत पाटीदार ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला लिया तब किसी ने सोचा नहीं होगा कि भुवनेश्वर कुमार और जोश हेजलवुड इस तरह का करह बरपाएंगे। खासकर तब जब पिछले मुकाबले में इस मैदान पर 500 से अधिक रन एक ही मैच में बन चुके हों और आईपीएल के इतिहास के सबसे बड़े रन चेज को अंजाम दिया जा चुका हो। आरसीबी के गेंदबाजों ने पहले ही ओवर से दिल्ली के बल्लेबाजों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया और पारी का पहला ओवर डालने आए स्विंग किंग भुवनेश्वर कुमार ने अपनी दूसरी ही गेंद पर नए बल्लेबाज साहिल प्रकाश को क्लीन बोल्ड कर दिया। उन्होंने अपने इस ओवर में 2 रन खर्चे। अगले ओवर में जोश हेजलवुड ने भुवी से भी शानदार गेंदबाजी करते हुए बैक टू बैक दो विकेट लिए। उन्होंने पहली गेंद पर लोकेश राहुल को पवेलियन भेजा, इसके बाद समीर रिजवी को भी आउट कर दिया। पारी के तीसरे ओवर में भुवी ने एक बार फिर खतरनाकर गेंदबाजी की और पहली ही गेंद पर ट्रिस्टन स्टब्स को पवेलियन की राह दिखा दी। इसी ओवर की चौथी गेंद पर उन्होंने अक्षर पटेल को भी पवेलियन भेजा। चौथे ओवर में नीतिश राणा को हेजलवुड ने चलता कर दिया। इस तरह डीसी का स्कोर 8 रन पर 6 विकेट हो गया था और स्थिति दयनीय थी।

कप्तान पाटीदार की चूक ने कलंक नहीं मिटने दिया

रजत पाटीदार ने 6 विकेट गिरने के बाद पारी का पांचवां और छठवां ओवर भी भुवी और हेजलवुड से ही डलवाया। इन ओवरों में इन दोनों गेंदबाजों को कोई विकेट नहीं मिला, लेकिन तब भी दोनों खतरनाक नजर आ रहे थे। 6 ओवर की समाप्ति पर दिल्ली कैपिटल्स ने सिर्फ 13 रन बनाए थे और उसके 6 बल्लेबाज पवेलियन लौट चुके थे। इस मोड़ पर लग रहा था कि दिल्ली कैपिटल्स बहुत जल्द ही आउट हो जाएगी और आज आईपीएल के सबसे कम टोटल का रिकॉर्ड बन जाएगा। साथ ही साथ अगर ऐसा हुआ तो आरसीबी के 49 रन पर ऑलआउट वाला दाग भी धुल जाएगा। (फिलहाल, आरसीबी के पास आईपीएल में सबसे कम टोटल वाला रिकॉर्ड है) लेकिन रजत पाटीदार की चूक ने ऐसा नहीं होने दिया और आरसीबी अपना कलंक नहीं मिटा सकी।

रसिख और रोमारियो से ओवर डलवाना बड़ी निर्णायक चूक

मैच के बाद कई क्रिकेट पंडितों और प्रशंसकों ने कप्तान रजत पाटीदार के निर्णयों की आलोचना की। उन्होंने पारी का सांतवां ओवर रसिख सलाम डार से डलवाया, जबकि कई क्रिकेट पंडितों का मानना था कि यह ओवर या तो भुवनेश्वर कुमार से डलवा देते क्योंकि वे अच्छी लय में दिख रहे थे या क्रुणाल पांड्या और सुयश शर्मा को गेंद थमाते। लेकिन कप्तान पाटीदार ने पहले तो रखिस को गेंदबाजी दी, जहां से रनों पर लगा अंकुश का बांध टूट गया और एकाएक तेज गति से रन बनने लगे और इसके बाद रोमारियो शेफर्ड को गेंदबाजी पर लगा दिया। उन्होंने रोमारियो से दो ओवर करा दिए जिसमें वे तुलनात्मक रूप से काफी महंगे साबित हुए। क्रिकेट पंडितों का मानना है कि पाटीदार ने रसिख और रोमोरियो को गेंदबाजी देकर बहुत बड़ी गलती की, वर्ना उसका 49 रनों का दाग हमेशा के लिए धुल जाता।

भुवी-हेजलवुड नहीं कंप्लीट कर पाए चार ओवर का कोटा

पाटीदार की कप्तानी में लिए गए फैसलों का आलम ये रहा कि जोश हेजलवुड ने अपना चौथा ओवर पारी के 17वें ओवर में डाला, जबकि भुवनेश्वर कुमार को चौथा ओवर डालने का मौका ही नहीं मिला। भुवी ने आज के मैच में 3 ओवर की गेंदबाजी में सिर्फ 5 रन देकर 3 विकेट लिए थे वहीं, जोश हेजलवुड ने 3.3 ओवर में 12 रन देकर 4 विकेट हासिल किए। इन दोनों गेंदबाजों के चौथे ओवर का अगर आरसीबी के कप्तान सही से इस्तेमाल करते तो जिस घातक लय में घायल शेर की भांति ये दोनों नजर आ रहे थे कहना गलत नहीं होगा कि 49 से कम के स्कोर पर भी डीसी को आउट कर सकते थे। रोमारियो और रसिख को पावरप्ले के बाद गेंदबाजी देना आरसीबी के कप्तान रजत पाटीदार की वह गलती थी, जिसे फैंस अब तक नहीं भुला पा रहे हैं। अगर पाटीदार ये गलती नहीं करते तो बहुत संभावना थी कि डीसी की टीम 49 से पहले पवेलियन लौट जाती खासकर तब जब टीम के 6 विकेट सिर्फ 8 रन के स्कोर पर आउट हो गए थे।

Vimlesh Kumar Bhurtiya

लेखक के बारे में

Vimlesh Kumar Bhurtiya

विमलेश कुमार भुर्तिया (Vimlesh Kumar Bhurtiya): खेल पत्रकार

संक्षिप्त विवरण
विमलेश कुमार भुर्तिया पिछले 4 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) नई दिल्ली से पत्रकारिता की पढ़ाई की है।

विस्तृत बायो

परिचय और अनुभव: विमलेश कुमार भुर्तिया भारतीय डिजिटल मीडिया जगत का एक उभरता हुआ नाम हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 4 वर्षों से अधिक का अनुभव प्राप्त है। वर्तमान में, वह भारत के अग्रणी समाचार संस्थान 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पिछले चार वर्षों से वह इसी संस्थान से जुड़े हुए हैं और डिजिटल मीडिया की गतिशीलता, कार्यशैली और प्रकृति को समझने का प्रयास किया है। उनका मानना है कि पाठक किसी भी डिजिटल प्लेटफॉर्म की रीढ़ होता है ऐसे में उनके हितों को ध्यान में रखते हुए खबरों का प्रकाशन होना चाहिए। यह पत्रकारिता को जीवंत रखता है और जर्नलिज्म का मूल गुण भी यही है।

शैक्षणिक पृष्ठभूमि
विमलेश ने भारत के सबसे प्रतिष्ठित पत्रकारिता संस्थान से अपनी शिक्षा ग्रहण की है। वे 2021-22 बैच के भारतीय जनसंचार संस्थान नई दिल्ली के छात्र रहे हैं। उन्होंने इस नामी संस्थान से रेडियो एवं टेलीविजन पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा किया है। इसके बाद उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में ही मास्टर्स यानी (M.A) की डिग्री भी हासिल की है। इन्होंने अपना ग्रेजुएशन मध्य प्रदेश के नामचीन साइंस कॉलेजों में से एक होलकर साइंस कॉलेज से किया है। ग्रेजुएशन के दूसरे साल से ही विमलेश की दिलचस्पी साहित्य और पत्रकारिता की ओर जागृत होने लगी थी। यही कारण था कि ग्रेजुएशन के दिनों में ही उन्होंने दैनिक चैतन्यलोक नामक इंदौर की क्षेत्रीय पत्रिका में काम करना शुरू कर दिया। कुछ महीनों बाद उन्होंने दैनिक भास्कर में बतौर कॉपी एडिटर ट्रेनिंग ली। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर के पत्रकारिता और जनसंचार विभाग से मास मीडिया में इंटर्नशिप की। विमलेश कुमार भुर्तिया को कंप्यूटर का भी अच्छा ज्ञान है। उन्होंने भोपाल स्थित माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय से कंप्यूटर एप्लीकेशन में डिप्लोमा किया है।

खेल पत्रकारिता और पत्रकारिता का उद्देश्य
विमलेश खेल से जुड़ी तमाम तरह की स्टोरीज पाठकों तक पहुंचाते हैं, जिनमें तथ्यों की स्पष्टता होती है और सकारात्मक विश्लेषण भी शामिल होता है। ये क्रिकेट की दुनिया का अच्छा ज्ञान रखते हैं और राजनीति में गहरी दिलचस्पी है। राजनीति और क्रिकेट में घट रही घटनाओं का विश्लेषण करना उनकी तह तक जाना विमलेश को पसंद है। उनका मानना है कि एक पत्रकार की पहली जिम्मेदारी तथ्यपरकता (Fact-checking) है। चाहे वह चकाचौंध से भरा क्रिकेट जगत हो या अन्य खेल और खिलाड़ियों का जीवन। बतौर खेल पत्रकार यह कसौटी हर वक्त बनी रहनी चाहिए कि लेखन हमेशा प्रमाणिक हो। उनकी रिपोर्टिंग का उद्देश्य पाठकों को न केवल सूचित करना है, बल्कि उन्हें सही और सुरक्षित जानकारी के माध्यम से सशक्त बनाना भी है। पत्रकारिता का मुख्य उद्देश्य सूचना, शिक्षा और मनोरंजन होता है और इन्हीं उद्देश्यों को पूरा करना एक पत्रकार की पहली जिम्मेदारी होनी चाहिए।

और पढ़ें

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।