
'विराट कोहली घमंडी हैं'? अजिंक्य रहाणे ने सच बताते हुए कह दी ये बड़ी बात
भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान विराट कोहली के आक्रामक व्यवहार को लेकर अक्सर यह सवाल उठता है कि क्या वे घमंडी हैं? इस पर टीम इंडिया के पूर्व कप्तान अजिंक्य रहाणे ने चुप्पी तोड़ते हुए बड़ा खुलासा किया है।
भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान विराट कोहली के आक्रामक व्यवहार को लेकर अक्सर यह सवाल उठता है कि क्या वे घमंडी हैं? इस पर टीम इंडिया के पूर्व कप्तान अजिंक्य रहाणे ने चुप्पी तोड़ते हुए बड़ा खुलासा किया है। रहाणे, जिन्होंने लंबे समय तक कोहली के साथ ड्रेसिंग रूम साझा किया है, ने क्रिकबज के साथ बातचीत में कहा, "लोग अक्सर सोचते हैं कि विराट कोहली घमंडी हैं, लेकिन वे वास्तव में ऐसे नहीं हैं। मैंने उनके साथ खेला है और मैं उन्हें अच्छी तरह जानता हूं।" रहाणे के अनुसार, कोहली को अक्सर बाहर से लोग गलत समझ लेते हैं क्योंकि वे खेल में पूरी तरह डूब जाते हैं और लोग उनकी इस एकाग्रता को कुछ और ही समझ बैठते हैं। रहाणे ने स्पष्ट किया कि "विराट कोहली केवल इसलिए महान नहीं हैं कि वे रनों के भूखे हैं। असली अंतर खेल को लेकर उनकी सोच और रवैये में है, जिसे बाहरी लोग अक्सर गलत समझ जाते हैं।"
विशेष जोन में जाने के बाद बात नहीं करते कोहली
रहाणे ने कोहली के मैच से पहले के विशेष 'ज़ोन' के बारे में बताते हुए कहा कि किसी बड़े मुकाबले से दो दिन पहले उनका व्यवहार पूरी तरह बदल जाता है। उन्होंने खुलासा किया, "मैंने उन्हें मैच से दो दिन पहले देखा है। वह बामुश्किल लोगों से बात करते हैं, यहां तक कि अपनी टीम के साथियों से भी नहीं बोलते हैं। वह दरअसल अपना एक जोन तैयार कर रहे होते हैं।" रहाणे ने आगे बताया कि इस दौरान कोहली हमेशा एयरपॉडस पहने रखते हैं, अपना पसंदीदा संगीत सुनते हैं और अपना अधिकांश समय जिम और अपने रूटीन पर केंद्रित करते हैं। रहाणे के मुताबिक, "इस चुप्पी का मतलब अहंकार नहीं होता। यह उनका खेल पर अपना ध्यान केंद्रित करने का तरीका है। वे बस अपने खेल में पूरी तरह डूब जाते हैं।"
शुरुआत में नहीं समझ पाते साथी खिलाड़ी
कोहली के इस शांत और एकांत व्यवहार का टीम के अन्य सदस्यों पर पड़ने वाले असर को लेकर भी रहाणे ने बेबाकी से बात की। उन्होंने स्वीकार किया कि "कोहली के इस रुख से शुरुआत में कई खिलाड़ी असमंजस में फंस जाते हैं और उन्हें इसे समझने में समय लगता है कि वे ऐसा क्यों कर रहे हैं?" हालांकि, एक अनुभवी साथी के तौर पर रहाणे उनकी इस मानसिक तैयारी को समझते थे। उन्होंने कहा, "जब वे साथी खिलाड़ियों से बात नहीं कर रहे होते थे, तब मैं समझ जाता था कि असल में वे अपना जोन तैयार कर रहे हैं।" रहाणे का मानना है कि कोहली की यही 'अनुशासित इंटेंसिटी' उन्हें एक सामान्य खिलाड़ी से ऊपर उठाकर एक महान एथलीट की श्रेणी में खड़ा करती है।
कभी हार नहीं मानते हैं विराट
रहाणे ने कोहली की निरंतर सीखने की ललक और उनके वर्क एथिक्स की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि क्रिकेट की दुनिया में सब कुछ हासिल करने के बाद भी कोहली के अंदर सुधार की गुंजाइश हमेशा बनी रहती है। रहाणे ने कहा, "उनका काम करने का तरीका अमेजिंग है। वह हमेशा बदलाव चाहते हैं। वह हमेशा सुधार करना और टीम के लिए योगदान देना चाहते हैं।" रहाणे ने जोर देकर कहा कि कोहली का "कभी हार नहीं मानने वाला जज्बा" और सीखने की भूख उन्हें सबसे अलग बनाती है।






