2026 T-20 WC में लगे 780 छक्के, भारत और संजू ने किया कमाल, पांड्या के नाम शर्मनाक रिकॉर्ड

Mar 09, 2026 09:49 pm ISTVimlesh Kumar Bhurtiya लाइव हिन्दुस्तान
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टी-20 विश्व कप छक्कों की बारिश वाला विश्व कप रहा है। विश्व कप के 10वें एडिशन कुल 780 छक्के लगे हैं और 17 हजार से अधिक रन बने हैं। संजू सैमसन ने छक्के जड़ने के मामले में कमाल किया है वहीं हार्दिक पांड्या ने छ्क्का खाने की वजह से शर्मनाक रिकॉर्ड बनाया है।

2026 T-20 WC में लगे 780 छक्के, भारत और संजू ने किया कमाल, पांड्या के नाम शर्मनाक रिकॉर्ड

टी-20 विश्व कप 2026 में कई कीर्तिमान स्थापित हुए। 1 महीने तक चले इस टूर्नामेंट में छक्कों की ऐसी मूसलाधार बारिश हुए कि रिकॉर्डबुक के सारे पिछले पन्ने उलट-पुलट हो गए। विश्व कप के 10वें एडिशन में कुल 780 छक्के लगे जो एक टी-20 विश्व कप एडिशन में लगने वाले सर्वाधिक छक्के हैं। इतना ही नहीं, भारतीय टीम ने इस विश्व कप एडिशन में 106 छक्के जड़ दिए। टीम इंडिया किसी भी टी-20 विश्व कप एडिशन में 100 छक्के जड़ने वाली पहली टीम बन गई है।

टी20 वर्ल्ड कप में इस सीजन खूब रन बरसे। 20 टीमों ने टूर्नामेंट में हिस्सा लिया। लीग और सुपर-8 को मिलाकर कुल 52 मुकाबले खेले गए। दो सेमीफाइनल मुकाबले और फाइनल मैच को मिलाकर कुल 55 मैच खेले गए। इस दौरान पूरे टूर्नामेंट में कुल 17582 रन बने। इस टूर्नामेंट में भारतीय खिलाड़ियों की सिक्स हिटिंग एबिलिटी जमकर देखने को मिली। संजू सैमसन ने टी-20 विश्व कप 2026 में सर्वाधिक छक्के जड़े। उन्होंने 5 मैचों में ही 24 छक्के जड़कर यह कीर्तिमान स्थापित किया।

टी-20 विश्व कप 2026 में इस टूर्नामेंट के इतिहास में किसी एक मैच में सर्वाधिक छक्के लगने का कार्तिमान भी स्थापित हो गया। यह रिकॉर्ड भारत और इंग्लैंड के बीच खेले गए सेमीफाइनल मुकाबले में बना। दोनों टीमों ने 40 ओवर में कुल 34 छक्के जड़े दिए जो विश्व कप के किसी भी मैच में सर्वाधिक है।

इस दौरान हार्दिक पांड्या के नाम एक ऐसा शर्मनाक रिकॉर्ड दर्ज हो गया जो कोई भी गेंदबाज नहीं चाहेगा कि उसके नाम दर्ज हो। इस टूर्नामेंट में वे सर्वाधिक छक्के खाने वाले गेंदबाज बन गए। हार्दिक पांड्या ने इस विश्व कप एडिशन में 9 मैचों में गेंदबाजी करते हुए कुल 20 छक्के खाए जो किसी भी गेंदबाज द्वारा सर्वाधिक हैं।

बता दें कि यह टूर्नामेंट शतकों के लिहाज से भी खास रहा। टी-20 विश्व कप 2026 के एडिशन में सात शतक लगे जो एक इतिहास है। इससे पहले किसी भी विश्व कप एडिशन में दो से ज्यादा शतक नहीं लगे थे लेकिन इस एडिशन में तीन या चार नहीं, बल्कि 7 शतक लगाए। इस विश्व कप की खास बात यह भी रही की छोटी टीमों ने कई बड़ी टीमों को परेशान किया। जिम्बाब्वे जैसी टीम ने ऑस्ट्रेलिया और श्रीलंका को पटखनी देकर सुपर-8 में जगह बनाई।

Vimlesh Kumar Bhurtiya

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Vimlesh Kumar Bhurtiya

विमलेश कुमार भुर्तिया (Vimlesh Kumar Bhurtiya): खेल पत्रकार

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विमलेश कुमार भुर्तिया पिछले 4 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) नई दिल्ली से पत्रकारिता की पढ़ाई की है।

विस्तृत बायो

परिचय और अनुभव: विमलेश कुमार भुर्तिया भारतीय डिजिटल मीडिया जगत का एक उभरता हुआ नाम हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 4 वर्षों से अधिक का अनुभव प्राप्त है। वर्तमान में, वह भारत के अग्रणी समाचार संस्थान 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पिछले चार वर्षों से वह इसी संस्थान से जुड़े हुए हैं और डिजिटल मीडिया की गतिशीलता, कार्यशैली और प्रकृति को समझने का प्रयास किया है। उनका मानना है कि पाठक किसी भी डिजिटल प्लेटफॉर्म की रीढ़ होता है ऐसे में उनके हितों को ध्यान में रखते हुए खबरों का प्रकाशन होना चाहिए। यह पत्रकारिता को जीवंत रखता है और जर्नलिज्म का मूल गुण भी यही है।

शैक्षणिक पृष्ठभूमि
विमलेश ने भारत के सबसे प्रतिष्ठित पत्रकारिता संस्थान से अपनी शिक्षा ग्रहण की है। वे 2021-22 बैच के भारतीय जनसंचार संस्थान नई दिल्ली के छात्र रहे हैं। उन्होंने इस नामी संस्थान से रेडियो एवं टेलीविजन पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा किया है। इसके बाद उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में ही मास्टर्स यानी (M.A) की डिग्री भी हासिल की है। इन्होंने अपना ग्रेजुएशन मध्य प्रदेश के नामचीन साइंस कॉलेजों में से एक होलकर साइंस कॉलेज से किया है। ग्रेजुएशन के दूसरे साल से ही विमलेश की दिलचस्पी साहित्य और पत्रकारिता की ओर जागृत होने लगी थी। यही कारण था कि ग्रेजुएशन के दिनों में ही उन्होंने दैनिक चैतन्यलोक नामक इंदौर की क्षेत्रीय पत्रिका में काम करना शुरू कर दिया। कुछ महीनों बाद उन्होंने दैनिक भास्कर में बतौर कॉपी एडिटर ट्रेनिंग ली। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर के पत्रकारिता और जनसंचार विभाग से मास मीडिया में इंटर्नशिप की। विमलेश कुमार भुर्तिया को कंप्यूटर का भी अच्छा ज्ञान है। उन्होंने भोपाल स्थित माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय से कंप्यूटर एप्लीकेशन में डिप्लोमा किया है।

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