14 साल पहले इंदौर में वीरेंद्र सहवाग ने लगाया था दोहरा शतक; इतने चौके-छक्के जड़ रचा था इतिहास

Jan 18, 2026 02:25 pm ISTVimlesh Kumar Bhurtiya लाइव हिन्दुस्तान
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8 दिसंबर 2011 को वेस्टइंडीज के खिलाफ खेले गए चौथे वनडे मैच में वीरेंद्र सहवाग ने बल्लेबाजी का ऐसा तूफान लाया था जिसने क्रिकेट जगत को हिला कर रख दिया था। आज जब भारत और न्यूजीलैंड की टीमें इसी मैदान पर आमने-सामने हैं, तो सहवाग की वह ऐतिहासिक पारी फिर से चर्चा का विषय बन गई है।

14 साल पहले इंदौर में वीरेंद्र सहवाग ने लगाया था दोहरा शतक; इतने चौके-छक्के जड़ रचा था इतिहास

इंदौर का होलकर स्टेडियम भारतीय क्रिकेट इतिहास के सबसे यादगार पलों में से एक का गवाह रहा है। 8 दिसंबर 2011 को वेस्टइंडीज के खिलाफ खेले गए चौथे वनडे मैच में वीरेंद्र सहवाग ने बल्लेबाजी का ऐसा तूफान लाया था जिसने क्रिकेट जगत को हिला कर रख दिया था। आज जब भारत और न्यूजीलैंड की टीमें इसी मैदान पर आमने-सामने हैं, तो सहवाग की वह ऐतिहासिक पारी फिर से चर्चा का विषय बन गई है क्योंकि यह मैदान हमेशा से रनों की बारिश के लिए जाना जाता रहा है।

8 दिसंबर 2011 को खेले गए उस ऐतिहासिक मैच में वीरेंद्र सहवाग भारतीय टीम की कप्तानी कर रहे थे। उन्होंने उस मुकाबले में मात्र 149 गेंदों में 219 रनों की अविश्वसनीय पारी खेली थी। अपनी इस पारी के दौरान उन्होंने मैदान के हर कोने में बाउंड्री की बौछार कर दी थी। सहवाग ने कुल 25 चौके और 7 छक्के जड़े थे, जिसका अर्थ है कि उन्होंने अपनी पारी के 142 रन केवल चौकों-छक्कों की मदद से बनाए थे। उनका स्ट्राइक रेट 146.97 का रहा, जिसने वेस्टइंडीज के गेंदबाजी आक्रमण को पूरी तरह तहस-नहस कर दिया था।

सहवाग की इस पारी की रफ्तार का अंदाजा उनके माइलस्टोन्स से लगाया जा सकता है। उन्होंने अपना अर्धशतक 41 गेंदों में और शतक मात्र 69 गेंदों में पूरा किया था। इसके बाद उन्होंने और आक्रामक रुख अपनाया और 112 गेंदों में 150 रन पूरे करने के बाद, केवल 140 गेंदों में अपना दोहरा शतक पूरा कर इतिहास रच दिया था। वह उस समय वनडे क्रिकेट में दोहरा शतक लगाने वाले दुनिया के दूसरे बल्लेबाज बने थे और उनकी यह पारी लंबे समय तक वनडे का सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर रही।

सहवाग के इस महा-शतक की बदौलत भारत ने निर्धारित 50 ओवरों में 418/5 का विशाल स्कोर खड़ा किया था। इस पारी में गौतम गंभीर (67) और सुरेश रैना (55) ने भी महत्वपूर्ण अर्धशतक जमाए थे। लक्ष्य का पीछा करते हुए वेस्टइंडीज की टीम 49.2 ओवरों में 265 रनों पर सिमट गई और भारत ने यह मैच 153 रनों के विशाल अंतर से जीत लिया। भारत की ओर से रवींद्र जडेजा और अपना डेब्यू मैच खेल रहे राहुल शर्मा ने 3-3 विकेट लिए थे। सहवाग की वह पारी आज भी इंदौर के मैदान की पहचान बनी हुई है।

Vimlesh Kumar Bhurtiya

लेखक के बारे में

Vimlesh Kumar Bhurtiya

विमलेश कुमार भुर्तिया (Vimlesh Kumar Bhurtiya): खेल पत्रकार

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विमलेश कुमार भुर्तिया पिछले 4 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) नई दिल्ली से पत्रकारिता की पढ़ाई की है।

विस्तृत बायो

परिचय और अनुभव: विमलेश कुमार भुर्तिया भारतीय डिजिटल मीडिया जगत का एक उभरता हुआ नाम हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 4 वर्षों से अधिक का अनुभव प्राप्त है। वर्तमान में, वह भारत के अग्रणी समाचार संस्थान 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में स्पोर्ट्स टीम में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पिछले चार वर्षों से वह इसी संस्थान से जुड़े हुए हैं और डिजिटल मीडिया की गतिशीलता, कार्यशैली और प्रकृति को समझने का प्रयास किया है। उनका मानना है कि पाठक किसी भी डिजिटल प्लेटफॉर्म की रीढ़ होता है ऐसे में उनके हितों को ध्यान में रखते हुए खबरों का प्रकाशन होना चाहिए। यह पत्रकारिता को जीवंत रखता है और जर्नलिज्म का मूल गुण भी यही है।

शैक्षणिक पृष्ठभूमि
विमलेश ने भारत के सबसे प्रतिष्ठित पत्रकारिता संस्थान से अपनी शिक्षा ग्रहण की है। वे 2021-22 बैच के भारतीय जनसंचार संस्थान नई दिल्ली के छात्र रहे हैं। उन्होंने इस नामी संस्थान से रेडियो एवं टेलीविजन पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा किया है। इसके बाद उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में ही मास्टर्स यानी (M.A) की डिग्री भी हासिल की है। इन्होंने अपना ग्रेजुएशन मध्य प्रदेश के नामचीन साइंस कॉलेजों में से एक होलकर साइंस कॉलेज से किया है। ग्रेजुएशन के दूसरे साल से ही विमलेश की दिलचस्पी साहित्य और पत्रकारिता की ओर जागृत होने लगी थी। यही कारण था कि ग्रेजुएशन के दिनों में ही उन्होंने दैनिक चैतन्यलोक नामक इंदौर की क्षेत्रीय पत्रिका में काम करना शुरू कर दिया। कुछ महीनों बाद उन्होंने दैनिक भास्कर में बतौर कॉपी एडिटर ट्रेनिंग ली। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर के पत्रकारिता और जनसंचार विभाग से मास मीडिया में इंटर्नशिप की। विमलेश कुमार भुर्तिया को कंप्यूटर का भी अच्छा ज्ञान है। उन्होंने भोपाल स्थित माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय से कंप्यूटर एप्लीकेशन में डिप्लोमा किया है।

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