तू मेरा भाई नहीं है..., शाहिद अफरीदी के किस बयान से खफा हुए आकाश चोपड़ा, पाकिस्तान को जमकर सुनाया

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आकाश चोपड़ा ने पूर्व पाकिस्तानी क्रिकेटर शाहिद अफरीदी द्वारा महिला क्रिकेटरों पर अतार्तिक टिप्पणी करने पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने अफरीदी को जमकर सुनाया है और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड और क्रिकेट की भी जमकर क्लास लगाई है।

akash chopra and shahid afridi
आकाश चोपड़ा और शाहिद अफरीदी (फाइल फोटो)

रविवार, 13 सितंबर 2026 को भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने एशिया कप का खिताब अपने नाम किया। श्रीलंका को 72 रनों से हराकर वूमेन इन ब्लू ने 8वीं बार एशिया कप की ट्रॉफी जीती। हालांकि, ट्रॉफी जीतने के बाद भारतीय टीम को खाली हाथ ही लौटना पड़ा, क्योंकि एशियन क्रिकेट काउंसिल और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के चीफ मोहसिन नकवी इस बात पर अड़ गए कि भारतीय टीम ट्रॉफी लेगी तो उनके ही हाथों लेगी। भारतीय टीम ने इसका प्रतिकार किया और ट्रॉफी लेने से इनकार कर दिया। पहलगाम हमले के बाद भारत ने दूसरी बार मोहसिन नकवी के हाथों से एशिया कप की ट्रॉफी लेने से इनकार किया है। हरमनप्रीत कौर से पहले सूर्यकुमार यादव ने भी एसीसी चीफ के हाथों ट्रॉफी नहीं ली थी।

इस ट्रॉफी विवाद पर अब तमाम तरह के खेल विशेषज्ञों की राय सामने आ रही है। पूर्व भारतीय क्रिकेटर और मशहूर कमेंट्रेटर आकाश चोपड़ा ने तो पाकिस्तान की महिला और पुरुष दोनों टीमों के प्रदर्शन को आड़े हाथों लिया है और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के चीफ पर भी सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने शाहिद अफरीदी द्वारा अपनी महिला क्रिकेट टीम पर दिए गए बयान को बेहद संवेदनहीन और अतार्किक करार दिया है।

आकाश चोपड़ा ने अफरीदी की लगाई क्लास

अपने यूट्यूब चैनल पर बात करते हुए आकाश चोपड़ा ने एक न्यूज पढ़ी जिसमें यह कहा गया है कि शाहिद अफरीदी अपनी महिला क्रिकेटरों को कह रहे हैं कि “हमारे यहां की महिलाएं सिर्फ रोटियां अच्छी बना सकती हैं इन्हें क्रिकेट ना खिलाएं।” इस बयान पर प्रतक्रिया देते हुए चोपड़ा ने कहा कि पहले मुझे लगा कि यह एआई से बनाया गया होगा, झूठा बयान होगा। हालांकि, यह बयान सही है। शाहिद अफरीदी पर तंज कसते हुए आकाश चोपड़ा ने कहा कि आपके यहां कि महिलाएं क्रिकेट नहीं खेल सकतीं तो आप कैसे खेल सकते हो। आप इसलिए अच्छा खेल रहे हो क्योंकि खेलते आए हो। ये सही बात है कि आपकी महिला टीम अच्छा प्रदर्शन नहीं कर रही है, लेकिन यहां सिस्टम में सुधार की जरूरत है। उन्हें मौके और व्यवस्थाओं की जरूरत है ना कि यह कहने की कि महिलाएं रोटियां अच्छा बनाती हैं।

मेरा भाई नहीं है यार तू..

आकाश चोपड़ा ने कहा- “पाकिस्तान की लड़कियां अच्छा क्रिकेट नहीं खेलतीं ये सबको पता है, लेकिन क्यों नहीं खेलतीं इसके लिए बोर्ड से सवाल पूछो। ये मत बताओ कि इनका काम नहीं है ये, इनको तो घर पर रहना चाहिए, इनको तो रोटी बनानी चाहिए, ये तो खाना अच्छा बनाती हैं। उन्होंने आगे बड़ा तंज कसते हुए कहा- “मेरे भाई! नहीं सॉरी, मेरा भाई नहीं है तू यार। अगर ऐसी बात करोगे तो मैं भाई कैसे बोल सकता हूं।” उन्होंने आगे कहा- ”एक बार बराबरी के मौके देकर देखो, हो सकता है लड़कों से बेहतर लड़कियां खेल जाएं। और मैं इसमें बिल्कुल भी हैरान नहीं होऊंगा। लेकिन अगर इसी तरह की सोच मुकम्मल रही आपके मुल्क में तो दुर्भाग्यवश लड़कों का हाल तो आप देख ही रहे हो, लड़कियों को ग्रो करने नहीं दोगे।"

कंगाली में आटा गीला होने जैसे हालात

आकाश चोपड़ा ने पाकिस्तान पुरुष क्रिकेट टीम और महिला क्रिकेट टीम पर लगे फाइन पर भी बात की। महिला क्रिकेट टीम को 50 प्रतिशत का जुर्माना एशिया कप सेमीफाइनल में धीमे ओवर रेट के कारण लगाया गया था। पुरुष टीम के इंग्लैंड के खिलाफ आखिरी टेस्ट मैच में धीमे ओवर रेट के कारण वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के पॉइंट्स काट लिए गए थे। इस पर आकाश चोपड़ा ने कटाक्ष किया और साथ ही यह भी कहा कि मोहसिन नकवी को ट्रॉफी देने की जिद से ही फुर्सत नहीं है। आकाश चोपड़ा ने पाकिस्तान क्रिकेट टीम के मौजूदा हालातों पर कहा कि इस टीम की कंगाली में आटा गीला होने जैसी हालत हो गई है और वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप में कुल जीते गए मैचों और काटे का पॉइंट्स का उदाहरण दिया।

Vimlesh Kumar Bhurtiya

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विमलेश कुमार भुर्तिया (Vimlesh Kumar Bhurtiya): खेल पत्रकार

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विमलेश कुमार भुर्तिया पिछले 4 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) नई दिल्ली से पत्रकारिता की पढ़ाई की है।

विस्तृत बायो

परिचय और अनुभव: विमलेश कुमार भुर्तिया भारतीय डिजिटल मीडिया जगत का एक उभरता हुआ नाम हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 4 वर्षों से अधिक का अनुभव प्राप्त है। वर्तमान में, वह भारत के अग्रणी समाचार संस्थान 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पिछले चार वर्षों से वह इसी संस्थान से जुड़े हुए हैं और डिजिटल मीडिया की गतिशीलता, कार्यशैली और प्रकृति को समझने का प्रयास किया है। उनका मानना है कि पाठक किसी भी डिजिटल प्लेटफॉर्म की रीढ़ होता है ऐसे में उनके हितों को ध्यान में रखते हुए खबरों का प्रकाशन होना चाहिए। यह पत्रकारिता को जीवंत रखता है और जर्नलिज्म का मूल गुण भी यही है।

शैक्षणिक पृष्ठभूमि
विमलेश ने भारत के सबसे प्रतिष्ठित पत्रकारिता संस्थान से अपनी शिक्षा ग्रहण की है। वे 2021-22 बैच के भारतीय जनसंचार संस्थान नई दिल्ली के छात्र रहे हैं। उन्होंने इस नामी संस्थान से रेडियो एवं टेलीविजन पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा किया है। इसके बाद उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में ही मास्टर्स यानी (M.A) की डिग्री भी हासिल की है। इन्होंने अपना ग्रेजुएशन मध्य प्रदेश के नामचीन साइंस कॉलेजों में से एक होलकर साइंस कॉलेज से किया है। ग्रेजुएशन के दूसरे साल से ही विमलेश की दिलचस्पी साहित्य और पत्रकारिता की ओर जागृत होने लगी थी। यही कारण था कि ग्रेजुएशन के दिनों में ही उन्होंने दैनिक चैतन्यलोक नामक इंदौर की क्षेत्रीय पत्रिका में काम करना शुरू कर दिया। कुछ महीनों बाद उन्होंने दैनिक भास्कर में बतौर कॉपी एडिटर ट्रेनिंग ली। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर के पत्रकारिता और जनसंचार विभाग से मास मीडिया में इंटर्नशिप की। विमलेश कुमार भुर्तिया को कंप्यूटर का भी अच्छा ज्ञान है। उन्होंने भोपाल स्थित माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय से कंप्यूटर एप्लीकेशन में डिप्लोमा किया है।

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