अफगानिस्तानी कोच पायबस को हो रहा पछतावा, कहा-सही समय पर DRS का इस्तेमाल नहीं कर पाए
कोच रिचर्ड पायबस ने कहा है कि टीम में डीआरएस लेने में आत्मविश्वास की कमी थी। उन्होंने बताया कि इसको लेकर उन्होंने बातचीत भी की। क्योंकि इससे काफी नुकसान हुआ।

अफगानिस्तान के मुख्य कोच रिचर्ड पायबस ने रविवार को स्वीकार किया कि उनकी टीम भारत के खिलाफ एकमात्र टेस्ट में सही समय पर डीआरएस लेने पर फैसला नहीं कर पाई। उन्होंने माना कि कई बार भारतीय बल्लेबाजों के बल्ले से गेंद लगने के साफ संकेत दिखने के बावजूद खिलाड़ी रिव्यू लेने को लेकर आश्वस्त नहीं थे और इसी वजह से टीम सही समय पर डीआरएस का इस्तेमाल नहीं कर पाई। पहले दिन केएल राहुल और दूसरे दिन ऋषभ पंत की एक-एक गेंद विकेटकीपर अफसर जजई के पास गई, जिन्होंने अपील करने की जेहमत नहीं उठाई।
डीआरएस ना लेने से हुआ नुकसान
भारतीय कप्तान शुभमन गिल के मामले में विकेटकीपर जजई की हिचकिचाहट से कोई फायदा नहीं हुआ क्योंकि टीवी रिप्ले में दिखा कि अजमत उमरजई ने उन्हें विकेटों के ठीक सामने लपक लिया था। पायबस ने दिन का खेल खत्म होने के बाद कहा, ''हम बहुत ज्यादा अनिश्चित थे। यह स्पष्ट नहीं था। मुझे लगता है कि डीआरएस लेने में आत्मविश्वास की कमी थी। और दिन के आखिर में कप्तान के पास फैसले लेने के लिए बहुत कम समय होता है और वह फीडबैक पर निर्भर करता है। हमने बाद में इस बारे में बात की क्योंकि हम साफ तौर पर उसमें बहुत पीछे थे। और इसका हमें नुकसान हुआ। ‘’
बाएं हाथ के स्पिनर मानव सुथार की कलात्मक गेंदबाजी ने भारतीय क्रिकेट को उज्ज्वल भविष्य की झलक दिखाई और उनके तीन विकेटों की बदौलत भारत ने अफगानिस्तान के खिलाफ एकमात्र टेस्ट मैच के दूसरे दिन पूरी तरह दबदबा कायम कर लिया। भीषण गर्मी के बीच भारत ने वॉशिंगटन सुंदर (नाबाद 52) के संयमित अर्धशतक और सुथार के साथ सातवें विकेट के लिए 54 रन की उपयोगी साझेदारी के बाद अपनी पहली पारी आठ विकेट पर 564 रन बनाकर घोषित कर दी। दिन का खेल समाप्त होने तक अफगानिस्तान की टीम 113 रन पर पांच विकेट गंवाकर संघर्ष कर रही थी। सुथार ने 15.5 ओवर में 21 रन देकर तीन विकेट लिए, जबकि प्रसिद्ध कृष्णा ने सात ओवर में 27 रन देकर दो विकेट झटके।
इससे पहले ऋषभ पंत ने 121 गेंदों पर 81 रन की आकर्षक पारी खेलकर आलोचकों को जवाब दिया जबकि अफगानिस्तान के तेज गेंदबाज मोहम्मद सलीम ने 140 रन देकर छह विकेट चटकाए। कम दर्शकों की मौजूदगी में पंत ने अपने आक्रामक अंदाज और संयम का बेहतरीन मिश्रण पेश किया। उन्होंने 121 गेंदों की पारी में छह चौके और तीन छक्के लगाए। पंत शतक की ओर बढ़ रहे थे लेकिन ऑफ स्पिनर हशमुतुल्लाह शाहिदी ने अचानक अपनी गेंद की गति काफी धीमी कर दी। पंत ने उसे आगे बढ़कर खेलना चाहा लेकिन उनका शॉट हवा में लहरा गया और वह कैच आउट हो गए।
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Himanshu Singhहिमांशु सिंह (कंटेंट प्रोड्यूसर)
हिंमांशु सिंह पिछले 6 वर्षों से खेल पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में स्पोर्ट्स सेक्शन के कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं।
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