55 चौके, 8 छक्कों के साथ वनडे में तिहरा शतक; वैभव सूर्यवंशी के बाद बिहार की इस टीनएजर ने मचाया धमाल
बिहार के क्रिकेटर इस समय खूब सुर्खियां बटौर रहे हैं। वैभव सूर्यवंशी के बाद एक और टीनएजर अक्षरा गुप्ता ने वनडे में तिहरा शतक जड़ धमाल मचा दिया है। उन्होंने एक वनडे मैच के दौरान 306 रनों की नाबाद पारी खेल हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींचा है।

वैभव सूर्यवंशी ने 13-14 साल की उम्र में ही धमाल मचाना शुरू कर दिया था। डोमस्टिक क्रिकेट में इतनी कम उम्र में डेब्यू करने के बाद उन्हें आईपीएल में भी जल्द ही मौका मिल गया था। वैभव सूर्यवंशी ने जब आईपीएल में पहला मैच खेला तो वह 14 साल के ही थे। इस खिलाड़ी ने हर मौके को दोनों हाथों से लपका और लगातार हर किसी को इंप्रेस किया। यही वजह है कि 15 साल की उम्र में उन्हें सीनियर टीम इंडिया टीम में भी चुना गया है। अब बिहार की एक और टीनएजर अक्षरा गुप्ता ने वनडे में तिहरा शतक जड़ हर किसी का ध्यान खींचा है। बिहार के खिलाड़ी इस समय खूब धमाल मचा रहे हैं और लगातार सुर्खियां बटौरने में लगे हुए हैं।
15 साल की अक्षरा गुप्ता ने बिहार वुमेंस अंडर-19 वनडे ट्रॉफी में मात्र 126 गेंदों पर 306 रनों की नाबाद पारी खेल धमाल मचा दिया है। उनकी इस पारी में ज्यादातर रन चौके छक्कों में आए। अक्षरा ने अपने तिहरे शतक में 55 चौके और 8 गगनचुंबी छ्क्के लगाए।
अक्षरा की पारी का लेवल जबरदस्त था। उन्होंने सिर्फ 16 गेंदों में अपना हाफ-सेंचुरी पूरी की और 34 गेंदों में सैकड़ा जमाया। इस धमाकेदार शुरुआत को उन्होंने एक शानदार नाबाद ट्रिपल सेंचुरी में बदल दिया। उनका स्ट्राइक रेट इस पारी के दौरान 242.86 रहा, जिसमें उनके ज्यादातर रन बाउंड्री से आए।
अक्षरा ने अकेले बाउंड्री से 268 रन बनाए, जिसमें 220 चौकों से और 48 छक्कों से आए। इसने न सिर्फ उनके धीरज बल्कि पूरे दबदबे को दिखाया, क्योंकि उन्होंने पूरी पारी में बैटिंग की और अपनी टीम को 40 ओवर में 450 रन तक पहुंचाया।
जवाब में, विरोधी टीम 121 रन पर आउट हो गई और अक्षरा की टीम ने 329 रन से बड़ी जीत हासिल की। भले ही यह टूर्नामेंट एज-ग्रुप क्रिकेट हो, लेकिन यह पारी तुरंत ही घरेलू महिला क्रिकेट में सबसे ज्यादा चर्चित पारियों में से एक बन गई है।
अक्षरा की पारी सिर्फ एक मील का पत्थर नहीं है, बल्कि इससे इस बात को बल मिलता है कि बिहार, जिसे अक्सर भारतीय क्रिकेट के पारंपरिक पावर सेंटर में नहीं गिना जाता, अब ऐसे युवा खिलाड़ी तैयार कर रहा है जो शानदार प्रदर्शन करके शोर-शराबे को तोड़ सकते हैं।
उम्मीद है कि भारत को आगे मेंस और वुमेंस दोनों जगह बिहार से बड़े-बड़े क्रिकेटर मिले, जो देश का नाम ऊंचा करने में मदद कर सकें।



