अभिषेक शर्मा बदमाश है, पूर्व ऑस्ट्रेलियाई विकेटकीपर ने दिया बड़ा बयान, जानिए और क्या-क्या कहा?
अभिषेक शर्मा को पूर्व ऑस्ट्रेलियाई विकेटकीपर ब्रेड हैंडिन मजाक में बदमाश कहा है। उन्होंने उनकी जमकर तारीफ भी की है। उन्होंने अभिषेक के बारे में क्या-क्या कहा इस रिपोर्ट में पढ़िए।

भारत के बाएं हाथ के सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा पर पूर्व ऑस्ट्रेलियाई विकेटकीपर बल्लेबाज ने एक तीखी टिप्पणी की है। उन्होंने उनके लिए रास्कल शब्द का प्रयोग किया है जो शरारती या बदमाश के लिए हिंदी भाषा में प्रयोग किया जाता है। उन्होंने अभिषेक शर्मा पर यह टिप्पणी मजाकिया अंदाज में की है और साथ ही साथ युवा बल्लेबाज की जमकर प्रशंसा भी की है। उन्होंने अभिषेक शर्मा की तारीफ में विलो टॉक क्रिकेट पॉडकास्ट में कहा, “मैं अभिषेक का बहुत बड़ा प्रशंसक हूं और पूरे टूर्नामेंट में उनकी स्थिति को लेकर काफी चर्चा हुई। पूल मैचों में लगातार कुछ मैचों में शून्य पर आउट होने के बाद, अचानक ऐसा लगने लगा कि वह दबाव में हैं, लेकिन बड़े मौकों पर ऐसे ही खिलाड़ियों की जरूरत होती है, क्योंकि वे दिलेर होते हैं और जोखिम उठाने से नहीं हिचकिचाते। अभिषेक यही करते हैं। वह विपक्षी टीम पर दबाव बनाते हैं और जिस तरह से उन्होंने फाइनल में बल्लेबाजी की, उससे मैच का रुख तय हो गया।”
अभिषेक ने पूरे टूर्नामेंट में बनाए 141 रन
बता दें कि अभिषेक शर्मा का पूरे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन नहीं था। उन्होंने अपने विश्व कप के सफर की समाप्ति 158.42 के स्ट्राइक रेट से 141 रन बनाकर की। इस दौरान उन्होंने 2 अर्धशतक लगाए। टूर्नामेंट की शुरुआत अभिषेक शर्मा के लिए अच्छी नहीं रही थी, लेकिन बाद में उन्होंने अपने प्रदर्शन को बेहतर कर लिया। अभिषेक शर्मा ने शुरुआती तीन मैचों में बिना खाता खोले पवेलियन लौटे थे उसके बाद चौथे मुकाबले में 15 रनों का योगदान दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ दिया था। जिम्बाब्वे के खिलाफ उन्होंने शानदार अर्धशतकीय पारी खेली थी और 55 रन बनाए थे लेकिन वेस्टइंडीज और सेमीफाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ औसत प्रदर्शन रहा था।
फाइनल से पहले अभिषेक शर्मा ने कुल 89 रन बनाए थे, लेकिन फाइनल के बाद उनके रनों की संख्या 141 हो गई। फाइनल मुकाबले में उन्होंने शानदार 52 रनों की पारी खेली। इस मुकाबले में उन्होंने सिर्फ 18 गेंदों में अर्धशतक लगाकर संजू सैसमन के साथ गेम का रुख ही बदल दिया। फाइनल में अर्धशतकीय पारी की बदौलत उन्होंने अपने पूरे टूर्नामेंट के खराब प्रदर्शन को अच्छे प्रदर्शन में तब्दील कर दिया।
न्यूजीलैंड को फाइनल में पहुंचने की भी दी बधाई
पूर्व ऑस्ट्रेलियाई विकेटकीपर बल्लेबाज ने हैडिन ने न्यूजीलैंड को एक और फाइनल में पहुंचने के लिए बधाई दी। हालांकि, उन्होंने उनके खराब प्रदर्शन को भी हाइलाइट किया। पॉडकास्ट में हैडिन ने कहा कि "फाइनल तक पहुंचने के लिए न्यूजीलैंड ने एक बार फिर शानदार प्रदर्शन किया है। मुझे लगा कि फाइनल के लिए न्यूजीलैंड की टीम पूरी तरह से फॉर्म में थी। फिन एलन और टिम सीफर्ट जिस तरह से बल्लेबाजी कर रहे थे, उससे लग रहा था कि वे टूनमिट में उस तय में हैं जहां सब कुछ उनके पक्ष में जा रहा है। लेकिन आखिरी मैच को जीतने में वे असफल रहे। बेहतर टीम जीत गई।"
लेखक के बारे में
Vimlesh Kumar Bhurtiyaविमलेश कुमार भुर्तिया (Vimlesh Kumar Bhurtiya): खेल पत्रकार
संक्षिप्त विवरण
विमलेश कुमार भुर्तिया पिछले 4 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) नई दिल्ली से पत्रकारिता की पढ़ाई की है।
विस्तृत बायो
परिचय और अनुभव: विमलेश कुमार भुर्तिया भारतीय डिजिटल मीडिया जगत का एक उभरता हुआ नाम हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 4 वर्षों से अधिक का अनुभव प्राप्त है। वर्तमान में, वह भारत के अग्रणी समाचार संस्थान 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पिछले चार वर्षों से वह इसी संस्थान से जुड़े हुए हैं और डिजिटल मीडिया की गतिशीलता, कार्यशैली और प्रकृति को समझने का प्रयास किया है। उनका मानना है कि पाठक किसी भी डिजिटल प्लेटफॉर्म की रीढ़ होता है ऐसे में उनके हितों को ध्यान में रखते हुए खबरों का प्रकाशन होना चाहिए। यह पत्रकारिता को जीवंत रखता है और जर्नलिज्म का मूल गुण भी यही है।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
विमलेश ने भारत के सबसे प्रतिष्ठित पत्रकारिता संस्थान से अपनी शिक्षा ग्रहण की है। वे 2021-22 बैच के भारतीय जनसंचार संस्थान नई दिल्ली के छात्र रहे हैं। उन्होंने इस नामी संस्थान से रेडियो एवं टेलीविजन पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा किया है। इसके बाद उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में ही मास्टर्स यानी (M.A) की डिग्री भी हासिल की है। इन्होंने अपना ग्रेजुएशन मध्य प्रदेश के नामचीन साइंस कॉलेजों में से एक होलकर साइंस कॉलेज से किया है। ग्रेजुएशन के दूसरे साल से ही विमलेश की दिलचस्पी साहित्य और पत्रकारिता की ओर जागृत होने लगी थी। यही कारण था कि ग्रेजुएशन के दिनों में ही उन्होंने दैनिक चैतन्यलोक नामक इंदौर की क्षेत्रीय पत्रिका में काम करना शुरू कर दिया। कुछ महीनों बाद उन्होंने दैनिक भास्कर में बतौर कॉपी एडिटर ट्रेनिंग ली। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर के पत्रकारिता और जनसंचार विभाग से मास मीडिया में इंटर्नशिप की। विमलेश कुमार भुर्तिया को कंप्यूटर का भी अच्छा ज्ञान है। उन्होंने भोपाल स्थित माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय से कंप्यूटर एप्लीकेशन में डिप्लोमा किया है।
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