इस अफगानी क्रिकेटर को अंपायरों से बहस करना पड़ा महंगा, अब भरनी पड़ेगी भारी रकम
अफगानिस्तान के दिग्गज क्रिकेटर मोहम्मद नबी पर बुधवार (11 फरवरी) को अहमदाबाद में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ खेले गए आईसीसी पुरुष टी20 विश्व कप 2026 के ग्रुप डी मुकाबले के दौरान आईसीसी आचार संहिता का उल्लंघन करने के लिए जुर्माना लगाया गया है। उन्हें अब भारी रकम चुकानी पड़ेगी।

अफगानिस्तान के दिग्गज क्रिकेटर मोहम्मद नबी पर बुधवार (11 फरवरी) को अहमदाबाद में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ खेले गए आईसीसी पुरुष टी20 विश्व कप 2026 के ग्रुप डी मुकाबले के दौरान आईसीसी आचार संहिता का उल्लंघन करने के लिए जुर्माना लगाया गया है। उन्हें उनकी मैच फीस का 15 प्रतिशत जुर्माना देने का निर्देश दिया गया है। ऐसा इसलिए क्योंकि उन्हें आईसीसी की आचार संहिता के स्तर 1 के उल्लंघन का दोषी पाया गया। नबी पर यह कार्रवाई विशेष रूप से संहिता के अनुच्छेद 2.4 के तहत की गई है, जो किसी अंतरराष्ट्रीय मैच के दौरान अंपायर के निर्देशों की अवहेलना करने या उनके आदेशों को न मानने से संबंधित है। जुर्माने के अलावा, नबी के अनुशासनात्मक रिकॉर्ड में एक डिमेरिट अंक भी जोड़ दिया गया है, जो पिछले 24 महीनों के भीतर उनका पहला आधिकारिक अपराध दर्ज किया गया है।
यह घटना अफगानिस्तान की पारी के 14वें ओवर की शुरुआत में हुई, जब मैदान पर स्थिति तनावपूर्ण हो गई थी। नबी दक्षिण अफ्रीकी गेंदबाज लुंगी एनगिडी के हाथ में बंधे रिस्ट बैंड यानी कलाई की पट्टी को लेकर मैदानी अंपायरों के साथ लंबी और तीखी बहस करने लगे। अंपायरों द्वारा दिए गए निर्देशों को नजरअंदाज करना और बहस को लंबा खींचना आईसीसी के नियमों के खिलाफ माना गया। इस मामले में मैदानी अंपायर जयरामन मदनगोपाल और शरफुद्दौला इब्ने शाहिद के साथ-साथ तीसरे अंपायर नितिन मेनन और चौथे अंपायर के.एन. अनंतपद्मनाभन ने आधिकारिक रूप से उन पर यह चार्ज लगाया था।
मोहम्मद नबी ने अपनी गलती स्वीकार कर ली है और एमिरेट्स आईसीसी इंटरनेशनल पैनल ऑफ मैच रेफरी के डेविड गिल्बर्ट द्वारा प्रस्तावित सजा को बिना किसी विरोध के मान लिया है। खिलाड़ी द्वारा स्वेच्छा से अपराध स्वीकार किए जाने के कारण इस मामले में किसी औपचारिक सुनवाई (फॉर्मल हियरिंग) की आवश्यकता नहीं पड़ी और मैच रेफरी के फैसले को अंतिम माना गया। आईसीसी के नियमों के अनुसार, स्तर 1 के उल्लंघनों के लिए सजा का दायरा एक आधिकारिक फटकार से लेकर मैच फीस के अधिकतम 50 प्रतिशत तक की कटौती और एक या दो डिमेरिट अंक जोड़ने तक हो सकता है। नबी के मामले में, उनके व्यवहार को देखते हुए मैच फीस में कटौती का यह फैसला लिया गया।
आईसीसी की सख्त नीतियों के अनुसार, ये डिमेरिट अंक खिलाड़ी के अनुशासनात्मक रिकॉर्ड पर पूरे 24 महीनों तक बने रहते हैं और उसके बाद ही उन्हें हटाया जाता है। यदि कोई खिलाड़ी इस 24 महीने की अवधि के भीतर चार या उससे अधिक डिमेरिट अंक प्राप्त कर लेता है, तो उन्हें निलंबन अंकों (सस्पेंशन पॉइंट्स) में बदल दिया जाता है, जिससे खिलाड़ी पर मैचों के लिए प्रतिबंध लग जाता है। उदाहरण के लिए, दो निलंबन अंक एक टेस्ट मैच या दो वनडे या फिर दो टी20 मैचों के प्रतिबंध के बराबर होते हैं, जो भी पहले हो। हालांकि नबी के लिए यह इस अवधि का पहला अपराध है, लेकिन भविष्य में और अधिक डिमेरिट अंक उन्हें आगामी महत्वपूर्ण टूर्नामेंटों से बाहर कर सकते हैं।
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Vimlesh Kumar Bhurtiyaविमलेश कुमार भुर्तिया (Vimlesh Kumar Bhurtiya): खेल पत्रकार
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विमलेश कुमार भुर्तिया पिछले 4 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) नई दिल्ली से पत्रकारिता की पढ़ाई की है।
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