ऑस्ट्रेलिया के एशेज स्क्वॉड में 15 में से 14 खिलाड़ी 30 के पार, जोश हेजलवुड ने इस चिंता को किया खारिज
ऑस्ट्रेलिया वर्सेस इंग्लैंड एशेज सीरीज 21 नवंबर से शुरू होगी। ऑस्ट्रेलिया के एशेज स्क्वॉड में 15 में से 14 खिलाड़ी 30 साल से अधिक उम्र के हैं। जोश हेजलवुड ने उम्रदराज बॉलिंग यूनिट का समर्थन किया है।
तेज गेंदबाज जोश हेजलवुड ने आस्ट्रेलिया के उम्रदराज गेंदबाजी आक्रमण को लेकर चिंताओं को खारिज करते हुए शनिवार को कहा कि इंग्लैंड के खिलाफ एशेज सीरीज से पहले सामूहिक अनुभव उनकी टीम का मजबूत पक्ष है। पहले एशेज टेस्ट के लिए ऑस्ट्रेलिया की 15 सदस्यीय टीम में 30 वर्ष से अधिक आयु के 14 खिलाड़ी शामिल हैं। उनके स्पिन आक्रमण की अगुवाई नाथन लियोन करेंगे, जो 21 नवंबर को पर्थ में शुरू होने वाले पहले टेस्ट से एक दिन पहले 38 वर्ष के हो जाएंगे। तेज गेंदबाजी में मिशेल स्टार्क (35), हेजलवुड (34) और स्कॉट बोलैंड (36) शामिल हैं, जबकि कप्तान पैट कमिंस 32 वर्ष के हैं। कमिंस चोटिल होने के कारण पहले टेस्ट मैच में नहीं खेल पाएंगे।

हेजलवुड ने ऑस्ट्रेलिया एसोसिएटेड प्रेस से कहा, ‘‘मुझे लगता है कि केवल टेस्ट मैच ही नहीं बल्कि खेल के सभी प्रारूपों में खेलने का हमारा सामूहिक अनुभव हमारा मजबूत पक्ष है। हमने मैदान पर विभिन्न परिस्थितियों का सामना किया है तथा एक खिलाड़ी ही नहीं बल्कि एक टीम के रूप में भी काफी कुछ सीखा है। हम एक-दूसरे के खेल को अच्छी तरह जानते हैं और एक-दूसरे की मदद करते हैं।’’ इस बीच आस्ट्रेलिया के कप्तान पैट कमिंस दूसरे एशेज टेस्ट में खेलने के लिए तैयार हैं, क्योंकि इस तेज गेंदबाज ने शनिवार को नेट पर पूरी क्षमता से गेंदबाजी की।
वहीं, इंग्लैंड के तेज गेंदबाज मार्क वुड का मानना है कि मेजबान ऑस्ट्रेलिया आगामी एशेज सीरीज में प्रबल दावेदार के रूप में शुरुआत करेगा लेकिन उन्होंने कहा कि उनकी टीम भी इस महत्वपूर्ण मुकाबले के लिए आत्मविश्वास से भरी है। इंग्लैंड की टीम 2010-11 से ऑस्ट्रेलिया में सीरीज नहीं जीत पाई है और उसका लक्ष्य इस बार यह इंतजार खत्म करने का होगा। ईएसपीएनक्रिकइन्फो के अनुसार वुड ने कहा, ‘‘ऑस्ट्रेलिया निश्चित रूप से सीरीज में प्रबल दावेदार है, लेकिन मुझे लगता है कि हमारी टीम में भी इस बात का आत्मविश्वास है कि हम यहां अच्छा प्रदर्शन कर सकते हैं।’’ वुड ने 15 महीनों से कोई टेस्ट मैच नहीं खेला है और वह फरवरी में चैंपियंस ट्रॉफी के बाद से प्रतिस्पर्धी क्रिकेट में भी नहीं खेले हैं। इस टूर्नामेंट के दौरान उन्हें घुटने में चोट लग गई थी।





