
कुछ प्लेयर तो टीम से बाहर हो जाते...बुमराह ने ऐसा क्या किया, जिसकी तारीफ करते नहीं थक रहे रहाणे
तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह इंग्लैंड दौरे पर सिर्फ तीन टेस्ट मैचों में मैदान पर उतरे। उन्होंने पहले ही टीम मैनेजमेंट को इस बारे में बता दिया था। बुमराह के इस साहस भरे फैसले की अजिंक्य रहाणे ने तारीफ की है।
हाल ही में इंग्लैंड वर्सेस इंग्लैंड पांच टेस्ट मैचों की सीरीज 2-2 से ड्रॉ रही। पांचवें टेस्ट से पहले भारत के धाकड़ तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह की उपलब्धता चर्चा का विषय रही। उन्हें वर्कलोड मैनेज करने के चलते आखिरी मैच में आराम दिया गया। वह दूसरे मुकाबले में भी नहीं खेले थे। दरअसल, बुमराह ने पहले ही टीम मैनेजमेंट को बता दिया था कि वह इंग्लैंड दौरे पर तीन मैचों में ही खेलेंगे। वह पहले के अलावा तीसरे और चौथे मैच में मैदान पर उतरे और कुल 14 विकेट चटकाए। बुमराह को ऑस्ट्रेलिया दौरे के बाद पीठ में स्ट्रेस फ्रैक्चर हो गया था। इसीलिए उन्हें वर्लकोड का ध्यन रखना पड़ा।

भारत के हेड कोच गौतम गंभीर ने इंग्लैंड सीरीज से पहले बताया था कि 31 वर्षीय बुमराह पांच में से केवल तीन टेस्ट ही खेलेंगे। बुमराह को पांचवां टेस्ट नहीं खेलने के लिए कई फैंस की आलोचना का सामना करना पड़ा। यह मैच भारत को सीरीज बराबर करने के लिए जीतना जरूरी था। हालांकि, अनेक विशेषज्ञों ने बुमराह के साहस भरे फैसले का समर्थन किया। बुमराह द्वारा टीम मैनेजमेंट को पहले ही अपनी उपलब्धता पर क्लियरिटी देने की अजिंक्य रहाणे भी तारीफ करते नहीं थक रहे। अनुभवी बल्लेबाज ने कहा कि ऐसा मैसेज देने पर कुछ प्लेयर तो टीम से बाहर हो जाते।
भारतीय टीम से बाहर चल रहे रहाणे ने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा, "बुमराह काफी स्पष्ट थे। उनकी यह बात मुझे पसंद आई। बुमराह को पता था कि सीरीज से पहले उन्हें क्या करना है। उन्होंने कहा 'मैं पहला मैच खेलूंगा, दूसरा नहीं खेलूंगा, और फिर तीसरा खेलूंगा'। एक कप्तान के लिए यह बहुत क्लियरिटी है। एक कप्तान से इतनी स्पष्टता से बात करना हमेशा मुश्किल होता है। बतौर प्लेयर जब आप भारत के लिए खेल रहे होते हैं तो यह वाकई मुश्किल होता है। अक्सर ऐसी बातें कहने के बाद कुछ खिलाड़ी टीम से बाहर कर दिए जाते हैं।''
उन्होंने आगे कहा, ''इससे पता चलता है कि बुमराह में कप्तान और मैनेजमेंट को स्पष्ट रूप से कहने का साहस है। इससे यह भी पता चलता है कि वह टीम को खुद से आगे रखते हैं। कभी-कभी भारत के लिए खेलते समय ऐसा करना आसान नहीं होता। एक खिलाड़ी के तौर पर जब आप भारत का प्रतिनिधित्व करते हैं तो यह आसान नहीं होता। कभी-कभी खिलाड़ी टीम को यही मैसेज देते हैं और फिर उन्हें टीम से बाहर कर दिया जाता है।''






