एक था जो च्वूइंगम चबाकर इंडिया की इज्जत बचाया करता था, आयरलैंड से हारने के बाद फैंस को बेतहाशा याद आए सूर्यकुमार यादव
आयरलैंड के खिलाफ श्रेयस अय्यर की कप्तानी में भारत को मिली हार के बाद सोशल मीडिया पर पूर्व कप्तान सूर्यकुमार यादव को याद किया जाने लगा। कहा जाने लगा कि कोई तो था जो च्वूंइगम चबाकर टीम इंडिया की इज्जत बचाया करता था। इस तरह के अन्य कई कमेंट्स और पोस्ट देखने को मिले।

आयरलैंड के खिलाफ भारतीय टीम द्वारा पहला टी-20 मैच 34 रनों से हारने के बाद सोशल मीडिया पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। सूर्यकुमार यादव को कप्तानी से हटाए जाने के बाद श्रेयस अय्यर पहली बार टीम की कमान संभाल रहे थे। उनके लिए सूर्या की विजय विरासत को जारी रखना एक बड़ा टास्क था। हालांकि, अय्यर अपने पहले ही टास्क में फेल हो गए और आयरलैंड की आधी स्ट्रेंथ की टीम से भारतीय विश्व चैंपियन टीम हार गई। आयरलैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 20 ओवरों में 9 विकेट के नुकसान पर 182 रन बनाए और विश्व चैंपियन टीम को 183 रनों का लक्ष्य दिया, जिसके जवाब में तीन बार की टी-20 विश्व कप विजेता टीम 148 रनों के स्कोर पर 18.5 ओवर में ही ऑलआउट हो गई।
आयरलैंड से हारने के बाद लोगों को आई सूर्या की याद
आयरलैंड ने भारत की फुल स्ट्रेंथ टीम पर ऐतिहासिक जीत दर्ज की। पहली बार किसी भी फॉर्मेट में आयरिश टीम ने भारत को पटखनी दी है। इस हार के बाद सोशल मीडिया पर भारतीय क्रिकेट प्रशंसकों की प्रतिक्रियाएं सामने आने लगी हैं। कई सोशल मीडिया पोस्ट में श्रेयस अय्यर की कप्तानी पर भले ही सवाल खड़े नहीं किए जा रहे हैं लेकिन सूर्यकुमार यादव की कप्तानी को याद जरूर किया जा रहा है। इन सभी पोस्ट में फैंस की प्रतिक्रियाएं काफी दिलचस्प हैं। कई लोग कह रहे हैं कि “एक था जो च्वूइंगम चबाते हुए टीम इंडिया की इज्जत बचा लेता था। कभी भी छोटी टीमों के सामने भारत को नहीं हारने देता था।” वहीं, कई प्रतिक्रियाएं मिस यू कैप्टन सूर्या की भी आ रही हैं। एक यूजर ने लिखा- "बारिश होने के बाद अक्सर छाता फेक दिया जाता है, मिस यू कैप्टन।" कई खेल एक्सपर्ट्स भी सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी राय व्यक्त कर रहे हैं, जिनमें खेल पत्रकार और कंटेंट क्रिएटर शामिल हैं, सब अपनी पसंद नापंसद के बावजूद एक बार को सूर्यकुमार यादव की कप्तानी को मिस कर रहे हैं।
बता दें कि सूर्यकुमार यादव को जून 2024 में भारत द्वारा रोहित शर्मा की कप्तानी में टी-20 विश्व कप जीतने के बाद टीम इंडिया की स्थायी रूप से कप्तानी सौंपी गई थी। कुछ छोटी टीमों के खिलाफ शुभमन गिल और अन्य कप्तानों को भी भेजा गया था लेकिन सूर्या ही टीम इंडिया के नियमित कप्तान रहे। उन्होंने जब तक भारत की कप्तानी की अपनी कप्तानी में कभी भी कोई टी-20 सीरीज नहीं हारे। उन्होंने अपनी कप्तानी में पहली बार भारत को टी-20 विश्व कप जिताया और ऐसा करने वाले महेंद्र सिंह धोनी के बाद दूसरे भारतीय बने। सूर्यकुमार यादव और रोहित शर्मा ने टी-20 क्रिकेट में इतने हाई स्टैंडर्ड सेट कर दिए हैं जिसे मेंटेन करना श्रेयस अय्यर के लिए वाकई मुश्किल होने वाला है।
लेखक के बारे में
Vimlesh Kumar Bhurtiyaविमलेश कुमार भुर्तिया (Vimlesh Kumar Bhurtiya): खेल पत्रकार
संक्षिप्त विवरण
विमलेश कुमार भुर्तिया पिछले 4 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) नई दिल्ली से पत्रकारिता की पढ़ाई की है।
विस्तृत बायो
परिचय और अनुभव: विमलेश कुमार भुर्तिया भारतीय डिजिटल मीडिया जगत का एक उभरता हुआ नाम हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 4 वर्षों से अधिक का अनुभव प्राप्त है। वर्तमान में, वह भारत के अग्रणी समाचार संस्थान 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पिछले चार वर्षों से वह इसी संस्थान से जुड़े हुए हैं और डिजिटल मीडिया की गतिशीलता, कार्यशैली और प्रकृति को समझने का प्रयास किया है। उनका मानना है कि पाठक किसी भी डिजिटल प्लेटफॉर्म की रीढ़ होता है ऐसे में उनके हितों को ध्यान में रखते हुए खबरों का प्रकाशन होना चाहिए। यह पत्रकारिता को जीवंत रखता है और जर्नलिज्म का मूल गुण भी यही है।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
विमलेश ने भारत के सबसे प्रतिष्ठित पत्रकारिता संस्थान से अपनी शिक्षा ग्रहण की है। वे 2021-22 बैच के भारतीय जनसंचार संस्थान नई दिल्ली के छात्र रहे हैं। उन्होंने इस नामी संस्थान से रेडियो एवं टेलीविजन पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा किया है। इसके बाद उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में ही मास्टर्स यानी (M.A) की डिग्री भी हासिल की है। इन्होंने अपना ग्रेजुएशन मध्य प्रदेश के नामचीन साइंस कॉलेजों में से एक होलकर साइंस कॉलेज से किया है। ग्रेजुएशन के दूसरे साल से ही विमलेश की दिलचस्पी साहित्य और पत्रकारिता की ओर जागृत होने लगी थी। यही कारण था कि ग्रेजुएशन के दिनों में ही उन्होंने दैनिक चैतन्यलोक नामक इंदौर की क्षेत्रीय पत्रिका में काम करना शुरू कर दिया। कुछ महीनों बाद उन्होंने दैनिक भास्कर में बतौर कॉपी एडिटर ट्रेनिंग ली। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर के पत्रकारिता और जनसंचार विभाग से मास मीडिया में इंटर्नशिप की। विमलेश कुमार भुर्तिया को कंप्यूटर का भी अच्छा ज्ञान है। उन्होंने भोपाल स्थित माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय से कंप्यूटर एप्लीकेशन में डिप्लोमा किया है।
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