धमाके से स्टीम पाइप फटा और लोग झुलस गए; सुपरवाइजर ने बताया कैसे हुआ वेदांता प्लांट में हादसा
उन्होंने बताया कि 'यह हादसा ठीक मेरे सामने हुआ। बॉयलर के साइड में ही लोग काम कर रहे थे, कोई क्लिनिंग कर रहा था, कोई पेंटिंग कर रहा था, कोई कुछ और काम कर रहा था। इसी दौरान यह हादसा हो गया।'

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के सक्ती में स्थित वेदांता पावर प्लांट में मंगलवार को हुए एक भीषण हादसे में केमिकल बॉयलर फटने से कम से कम 10 लोगों की मौत हो गए, जबकि 20 से ज्यादा लोग बुरी तरह घायल हो गए। हादसे की जानकारी देते हुए प्लांट के प्रभावित हिस्से में ड्यूटी कर रहे पेंटिंग सुपरवाइजर ने बताया कि बॉयलर पाइप धमाके के साथ फट गया और वहां काम कर रहे लोग इसकी चपेट में आ गए।
इस बात की जानकारी देते हुए सुपरवाइजर विश्वजीत गोरई ने बताया, 'मैं एथेना (जिसे बाद में वेदांता लिमिटेड ने अधिग्रहित कर लिया था) में सुपरवाइजर हूं और यह हादसा लंच के करीब आधा घंटा बाद उस वक्त हुआ, जब स्टीम पाइप धमाके के साथ फट गया और पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया।'
धमाके के बाद चपेट में आ गए आसपास खड़े लोग
उन्होंने बताया कि 'यह हादसा ठीक मेरे सामने हुआ। बॉयलर के साइड में ही लोग काम कर रहे थे, कोई क्लिनिंग कर रहा था, कोई पेंटिंग कर रहा था, कोई कुछ और काम कर रहा था। इसी दौरान यह हादसा हो गया।'
'हादसे में कई लोगों की मौत भी हुई'
हादसे में प्रभावित लोगों की संख्या के बारे में जानकारी देते हुए उन्होंने कहा, 'मैं जिस कॉन्ट्रेक्टर अंडर में काम कर रहा था, उसमें 14-15 आदमी तो इसमें घायल हुए हैं, हादसे में कुछ लोगों की जान भी गई है, लेकिन अभी मुझे सही संख्या के बारे में जानकारी नहीं है इसलिए इस बारे में मैं कुछ बता नहीं पाऊंगा।'
'धमाके के बाद वहां अंधेरा हो गया'
एक अन्य चश्मदीद ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि 'हम प्लांट के साइड में था, करीब 50 मीटर की दूरी पर था, लेकिन अचानक से वहां स्टीम पाइप में ब्लास्ट हो गया। जिससे वहां अंधेरा हो गया वहां पर और बहुत से आदमी वहां जख्मी हो गए और उनमें से कई की मौत भी हो गई। अभी कुल कितना हुआ है इस बारे में पता नहीं चला है, लेकिन अब तक बहुत लोगों को निकाला जा चुका है, लेकिन अभी वहां और भी लोग पड़े हुए हैं, सभी लोगों को अबतक निकाला नहीं जा सका है।
'मेरे बेटे की जानकारी नहीं दे रहे'
हादसे में घायल एक युवक के पिता राजकुमार ने बताया कि 'हादसे की जानकारी मिलने के बाद हम पहले कंपनी पहुंचे तो वहां पता चला कि घायलों को पद्मावती अस्पताल भेज दिए हैं। जब वहां पहुंचा तो बच्चे ने कहा कि हम यहां नहीं रहेंगे, इसके बाद हम उसे लेकर जिंदल अस्पताल आए, लेकिन यहां उसे ले जाने के बाद कोई कुछ भी जानकारी नहीं दे रहा है कि बच्चा कैसा है उसे कहां रखा है। कोई कुछ बताने को तैयार नहीं है।'
राजकुमार ने आगे बताया कि ‘मेरा बेटा प्लांट में 4 महीने से यहां काम कर रहा है। हादसे के बाद प्लांट वाला कोई यहां नहीं आया, ना ठेकेदार आया, ना सुपरवाइजर आया और ना इंजीनियर आया। हादसे में करीब 70-80 आदमी झुलसे हैं, जिनमें से केवल 20 आदमियों को ही लाया गया है।’
हादसे में घायल अपने दो रिश्तेदारों को देखने आए शख्स ने बताया कि 'यह हादसा करीब 2.40 बजे हुआ है और हमें इसकी जानकारी करीब 3 बजे मिली। सभी घायलों को पहले खरसिया के पद्मावती अस्पताल भेजा गया, मेरे दो परिचित भी इस घटना में घायल हुए हैं जिन्हें फिलहाल ICU में भर्ती किया गया है।'
CM साय ने की मुआवजे की घोषणा
इस घटना के बाद हादसे को लेकर दुख प्रकट करते हुए प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने लिखा, 'सक्ती जिले में सिंघीतराई स्थित 'वेदांता पावर प्लांट' में बॉयलर फटने से हुई भीषण दुर्घटना की सूचना अत्यंत दुःखद एवं पीड़ादायक है। इस दुर्घटना में कुछ श्रमिकों के निधन और घायल होने का समाचार अत्यंत व्यथित करने वाला है। मेरी गहरी संवेदनाएँ शोकाकुल परिजनों के साथ हैं। ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्माओं को अपने श्रीचरणों में स्थान दें तथा परिजनों को इस असहनीय दुःख को सहने की शक्ति प्रदान करें।'
इसके अलावा एक अन्य पोस्ट में प्रभावितों के परिजनों के लिए आर्थिक सहायता की घोषणा करते हुए उन्होंने लिखा, ‘सक्ती जिले के सिंघीतराई स्थित वेदांता पावर प्लांट में हुई दुर्घटना अत्यंत दुःखद और पीड़ादायक है। इस हादसे में अपने परिजनों को खोने वाले परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं। राज्य सरकार द्वारा मृतक श्रमिकों के परिजनों को 5 लाख रुपए की सहायता राशि तथा घायलों को ₹50 हजार की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी, ताकि उन्हें तत्काल राहत और संबल मिल सके।’
आगे उन्होंने लिखा, 'सभी घायलों के समुचित एवं निःशुल्क उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। मैं उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करता हूं। कमिश्नर बिलासपुर को घटना की जांच के आदेश दे दिए गए हैं। जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके विरुद्ध सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। सरकार पूरे मामले पर सतत निगरानी रखे हुए है और प्रभावित परिवारों के साथ पूरी संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ खड़ी है।'
लेखक के बारे में
Sourabh Jainसौरभ जैन पिछले 16 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में स्टेट टीम में कार्यरत हैं। वह दिल्ली-एनसीआर, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, झारखंड, हिमाचल प्रदेश और गुजरात से जुड़े घटनाक्रम पर खबरें और विश्लेषण लिखते हैं।
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