
आतंकी संगठन ISIS से संबंध रखने के आरोप में ATS ने छत्तीसगढ़ से 2 को दबोचा, थी इन कामों की जिम्मेदारी
ATS और उससे जुड़ी एजेंसियों की लगातार साइबर निगरानी की वजह से, ISIS से प्रभावित दो नाबालिगों का पता लगाकर उन्हें हिरासत में लिया गया। अधिकारियों ने कहा कि टेक्निकल सबूतों के आधार पर उनके खिलाफ कार्रवाई की गई है।
छत्तीसगढ़ ATS (एंटी-टेररिज्म स्क्वॉड) ने रायपुर में दो लड़कों को आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट ऑफ इराक एंड सीरिया (ISIS) से कथित तौर पर जुड़े होने के आरोप में हिरासत में लिया है। पुलिस के अनुसार उनका मकसद कट्टरपंथी, जिहादी और हिंसक विचारधारा को बढ़ावा देते हुए देश को अस्थिर करना था। इस बात की जानकारी राज्य के उपमुख्यमंत्री और गृहमंत्री विजय शर्मा ने मंगलवार को दी। उन्होंने बताया कि ATS ने पूरी तरह से जांच करने के बाद ही दोनों को पकड़ा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार ये दोनों पाकिस्तान में मौजूद ISIS मॉड्यूल के तहत काम कर रहे थे और फेक ID के जरिए सोशल मीडिया पर एक्टिव थे। साथ ही पुलिस ने बताया कि ऐसे सबूत भी सामने आए हैं जिनसे पता चलता है कि नाबालिगों को छत्तीसगढ़ में ISIS मॉड्यूल बनाने के लिए मोटिवेट किया जा रहा था।
उपमुख्यमंत्री ने कहा, 'वे खुद भड़काऊ व चरमपंथी सामग्री से प्रभावित थे, और इंस्टाग्राम पर दूसरों को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे थे। उनके पास काफी जानकारी थी और वे ISIS के नाम से इंटरनेट और सोशल मीडिया का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल कर रहे थे।'
शर्मा ने कहा कि यह राज्य में ऐसा पहला मामला है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि क्या राज्य में उनके जैसे और भी लोग हैं। उन्होंने कहा, 'ATS टीम को बढ़ाकर, खासकर रायपुर और छत्तीसगढ़ के दूसरे बड़े शहरों और पूरे राज्य में ऐसे लोगों की पहचान की जाएगी और उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। मैं इसके लिए मुख्यमंत्री (विष्णु देव साय) से भी ATS टीम को और बढ़ाने का निवेदन करूंगा।' शर्मा ने लोगों से यह भी अपील की कि वे एंटी-नेशनल कंटेंट फैलाने वाले किसी भी सोशल मीडिया हैंडल की तुरंत पुलिस को रिपोर्ट करें।
दोनों आरोपियों के खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA), 1967 के प्रोविजन्स के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि, ATS ने ISIS के लिए ऑनलाइन काम करने वाले दो नाबालिगों की पहचान करते हुए उन्हें हिरासत में ले लिया। एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि जांच में पाया गया कि पाकिस्तान का एक ISIS मॉड्यूल साइबरस्पेस के जरिए भारत को अस्थिर करने और आंतरिक सुरक्षा को प्रभावित करने के लिए फर्जी और छद्म पहचान वाले सोशल मीडिया अकाउंट चला रहा था।
अधिकारियों ने कहा कि पाकिस्तान से काम करने वाले हैंडलर कथित तौर पर भारतीय युवाओं और टीनएजर्स को टारगेट करने, उन्हें कट्टरपंथी बनाने, भारत विरोधी गतिविधियों को भड़काने और हिंसक कट्टरपंथ और जिहादी विचारधारा को बढ़ावा देने के लिए इंस्टाग्राम ID का इस्तेमाल कर रहे थे। पाकिस्तानी हैंडलर्स ने नाबालिगों को अपने इंस्टाग्राम ग्रुप चैट में जोड़ा, जहां उन्हें सिस्टमैटिक तरीके से रेडिकलाइज किया गया। फिर टीनएजर्स को ISIS प्रोपेगैंडा और हिंसक कंटेंट ऑनलाइन फैलाने के लिए उकसाया गया।
साथ ही पुलिस ने बताया कि ऐसे सबूत भी सामने आए हैं जिनसे पता चलता है कि नाबालिगों को छत्तीसगढ़ में ISIS मॉड्यूल बनाने के लिए मोटिवेट किया जा रहा था। ATS और उससे जुड़ी एजेंसियों की लगातार साइबर निगरानी की वजह से, ISIS से प्रभावित दो नाबालिगों का पता लगाकर उन्हें हिरासत में लिया गया। अधिकारियों ने कहा कि टेक्निकल सबूतों के आधार पर उनके खिलाफ कार्रवाई की गई है।

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Sourabh Jainलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




