छत्तीसगढ़ में आखिरी सांसे गिन रहे नक्सलवाद पर एक और चोट, महिला समेत 3 नक्सलियों का आत्मसमर्पण
पट्टलिंगम ने आश्वासन दिया कि आत्मसमर्पण करने वालों को सरकार की पुनर्वास नीति के तहत सभी सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। सुंदरराज ने बताया कि पिछले 26 महीनों में राज्य की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति के तहत 2,700 से अधिक माओवादी मुख्यधारा में शामिल हो चुके हैं।

छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में एक महिला माओवादी सहित तीन माओवादियों ने हथियारों के साथ आत्मसमर्पण कर दिया। कांकेर जिले के पुलिस अधीक्षक निखिल राखेचा ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि, 'एरिया कमेटी सदस्य (एसीएम) राधिका कुंजाम और संदीप कड़ियाम तथा पार्टी सदस्य रैनू पद्दा ने सुरक्षाबलों के समक्ष आत्मसमर्पण किया।' अधिकारी ने बताया कि इस दौरान उन्होंने तीन हथियार जिनमें दो सेल्फ-लोडिंग राइफल (SLR) और एक .303 राइफल भी जमा कराए।
पुलिस ने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों से मिली जानकारी के आधार पर क्षेत्र में सक्रिय अन्य माओवादी कैडरों से संपर्क स्थापित कर उन्हें भी मुख्यधारा में शामिल कराने के प्रयास जारी हैं। इससे पहले 25 और 26 मार्च को जिले में छह अन्य माओवादियों ने भी आत्मसमर्पण किया था। यानी कुल नौ नक्सलियों ने समर्पण किया।
DGP ने किया स्वागत, बाकियों से भी की अपील
बस्तर क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पट्टलिंगम ने इन सभी नौ माओवादी कैडरों के आत्मसमर्पण के फैसले का स्वागत करते हुए शेष माओवादियों से हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में लौटने की अपील की। उन्होंने कहा कि आत्मसमर्पण और पुनर्वास का विकल्प चुनने के लिए अब सीमित समय शेष है, इसलिए माओवादियों को इस अवसर का लाभ उठाकर शांतिपूर्ण और सम्मानजनक जीवन अपनाना चाहिए।
26 महीनों में 2700 नक्सलियों ने डाले हथियार
पट्टलिंगम ने आश्वासन दिया कि आत्मसमर्पण करने वालों को सरकार की पुनर्वास नीति के तहत सभी सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। सुंदरराज ने बताया कि पिछले 26 महीनों में राज्य की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति के तहत 2,700 से अधिक माओवादी मुख्यधारा में शामिल हो चुके हैं।
पापा राव के समर्पण से मिली थी सबसे बड़ी सफलता
इससे पहले, 24 मार्च को वरिष्ठ माओवादी कमांडर पापा राव ने बस्तर क्षेत्र में अपने 17 साथियों के साथ आत्मसमर्पण किया था। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा था कि पापा राव के आत्मसमर्पण के बाद राज्य में कोई बड़ा माओवादी नेता सक्रिय नहीं बचा है। उन्होंने विश्वास जताया कि 31 मार्च 2026 की समय सीमा तक छत्तीसगढ़ सशस्त्र नक्सलवाद से मुक्त हो जाएगा।
लेखक के बारे में
Sourabh Jainसौरभ जैन पिछले 16 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में स्टेट टीम में कार्यरत हैं। वह दिल्ली-एनसीआर, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, झारखंड, हिमाचल प्रदेश और गुजरात से जुड़े घटनाक्रम पर खबरें और विश्लेषण लिखते हैं।
विस्तृत बायो
परिचय और अनुभव: सौरभ जैन भारतीय डिजिटल मीडिया जगत का एक हिस्सा हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 16 वर्षों से ज्यादा का अनुभव है। वर्तमान में, वह भारत के अग्रणी समाचार संस्थान 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में स्टेट सेक्शन में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। वे पिछले लगभग तीन सालों से यहां कार्यरत हैं। सौरभ का करियर टीवी मीडिया से शुरू होकर डिजिटल मीडिया की गतिशीलता तक फैला हुआ है, जो उन्हें खबरों को गहराई और सटीकता के साथ प्रस्तुत करने में सक्षम बनाता है।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि और कार्य अनुभव
सौरभ ने बैचलर ऑफ कॉमर्स की डिग्री लेने के बाद पत्रकारिता के क्षेत्र में कदम रखा और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से पोस्ट ग्रेजुएशन का कोर्स किया। इस क्षेत्र में साल 2009 से सक्रिय होने के बाद सौरभ ने पहले टीवी के क्षेत्र में अलग-अलग डेस्क पर कार्य अनुभव लिया, इस दौरान उन्होंने टिकर डेस्क से शुरुआत करने के बाद न्यूज डेस्क में कॉपी राइटिंग का अनुभव हासिल किया, इस दौरान क्षेत्रीय विषयों से लेकर राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय विषयों पर खबरें लिखीं। इसके बाद उन्हें बॉलीवुड और हेल्प-लाइन डेस्क में भी काम करने का मौका मिला। हेल्प लाइन डेस्क में काम करने के दौरान उन्हें स्वास्थ्य, करियर और आम लोगों से जुड़े कई विषयों को जानने व समझने का मौका मिला।
इसके बाद साल 2016 में उन्होंने डिजिटल मीडिया की दुनिया में कदम रखा और स्पोर्ट्स डेस्क के साथ शुरुआत की। सौरभ ने अपने करियर की शुरुआत ZEE24 छत्तीसगढ़ न्यूज चैनल से की थी। इसके बाद वे IBC24 और दैनिक भास्कर जैसी संस्थाओं में भी सेवाएं दे चुके हैं। सौरभ साल 2023 से लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े हुए हैं और यहां पर स्टेट डेस्क में कार्यरत हैं। सौरभ मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के रहने वाले हैं और उन्होंने अपनी स्कूली पढ़ाई और ग्रेजुएशन दोनों यहीं से किया है। इसके बाद उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में मास्टर्स की डिग्री ली है।
सौरभ जैन का मानना है कि एक पत्रकार की पहली जिम्मेदारी सही तथ्यों व आसान भाषा में पाठकों तक खबरें पहुंचाना है। इस काम में तेजी जितनी जरूरी है, सटीकता भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। फिर चाहे वह आम जीवन की खबरें हों, राजनीति की खबरें हों, खेल की खबरें हों या फिर चकाचौंध से भरे बॉलीवुड की खबरें हों। कोई भी खबर सही तथ्यों के साथ रीडर्स तक पहुंचनी चाहिए। हड़बड़ी में तथ्यों की पुष्टि ना होने पर गलत जानकारी पाठकों तक पहुंचने का खतरा बना रहता है। इसलिए सौरभ का मानना है कि पत्रकारिता का मतलब केवल पाठकों तक सूचना पहुंचाना ही नहीं, बल्कि सही और निष्पक्ष जानकारी पहुंचाते हुए उनकी बुद्धिमत्ता और विवेक को भी जागृत करना होता है।
लेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।


