अफगानिस्तान के नए कप्तान ने खुलकर बताए अपने अरमान, कहा- हमें वनडे मैच में 300+ रन...
रहमत शाह ने कहा है कि वह अफगानिस्तान की वनडे और टेस्ट टीम का कप्तान बनकर गर्व महसूस कर रहे हैं। उनका कहना है कि उनकी कोशिश होगी कि टीम को सफलता दिलाएं और 300+ रन बनाने का माइंडसेट विकसित करें।

रहमत शाह को हाल ही में अफगानिस्तान की टेस्ट और वनडे टीम का कप्तान बनाया गया है। हशमतुल्लाह शाहिदी अभी तक वनडे टीम के कप्तान थे। रहमत ने यह भी बता दिया है कि उनके लिए आगे क्या चैलेंज है और वह किस तरह का माइंडसेट टीम में बनाना चाहते हैं। रहमत शाह बीते कई सालों से टेस्ट और वनडे टीम के उपकप्तान हैं। ऐसे में लीडरशिप रोल उनके लिए नया काम नहीं होगा, लेकिन अब कप्तान के तौर पर उनके लिए कई चुनौतियां हैं, जिनसे उन्हें पार पाना है। उनका सबसे पहला टारगेट वनडे टीम को लेकर है। उनका मानना है कि उन्हें ऐसा माइंडसेट टीम में डेवलप करना है कि टीम 300 से ज्यादा रन वनडे मैच में बनाए।
क्रिकबज को दिए इंटरव्यू में रहमत शाह ने कहा है कि वह अफगानिस्तान की वनडे और टेस्ट टीम का कप्तान बनकर गर्व महसूस कर रहे हैं। उनका कहना है कि उनकी कोशिश होगी कि टीम को सफलता दिलाएं और अफगानिस्तान के लिए बहुत सारे मैच जीतें। जब उनसे पूछा गया कि वे क्या चैलेंज लेंगे तो इस पर उन्होंने कहा, "सबसे बड़ी चुनौती टीम को टेस्ट क्रिकेट में लगातार अच्छा प्रदर्शन करने में मदद करना और अफगानिस्तान को दुनिया की टॉप आठ टीमों में से एक बनाना होगा। यह हासिल करना आसान नहीं होगा और इसके लिए काफी मेहनत, सावधानी से प्लानिंग और लंबे समय का कमिटमेंट चाहिए होगा। हमें अपने घरेलू रेड-बॉल क्रिकेट को मजबूत करने पर भी अधिक जोर देना होगा।"
ये है रहमत शाह का लक्ष्य
वहीं, व्हाइट बॉल क्रिकेट को लेकर रहमत बोले, "व्हाइट-बॉल क्रिकेट में, हम पहले से ही काफी मजबूत स्थिति में हैं और पहले सातवें और आठवें स्थान पर रहे हैं। हालांकि, हमारा लक्ष्य लगातार सुधार करना और दुनिया की टॉप पांच टीमों में अपनी जगह बनाना है।" आगे उन्होंने इस बात का जिक्र किया कि पूर्व कप्तानों के साथ खेले हैं और कई साल से शाहिदी के डिप्टी थे। ऐसे में उन्हें लीडरशिप का थोड़ा बहुत अनुभव है। रहमत शाह का लक्ष्य है कि अगले वनडे विश्व कप में टीम को अच्छा परफॉर्म कराना है।
कप्तान के तौर पर रहमत शाह की फिलॉसफी क्या रहेगी? इस पर उन्होंने कहा, "कैप्टन के तौर पर मेरी सोच है कि प्लेयर्स को हालात के हिसाब से खुद को दिखाने और अपना नैचुरल गेम खेलने की आज़ादी और कॉन्फिडेंस मिले। जैसे-जैसे हम वर्ल्ड कप की तैयारी कर रहे हैं, हमें मुश्किल टारगेट सेट करने और बड़े टोटल का कामयाबी से पीछा करने की काबिलियत विकसित करनी होगी। ICC टूर्नामेंट में, पिचें अक्सर बैटिंग-फ्रेंडली होती हैं, जिनमें तेज आउटफील्ड और काफी छोटी बाउंड्री होती हैं। इसलिए, हमें ODI क्रिकेट में रेगुलर 300 से ज़्यादा रन बनाने का माइंडसेट और काबिलियत विकसित करनी होगी। मेरा मानना है कि यह तभी हो सकता है जब प्लेयर्स को कॉन्फिडेंस, ज़िम्मेदारी और अपनी पूरी काबिलियत से परफॉर्म करने की आज़ादी दी जाए।"



