'आखिरी बार जब भारत के लिए सिक्का उछाला था तो हाथ में ट्रॉफी थी' सूर्या को कप्तानी से हटाए जाने से सहमत नहीं आकाश चोपड़ा
सूर्यकुमार यादव को कप्तानी से हटाए जाने की खबर से पूर्व भारतीय क्रिकेटर और प्रख्यात कमेंटेटर आकाश चोपड़ा सहमत नहीं हैं। उन्होंने सूर्या को विश्व कप जीतने के तुरंत बाद कप्तानी से हटाए जाने से आपत्ति जताई है और कहा कि यह बात मेरे गले से नहीं उतर रही है।

सूर्यकुमार यादव को कप्तानी से हटाए जाने की खबर से पूर्व भारतीय क्रिकेटर और प्रख्यात कमेंटेटर आकाश चोपड़ा सहमत नहीं हैं। उन्होंने सूर्या को विश्व कप जीतने के तुरंत बाद कप्तानी से हटाए जाने से आपत्ति जताई है और कहा कि यह बात मेरे गले से नहीं उतर रही है। साथ ही उन्होंने टी-20 क्रिकेट में भारतीय टीम के ट्रांजिशन को लेकर भी सुझाव दिए हैं। सूर्या को लेकर मीडिया में चलाई गई खबर पर भी चोपड़ा पूरी तरह से आश्वत नहीं दिखे हैं।
सूर्या को इंस्टेंट कप्तानी से हटाया जाना गलत
अपने यूट्यूब चैनल पर सूर्या को कप्तानी से हटाए जाने की खबर पर बात करते हुए चोपड़ा ने कहा "मैं समझ सकता हूं कि आपको अगले 2028 सायकल की तैयारी करनी है, लेकिन अभी अभी तो उन्होंने वर्ल्ड कप जीता है। वर्ल्ड कप जीतने के बाद एक मैच भी नहीं खेला है। आखिरी बार जब सूर्यकुमार यादव ने कोई मैच खेला था तब उन्होंने भारत को ट्रॉफी दिलाई थी, ऐसे इतनी जल्दी कैसे हो सकता है। ये गलत है।"
सोचने के लिए काफी वक्त है
चोपड़ृा ने आगे कहा "अभी आपके पास सोचने के लिए बहुत समय है। अगले दो सालों में 2028 के सायकल तक 50 टी-20 मैच खेले जाने हैं। और आप अचानक सूर्यकुमार यादव को बाहर कर दोगे। यह बात मेरे गले से नहीं उतर रही है। बहुत ईमानदारी से बताऊं तो यह निर्णय मुझे नहीं समझ आ रहा है। मुझे लगता है कि शायद ये खबर भी सही हो जाए। मुझे ये भी लगता है कि 2028 तक नहीं होंगे सूर्यकुमार यादव आपको किसी और की तरफ देखना होगा। चार नंबर का स्पॉट मिडिल ऑर्डर में खाली होगा। ये बात भी सही है कि पिछले एक डेढ़ साल से वो न्यूजीलैंड वाली होम सीरीज जो वर्ल्ड कप से पहले खेली गई थी उसके अलावा रन नहीं आए हैं। मैं यह सब समझ सकता हूं पर आखिरी बार जब भारत के लिए सिक्का उछाला था तो हाथ में ट्रॉफी थी, मुझे तो लगता है सूर्यकुमार यादव कोएक दो सीरीज दे सकते हैं, उन्हें कप्तानी छोड़ने के लिए पूछ सकते हैं, ड्रॉफ करने के बजाय। ऐसे ड्रॉप करना मुझे तो गलत लगता है। एकदम से ऐसे दूध में से मक्खी की तरह निकालकर नहीं फेकना चाहिए कि काम हो गया चलो।"
अय्यर कप्तान हों, लेकिन.., खबर पर भी संशय
आकाश चोपड़ा ने अगले कप्तान के रूप में तिलक वर्मा, ईशान किशन पर भरोसा ना जताते हुए श्रेयस अय्यर का समर्थन किया। हालांकि, श्रेयस को एकाएक कप्तान बनाए जाने के समर्थन में नहीं दिखे। उन्होंने कहा कि अगले पांच 6 महीने तक सूर्या के अंडर में श्रेयस को उप कप्तान बनाकर देखो फिर कप्तानी दो तब एक स्मूथ ट्रांजिशन हो जाएगा। आकाश चोपड़ा सूर्यकुमार यादव को कप्तानी से हटाए जाने की खबर से पूरी तरह आश्वत भी नहीं दिखे। उन्होंने मीडिया और पीआर का गेम समझाते हुए कहा कि कई बार ऐसा होता है कि अपने फेवरेट पत्रकार को खबर दे दी जाती है और वास्तव में निर्णय नहीं लिया गया होता है। इसके बाद आज के सोशल मीडिया के दौर में वह खबर बहुत तेजी से फैलती है, जिसका कोई आधार भी नहीं रहता है। कई बार सोशल मीडिया के प्रेशर की वजह से बाद में वह खबर सही भी हो जाती है। आकाश चोपड़ा ने कहा कि जिस तरह से सोशल मीडिया में सूर्या को कप्तानी से हटाए जाने की लहर दौड़ गई शायद हर कोई इतने इंटेस तरीके से नहीं सोच रहा है।
खामोश रहा है कप्तान सूर्या का बल्ला
बता दें कि सूर्यकुमार यादव का बल्ला बीते एक डेढ़ साल से खामोश रहा है। साल 2026 के विश्व कप में वे भारत की ओर से तीसरे सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे थे। संजू सैमसन और ईशान किशन के बाद उन्होंने भारत के लिए सर्वाधिक रन बनाए थे। उन्होंने 242 रन 9 पारियों में बनाए थे। दूसरे कप्तानों ने जब वर्ल्ड कप जीता है उस दौरान उनके द्वारा बनाए गए रनों से भी सूर्या के लगभग बराबर या ज्यादा रन हैं। मसलन जब धोनी ने भारत के लिए 2007 का टी-20 वर्ल्ड कप जीता था तब उनके बल्ले से 154 रन निकले थे और रोहित शर्मा ने जब 2024 का वर्ल्ड कप जीता था तब 257 रन बनाए थे। विश्व कप से पहले न्यूजीलैंड के खिलाफ हुई पांच मैचों की सीरीज में सूर्यकुमार यादव ने 300 से अधिक रन बनाए थे। हालांकि, इस सीरीज से पहले उनके बल्ले से ज्यादा रन नहीं निकले थे और छोटे-छोटे कैमियो खेलकर पवेलियन लौट जाते थे। अर्धशतक बनाने में लंबा सयम लगा था। सूर्यकुमार यादव के करियर के लिए सबसे निराशाजनक प्रदर्शन उनका आईपीएल 2026 में रहा, जिसकी वजह से ही उनके कप्तानी जाने के चांसेस ज्यादा लग रहे हैं। उन्होंने अपने लिए जो स्टैंडर्ड सेट किए हैं, उसके मुताबिक प्रदर्शन भी नहीं कर पा रहे। सूर्यकुमार यादव रोहित शर्मा और विराट कोहली के बाद भारत के लिए टी-20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज हैं। उन्होंने 107 पारियों में 162 से अधिक की स्ट्राइक रेट के साथ कुल 3272 रन बनाए हैं।
लेखक के बारे में
Vimlesh Kumar Bhurtiyaविमलेश कुमार भुर्तिया (Vimlesh Kumar Bhurtiya): खेल पत्रकार
संक्षिप्त विवरण
विमलेश कुमार भुर्तिया पिछले 4 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) नई दिल्ली से पत्रकारिता की पढ़ाई की है।
विस्तृत बायो
परिचय और अनुभव: विमलेश कुमार भुर्तिया भारतीय डिजिटल मीडिया जगत का एक उभरता हुआ नाम हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 4 वर्षों से अधिक का अनुभव प्राप्त है। वर्तमान में, वह भारत के अग्रणी समाचार संस्थान 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पिछले चार वर्षों से वह इसी संस्थान से जुड़े हुए हैं और डिजिटल मीडिया की गतिशीलता, कार्यशैली और प्रकृति को समझने का प्रयास किया है। उनका मानना है कि पाठक किसी भी डिजिटल प्लेटफॉर्म की रीढ़ होता है ऐसे में उनके हितों को ध्यान में रखते हुए खबरों का प्रकाशन होना चाहिए। यह पत्रकारिता को जीवंत रखता है और जर्नलिज्म का मूल गुण भी यही है।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
विमलेश ने भारत के सबसे प्रतिष्ठित पत्रकारिता संस्थान से अपनी शिक्षा ग्रहण की है। वे 2021-22 बैच के भारतीय जनसंचार संस्थान नई दिल्ली के छात्र रहे हैं। उन्होंने इस नामी संस्थान से रेडियो एवं टेलीविजन पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा किया है। इसके बाद उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में ही मास्टर्स यानी (M.A) की डिग्री भी हासिल की है। इन्होंने अपना ग्रेजुएशन मध्य प्रदेश के नामचीन साइंस कॉलेजों में से एक होलकर साइंस कॉलेज से किया है। ग्रेजुएशन के दूसरे साल से ही विमलेश की दिलचस्पी साहित्य और पत्रकारिता की ओर जागृत होने लगी थी। यही कारण था कि ग्रेजुएशन के दिनों में ही उन्होंने दैनिक चैतन्यलोक नामक इंदौर की क्षेत्रीय पत्रिका में काम करना शुरू कर दिया। कुछ महीनों बाद उन्होंने दैनिक भास्कर में बतौर कॉपी एडिटर ट्रेनिंग ली। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर के पत्रकारिता और जनसंचार विभाग से मास मीडिया में इंटर्नशिप की। विमलेश कुमार भुर्तिया को कंप्यूटर का भी अच्छा ज्ञान है। उन्होंने भोपाल स्थित माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय से कंप्यूटर एप्लीकेशन में डिप्लोमा किया है।
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