1992 विश्व कप के विजेता खिलाड़ी तानाशाह हैं...पूर्व क्रिकेटर ने लगाई PCB की जोरदार क्लास
पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर ने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड और 1992 वर्ल्ड कप विजेता टीम के खिलाड़ियों को खूब सुनाया है। अतीक उज जमान नाम के क्रिकेटर ने साफ कहा है यह उनकी तानाशाही है।

पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर अतीक उज जमान ने बड़ा आरोप पाकिस्तान की टीम के चीफ सिलेक्टर आकिब जावेद पर लगाया है। जमान का कहना है कि आकिब सारे फैसले खुद ले रहे हैं और अब यह मामला उनका बनाम पूरे सेटअप का बन गया है। इंग्लैंड के खिलाफ आखिरी टेस्ट से पहले पाकिस्तान की टीम में होलसेल में बदलाव किए हैं। यहां तक कि टेस्ट टीम के हेड कोच और बॉलिंग कोच को भी हटा दिया गया है। अतीक ने 1992 वर्ल्ड कप विनिंग टीम के दिग्गजों को डिक्टेटर यानी तानाशाह बताया है।
लॉर्ड्स टेस्ट में पाकिस्तान को 194 रनों से हार मिली थी। इसके बाद पाकिस्तान की टीम से 7 खिलाड़ियों को बाहर कर दिया गया था। इनमें विकेटकीपर बल्लेबाज मोहम्मद रिजवान, बल्लेबाज इमाम उल हक और पहले टेस्ट में कप्तानी करने वाले सलमान अली आगा के अलावा अली उस्मान, आमिर जमाल, अवैस जफर और खुर्रम शहजाद का नाम शामिल था, जबकि रेड बॉल टीम के हेड कोच सरफराज अहमद और गेंदबाजी कोच उमर गुल को भी उनकी ड्यूटी से निवृत कर दिया कर दिया गया था।
पाकिस्तान ने खराब प्रदर्शन किया- अतीक
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड द्वारा लिए गए फैसलों पर न्यूज एजेंसी आईएएनएस को दिए इंटरव्यू में अतीक उज जमान ने कहा, "मुझे लगता है कि अगर मैं इस बातचीत से सहमत नहीं हूं, तो मैं दुनिया का सबसे भेदभाव करने वाला इंसान बन जाऊंगा। मुझे लगता है कि जिन लोगों को इंटरनेशनल क्रिकेट की समझ नहीं है या उन्होंने इसमें नहीं खेला है, लेकिन वे किसी न किसी तरह का क्रिकेट खेलते हैं और क्रिकेट देखते हैं, वे सभी हर किसी की बात से सहमत हैं। वे सभी पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के फैसले से सहमत नहीं हैं। मुझे लगता है कि यह किसी का भी अविश्वसनीय, नासमझी भरा फैसला है। परफॉर्मेंस ठीक नहीं है। हम समझ सकते हैं कि पाकिस्तान का प्रदर्शन सच में, बहुत ही औसत से नीचे है - मैं कहूंगा कि बहुत खराब, लेकिन मैंने अपने पूरे क्रिकेट करियर में पहले कभी इस तरह की घटनाएं नहीं देखीं कि सीरीज़ के दौरान टीम बदल दी गई और कोच को सिर्फ एक वजह से घर भेज दिया गया, क्योंकि उसने किसी की सलाह नहीं सुनी। यह अविश्वसनीय है।”
इसके बाद उन्होंने आकिब जावेद पर निशाना साधा और कहा, "मुझे लगता है कि पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड अब वन-मैन शो बन गया है। मुझे लगता है कि अब यह आकिब जावेद बनाम पूरा पाकिस्तान है। इसलिए, वह सारे फैसले खुद ले रहा है। वह एक सपना देखता है और फिर अगले दिन अपने सपने को पूरा करने की कोशिश करता है। कोई प्रोसेस नहीं है, क्योंकि एशियाई देशों, खासकर पाकिस्तान के साथ समस्या यह है कि अगर आप एक प्रोसेस बनाने की कोशिश करते हैं, तो आप पावर खो देते हैं और आप पावर खोना नहीं चाहते। आप दूसरे लोगों को अधिकार नहीं देना चाहते या आप नहीं चाहते कि लोग आगे बढ़ें। आप चाहते हैं कि लोग आपके हिसाब से चलें। तो, यह एक तरह का कल्चर है जो वह लाए हैं।"
अतीक भी पीसीबी सेटअप में रहे हैं
पाकिस्तान के लिए एक टेस्ट और 3 वनडे मैच खेलने वाले अतीक उज जमान हाई परफॉर्मेंस सेंटर में फील्डिंग-कम-विकेटकीपिंग कोच रहे हैं। उनका कहना है कि टीम का सिलेक्शन, असली टैलेंट के बजाय पॉलिटिकल फेवरिटिज़्म से हो रहा है। हम इंग्लैंड में एक औसत गेंदबाजी सेटअप लेकर गए, क्योंकि हमारे पास तेज गेंदबाज नहीं हैं। ऐसा भी नहीं है कि हमारे पास 90 मील प्रति घंटा की गेंदबाजी करने वाले गेंदबाज नहीं हैं, बल्कि उन्हें चुना ही नहीं जाता है, क्योंकि वे उनके ऑफिस नहीं जाते हैं और उन्हें सलाम नहीं करते।
उन्होंने आगे कहा, “पाकिस्तानी कल्चर हमेशा ऐसा ही रहा है। यह हमेशा एक तानाशाही कल्चर रहा है। जब से हमारे पास 1992 के हीरो हैं - तथाकथित हीरो जिन्होंने वर्ल्ड कप जीता, वे दशकों, दशकों और दशकों से पाकिस्तान क्रिकेट में शामिल रहे हैं और वही लोग हैं जो पाकिस्तान क्रिकेट को बर्बाद कर रहे हैं। ऐसे में हमें उन लोगों से छुटकारा पाने की ज़रूरत है। हमें खिलाड़ियों के लिए पूरी हमदर्दी और सम्मान के साथ नई सोच लाने की जरूरत है। अगर आप एक टीम चुनते हैं, तो आप पूरी सीरीज के लिए उनका साथ देते। उसके बाद, ठीक है, अकाउंटेबिलिटी होगी। अगर आप परफॉर्म नहीं करते हैं - बहुत-बहुत धन्यवाद, आपने अच्छा नहीं किया। हम आपको ऑब्जेक्टिव फीडबैक देते हैं कि आप कैसे सुधार कर सकते हैं और टीम में वापस आ सकते हैं और कुछ नहीं। आप उन्हें अभी निकाल दें, आप इन खिलाड़ियों को फिर कभी नहीं देख पाएंगे, क्योंकि उन्हें फिर कभी नहीं चुना जाएगा।"



