टी20 विश्व कप में दुर्गति के बाद पाकिस्तान क्रिकेट में सब ठीक नहीं! कोच माइक हेसन से नाखुश हैं क्रिकेटर
टी20 विश्व कप के नॉकआउट चरण से पहले ही टूर्नामेंट से बाहर होने के बाद पाकिस्तान क्रिकेट में जैसे भूचाल आ गया है। 'जिओ सुपर' की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि विश्व कप के दौरान पाकिस्तानी टीम के ड्रेसिंग रूम में तनाव बढ़ गया था। कई खिलाड़ी मुख्य कोच माइक हेसन के काम करने के तरीके से नाखुश हैं।

टी20 विश्व कप के नॉकआउट चरण से पहले ही टूर्नामेंट से बाहर होने के बाद पाकिस्तान क्रिकेट में जैसे भूचाल आ गया है। ऐसी चर्चाएं हैं कि लचर प्रदर्शन के बाद पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड खिलाड़ियों से लाखों पाकिस्तानी रुपये का जुर्माना लगाने वाला है। बांग्लादेश दौरे के लिए बाबर आजम की टीम से छुट्टी हो चुकी है। सलमान अली आगा की कप्तानी पर भी तलवाार लटक रही है। इस बीच अब 'जिओ सुपर' की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि विश्व कप के दौरान पाकिस्तानी टीम के ड्रेसिंग रूम में तनाव बढ़ गया था। कई खिलाड़ी मुख्य कोच माइक हेसन के काम करने के तरीके से नाखुश हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक कुछ खिलाड़ियों ने विश्व कप के दौरान ही पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के अधिकारियों के सामने अपना असंतोष जाहिर किया था। रिपोर्ट में कहा गया है, ‘टूर्नामेंट के दौरान कहा जा रहा है कि कई पाकिस्तानी खिलाड़ियों ने कोच के व्यवहार की शिकायत करने के लिए व्यक्तिगत तौर पर पीसीबी के अधिकारियों से संपर्क किया था।’
रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि हेसन के काम करने के सख्त तौरतरीके और खिलाड़ियों से बिना चर्चा के लिए गए उनके फैसलों से टीम का माहौल खराब हुआ है। उनमें बेचैनी है।
रिपोर्ट में कहा गया है, ‘अंदरुनी जानकारी रखने वालों ने आरोप लगाया है कि उनके सख्त रवैये और बिना सलाह-मशविरा के लिए गए फैसलों से ड्रेसिंग रूम में खदबदाहट दी। आगे यह भी दावा किया गया कि अहम फैसलों को कप्तान तक से चर्चा के बिना ही लिया गया और हेसन अक्सर टीम मैनेजमेंट से जुड़े हर पहलुओं में दखल दे रहे थे।’
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के अधिकारी अब इसकी समीक्षा कर रहे हैं कि टी20 विश्व कप के दौरान टीम के साथ आखिर हुआ क्या था। माइक हेसन के व्यवहार के बारे में पड़ताल के बाद ही बोर्ड अगला कदम उठाएगा।
रिपोर्ट से ये भी इशारा मिलता है कि हेसन के आगे कप्तान सलमान अली आगा और चयन समिति भी बेबस नजर आई। न तो कप्तान और न ही चयन समिति विश्व कप के दौरान हेसन के कदमों को चुनौती देने में खुद को सक्षम पाई।
माइक हेसन और पीसीबी के बीच में हाल ही में एक लॉन्ग टर्म डील पर दस्तखत हुए थे। उन्होंने पीसीबी के साथ बतौर हेड कोच 2 साल के करार पर दस्तखत किए हैं। ऐसे में देखना महत्वपूर्ण है कि अगर हेसन के खिलाफ सामने आ रहे आरोपों में पीसीबी को जांच के दौरान सच्चाई मिलती है तो वह उस पर क्या कार्रवाई करती है।
टी20 विश्व कप में सलमान अली आगा की अगुआई में पाकिस्तान की टीम सुपर 8 चरण से आगे नहीं बढ़ पाई। टीम को चिरप्रतिद्वंद्वी भारत के हाथों हार का सामना करना पड़ा। इंग्लैंड के हाथों भी उसे शिकस्त झेलनी पड़ी।
लेखक के बारे में
Chandra Prakash Pandeyचन्द्र प्रकाश पाण्डेय वर्तमान में लाइव हिंदुस्तान में स्पोर्ट्स सेक्शन के इंचार्ज के रूप में कार्यरत हैं। टीवी और डिजिटल पत्रकारिता में करीब दो दशक का अनुभव रखने वाले चन्द्र प्रकाश को जटिल विषयों का सरल विश्लेषण करने में महारत हासिल है। बचपन में न्यूज के प्रति ऐसा प्रेम हुआ कि रात में रेडियो पर न्यूज बुलेटिन के दौरान पढ़ाई-लिखाई का अभिनय करते लेकिन कान और दिल-दिमाग ध्वनि तरंगों पर अटका रहता। तब क्या पता था कि आगे चलकर न्यूज की दुनिया में ही रचना-बसना है। रेडियो में कभी काम तो नहीं किया लेकिन उस विधा के कुछ दिग्गज प्रसारकों संग टीवी न्यूज की दुनिया में कदमताल जरूर किया। चन्द्र प्रकाश पाण्डेय ने टीवी पत्रकारिता से शुरुआत की। पेशे में पहला दशक टीवी न्यूज के ही नाम रहा जहां उन्होंने 'न्यूज24', 'श्री न्यूज', 'फोकस न्यूज', 'न्यूज वर्ल्ड इंडिया' और भोजपुरी न्यूज चैनल 'हमार टीवी' में अलग-अलग समय पर अलग-अलग भूमिकाएं निभाई। इस दौरान डेली न्यूज शो के साथ-साथ 'विनोद दुआ लाइव: आजाद आवाज' जैसे कुछ स्पेशल शो के लिए भी लेखन किया। अगस्त 2016 में उन्होंने 'नवभारत टाइम्स' के साथ डिजिटल जर्नलिज्म की दुनिया में कदम रखा। NBT में उन्होंने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिक्स, जियोपॉलिटिक्स, क्राइम, स्पोर्ट्स, कोर्ट से जुड़ी खबरों का लेखन-संपादन किया। इस दौरान उन्होंने लोकसभा और विधानसभा चुनावों समेत महत्वपूर्ण विषयों पर कई स्पेशल सीरीज भी लिखी जिनमें लीगल न्यूज एक्सप्लेनर्स 'हक की बात' की एक लंबी श्रृंखला भी शामिल है। मार्च 2025 से वह लाइव हिंदुस्तान में शब्दाक्षरों के चौके-छक्के जड़ रहे हैं।
चन्द्र प्रकाश पाण्डेय मूल रूप से यूपी के देवरिया के रहने वाले हैं। गांव की मिट्टी में पलते-बढ़ते, खेत-खलिहान में खेलते-कूदते इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई की। उसके बाद मैथमेटिक्स का छात्र 'राजनीति कला है या विज्ञान?' में उलझ गया। बी.ए. और बी. एड. की पढ़ाई के बाद पत्रकारिता की ओर रुझान बढ़ा और मॉस कम्यूनिकेशंस में मास्टर्स किया। अभी भी सीखने-समझने का सतत क्रम जारी है।
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