चीफ सिलेक्टर अजीत अगरकर के 3 साल पूरे, आंकड़ों से परे जाकर लिए हैं कई कड़े फैसले

Mar 07, 2026 03:09 pm ISTVikash Gaur Bhasha, अहमदाबाद
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अजीत अगरकर ने टीम इंडिया के चीफ सिलेक्टर के तौर पर 3 साल का कार्यकाल पूरा कर लिया है। अजीत अगरकर के लिए इस पद पर चुनौतियां कई रहीं, लेकिन उन्होंने कड़े फैसले लिए और डटकर चुनौतियों का सामना भी किया। 

चीफ सिलेक्टर अजीत अगरकर के 3 साल पूरे, आंकड़ों से परे जाकर लिए हैं कई कड़े फैसले

अजीत अगरकर ने जब भारत की सीनियर चयन समिति के अध्यक्ष का पदभार संभाला, तो परिस्थितियां काफी अलग थीं। अगरकर को चेतन शर्मा की जगह पर यह पद सौंपा गया था। शर्मा को एक टीवी चैनल के स्टिंग ऑपरेशन में आपत्तिजनक टिप्पणी करते हुए पाया गया था, जिसके बाद उन्हें पद से हटा दिया गया था। अगरकर के तीन साल के कार्यकाल में काफी कठिन और साहसिक फैसले किए गए जिनके अनुकूल परिणाम निकले।

चयनकर्ता विकेटकीपर की तरह होता है। अच्छे कैच पर भले ही हल्की-फुल्की तालियां बजें, लेकिन अचानक गेंद छूट जाने पर तीखी आलोचना होगी। अगरकर के सफर में भी इस खास तरह की समरूपता है। जब 2020-21 में चयन समिति के अध्यक्ष का पद खाली हुआ था, तब अगरकर के आवेदक होने के बावजूद चेतन शर्मा ने उन्हें पीछे छोड़ दिया था। आखिर में उन्हें 2023 में यह पद मिल गया और इसके बाद अपने फैसलों के कारण वह सुर्खियों में रहे।

भारत की चयन समितियों के व्यापक इतिहास में विशेष रूप से दिलीप वेंगसरकर और कृष्णमाचारी श्रीकांत के प्रभावशाली कार्यकाल के बाद अगरकर निस्संदेह सबसे चर्चित अध्यक्षों में से एक रहे हैं। पिछले तीन वर्षों में भारतीय टीम ने आईसीसी के चार टूर्नामेंट (2023 वनडे विश्व कप, 2024 टी20 विश्व कप, 2025 चैंपियंस ट्रॉफी, 2026 टी20 विश्व कप) के फाइनल में जगह बनाई है। अगर भारत फाइनल में न्यूजीलैंड को हरा देता है तो यह उसकी पिछले तीन साल में तीसरी जीत होगी।

टीम की जीत पर खिलाड़ियों और सहयोगी स्टाफ के सदस्यों को सराहना मिलती है, लेकिन वैश्विक टूर्नामेंटों के लिए टीमों को आकार देने में चयनकर्ताओं की भूमिका को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है। अगरकर के कार्यकाल में ऐसे कई फैसले लिए गए जिनमें आलोचनाओं का सामना कर सकने वाले दृढ़ विश्वास की जरूरत थी। हार्दिक पंड्या की जगह पर सूर्यकुमार यादव को टी20 टीम का कप्तान नियुक्त करना एक ऐसा ही फैसला था।

वनडे कप्तान के पद से बेहद सफल और पसंदीदा रोहित शर्मा को हटाने का निर्णय कहीं अधिक संवेदनशील था। इन दोनों मामलों में अगरकर ने चुप्पी साधने की कोशिश नहीं की। उन्होंने इसका डटकर सामना किया और मुश्किल फैसलों के लिए होने वाली आलोचनाओं को भी स्वीकार किया। अगर सिर्फ आंकड़े ही मापदंड होते तो हर क्रिकेट प्रेमी अपनी पसंद की टीम चुन सकता था, लेकिन चयन इतना आसान नहीं होता।

इसमें खिलाड़ियों की पहचान करने, उनकी भूमिकाओं को समझने और यह कल्पना करने की क्षमता की जरूरत होती है कि कोई खिलाड़ी किसी रणनीतिक ढांचे में कैसे फिट बैठता है। अगरकर की अगुवाई में उनकी टीम ने यह काम बखूबी किया है। उनकी टीम में एस शरथ (अब उनकी जगह प्रज्ञान ओझा हैं), सुब्रतो बनर्जी (अब उनकी जगह आरपी सिंह हैं), एसएस दास और अजय रात्रा शामिल रहे हैं।

Vikash Gaur

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Vikash Gaur

विकाश गौड़: डिप्टी चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर कम असिस्टेंट मैनेजर, स्पोर्ट्स


संक्षिप्त विवरण:

विकाश गौड़ पिछले 8 वर्षों से हिंदी डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के स्पोर्ट्स सेक्शन में डिप्टी चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर (असिस्टेंट मैनेजर) के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।


विस्तृत बायो:

परिचय और अनुभव: विकाश गौड़ भारतीय डिजिटल स्पोर्ट्स मीडिया का एक उभरता हुआ चेहरा हैं। लगभग 8 वर्षों के अनुभव के साथ, विकाश ने डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को जमीन से समझा है। 2016 में अपने करियर की शुरुआत करने वाले विकाश ने डिजिटल-फर्स्ट अप्रोच के साथ खेल पत्रकारिता में अपनी एक अलग पहचान बनाई है। जनवरी 2021 से वह 'लाइव हिन्दुस्तान' की स्पोर्ट्स टीम के मुख्य स्तंभ बने हुए हैं, जहां वह कंटेंट प्लानिंग और स्पोर्ट्स कवरेज का नेतृत्व करते हैं।


करियर का सफर:
मंगलायतन विश्वविद्यालय, अलीगढ़ से पत्रकारिता का ककहरा सीखने के बाद विकाश का सफर 'खबर नॉन स्टॉप' से शुरू हुआ था, जो अब देश के प्रतिष्ठित मीडिया घरानों तक फैला हुआ है। उन्होंने पत्रिका समूह की वेबसाइट 'कैच न्यूज' में खेल की खबरों की तकनीकी समझ विकसित की। इसके बाद 'डेली हंट' में वीडियो प्रोड्यूसर के तौर पर काम करते हुए उन्होंने विजुअल स्टोरीटेलिंग के गुर सीखे। 'दैनिक जागरण' की वेबसाइट में करीब ढाई साल तक खेल डेस्क पर अपनी धार तेज करने के बाद, उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान का रुख किया, जहां वे बीते 4 साल से चौके-छक्के लगा रहे हैं। इंटर्न के तौर पर प्रिंट की समझ हासिल कर चुके विकाश गौड़ के पास अब डिजिटल की अच्छी समझ है और वे ट्रेंड को बखूबी फॉलो करते हैं।


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अपने अब तक के करियर में विकाश ने दुनिया के कई बड़े खेल आयोजनों को डेस्क और फील्ड पर रहकर कवर किया है। उनकी विशेषज्ञता केवल क्रिकेट तक सीमित नहीं है, बल्कि वह मल्टी-स्पोर्ट्स इवेंट्स की भी गहरी समझ रखते हैं। उन्होंने निम्नलिखित प्रमुख आयोजनों का व्यापक विश्लेषण और रिपोर्टिंग की है:


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