
चयनकर्ताओं को तीर की तरह चुभ सकती हैं अजिंक्य रहाणे की बातें, बोले- बात उम्र की नहीं, बल्कि…
अजिंक्य रहाणे ने एक बार फिर से चयनकर्ताओं से सवाल पूछे हैं। उन्होंने कहा है कि सिर्फ रन मायने नहीं रखते, बल्कि ये भी मायने रखता है कि आप कितना इंटेंट दिखा रहे हैं। रहाणे का कहना है कि उनको बीजीटी में होना चाहिए था।
रणजी ट्रॉफी 2025-26 के ग्रुप ए के गेम में छत्तीसगढ़ के खिलाफ शतक ठोकने वाले अजिंक्य रहाणे ने एक बार फिर से सिलेक्टर्स पर निशाना साधा है। रहाणे ने उनके अनुभव, इंटेंट, अवसरों की कमी और संवादहीनता पर सवाल उठाए। उन्होंने यह भी कहा कि चयनकर्ता अक्सर घरेलू क्रिकेट के महत्व पर जोर देते हैं, लेकिन चयन के समय ध्यान नहीं देते। रहाणे ने कहा है कि वह पिछले चार-पांच सीजन से घरेलू क्रिकेट में पूरी लगन से हिस्सा ले रहे हैं, लेकिन सिलेक्टर्स का ध्यान नहीं जाता।

37 वर्षीय अजिंक्य रहाणे ने रविवार को रणजी ट्रॉफी मैच का दिन खत्म होने के बाद कहा, "उम्र तो बस एक संख्या है। एक खिलाड़ी के तौर पर, अगर आपके पास अनुभव है, अगर आप अभी भी घरेलू क्रिकेट खेल रहे हैं, अगर आप अभी भी अपना सर्वश्रेष्ठ दे रहे हैं, तो मुझे लगता है कि चयनकर्ताओं को आप पर विचार करना चाहिए। बात उम्र की नहीं है। बात इरादे की है। बात लाल गेंद के प्रति जुनून की है।" मुंबईकर ने भारत के लिए खेलने की इच्छा व्यक्त की और कहा कि भारतीय टीम को बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी 2024-25 की अनुभव की कमी खली।
रहाणे ने कहा, “इतना क्रिकेट खेलने के बाद, जब मेरे जैसे अनुभवी खिलाड़ियों को टीम से बाहर किया गया, तो मुझे लगा कि कुछ तो अलग है। मुझे लगता है कि मेरे जैसे अनुभवी खिलाड़ी को वापसी के बाद और मौके मिलने चाहिए, लेकिन इस बारे में कोई बातचीत नहीं हुई, लेकिन मैं अब भी अपने खेल का आनंद लेता हूं। मैं नियंत्रणीय चीजों पर ध्यान केंद्रित कर सकता हूं, जो मैं अभी कर रहा हूं। वे मुझे चुनें या नहीं, यह उनका फैसला है, लेकिन मुझे व्यक्तिगत रूप से लगता है कि भारतीय टीम को ऑस्ट्रेलिया में मेरी जरूरत थी और मैं इसके लिए पूरी तरह तैयार था।”
भारत के लिए 85 टेस्ट मैच खेल चुके रहाणे ने आखिरी बार 2023 में वेस्टइंडीज के खिलाफ पोर्ट ऑफ स्पेन में टेस्ट मैच खेला था। उन्होंने आईपीएल के शानदार सीजन के बाद टीम में वापसी की थी और ऑस्ट्रेलिया से विश्व टेस्ट चैंपियनशिप का फाइनल हारने वाली टीम का भी हिस्सा थे। हालांकि, रविवार को अपना 42वां प्रथम श्रेणी शतक लगाने वाले रहाणे का मानना है कि उम्र सिर्फ एक संख्या है, जिसके आगे चयनकर्ताओं को देखना होगा।
उम्र को लेकर रहाणे बोले, "देखिए, माइकल हसी ने 30 की उम्र के बाद डेब्यू किया था। उन्होंने फिर भी रन बनाए। इसलिए, लाल गेंद वाले क्रिकेट में अनुभव मायने रखता है और मुझे लगता है, व्यक्तिगत रूप से, भारतीय टीम को ऑस्ट्रेलिया में मेरी जरूरत थी। चयनकर्ता घरेलू क्रिकेट खेलने की बात करते हैं। मैं पिछले चार-पांच सीजन से घरेलू क्रिकेट खेल रहा हूं। कभी-कभी, बात रनों की नहीं होती। बात इंटेंट की होती है। बात उस अनुभव की होती है जो आपको ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड या दक्षिण अफ्रीका में खेलने से मिलता है... इसलिए, मैं उम्र के उस पहलू को नहीं मानता।"
रहाणे ने रोहित और विराट की भी बात की और कहा, "उच्चतम स्तर पर, जब आपके पास रोहित और विराट जैसे खिलाड़ी हों, जिन्होंने भारत के लिए बहुत सारे मैच जीते हैं, खासकर सफेद गेंद वाले क्रिकेट में, तो आपको टीम में उस अनुभव की जरूरत होती है। आप टीम में सभी नए खिलाड़ियों और सभी अनुभवी खिलाड़ियों को नहीं रख सकते। हां, युवा खिलाड़ी जरूरी हैं, लेकिन मुझे लगता है कि अगर आपके पास अनुभव है, तो टीम अच्छा प्रदर्शन करेगी, खासकर लाल गेंद वाले क्रिकेट में। रोहित को शतक बनाते देखकर मुझे बहुत खुशी हुई।"
लंबे समय से टीम से बाहर चल रहे रहाणे ने कहा, "मैं जानता हूं कि मैं कितना अच्छा खिलाड़ी हूं। मुझे इस बात पर ध्यान देना पसंद नहीं कि बाहर क्या हो रहा है। कई अनचाहे लोग होते हैं। जब उन्हें खेल के बारे में पता नहीं होता, तो वे ऐसे खिलाड़ी के बारे में बात करते हैं जो लगातार अच्छा खेल रहा है, अच्छे रवैये और जोश के साथ और हमेशा मुंबई के लिए अच्छा प्रदर्शन करना चाहता है। साथ ही साथ, एक खिलाड़ी के नजरिए से, मैं चाहता हूं कि मुंबई के खिलाड़ी उच्चतम स्तर पर खेलें। आप जानते हैं, जब कुछ लोग इस तरह की बातें करते हैं, जब वे खेल को नहीं जानते, तो उन्हें नहीं पता कि इतने सालों से खेलने वाले एक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर के लिए क्या करना पड़ता है। इसलिए, मुझे लगता है कि मेरे लिए कुछ सही हुआ। मैं किसी का नाम नहीं लेना चाहता।"






