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Hindi News छत्तीसगढ़प्रसव पीड़ा से तड़प रही थी महिला, डॉक्टर और‌ नर्स की‌ गैर मौजूदगी में बच्चे का हुआ जन्म, स्वास्थ्य विभाग ने की कड़ी‌ कार्रवाई 

प्रसव पीड़ा से तड़प रही थी महिला, डॉक्टर और‌ नर्स की‌ गैर मौजूदगी में बच्चे का हुआ जन्म, स्वास्थ्य विभाग ने की कड़ी‌ कार्रवाई 

छत्तीसगढ़ के सरगुजा में डॉक्टर और नर्स‌ की गैर मौजूदगी में अस्पताल में एक महिला ने बच्चे को जन्म दिया है। इस‌ घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग ने सभी पर कार्रवाई की है। .........................

प्रसव पीड़ा से तड़प रही थी महिला, डॉक्टर और‌ नर्स की‌ गैर मौजूदगी में बच्चे का हुआ जन्म, स्वास्थ्य विभाग ने की कड़ी‌ कार्रवाई 
Rohit Burmanलाइव हिन्दुस्तान,रायपुरMon, 10 Jun 2024 08:36 PM
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सरगुजा जिले में स्वास्थ्य कर्मियों की लापरवाही की वजह से एक नवजात शिशु को जन्म देने वाली मां और बच्चा दोनों जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रहे थे। प्रसव पीड़ा से तड़प रही महिला ने स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टर्स और नर्स की गैर मौजूदगी में बच्चे को जन्म दिया। सुविधा के अभाव से नवजात बच्चा और प्रसूता दोनों को जिंदगी और मौत का सामना करना पड़ा। पूरा मामला नवानगर स्वास्थ्य केंद्र का है। इस घटना के बाद जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने एक नर्स को निलंबित, एक एएनएम का तबादला और बीएमओ को सस्पेंड किया है। 

आठ जून शनिवार को नवानगर निवासी प्रियावती पैकरा को प्रसव पीड़ा होने पर उसे डिलीवरी के लिए नवानगर स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराने के लिए पहुंचे हुए थे। इस बीच पीएचसी में न तो नर्स उपस्थित थे और न ही चिकित्सक। इनकी लापरवाही तब सामने आई जब सूचना के बाद भी नर्स और चिकित्सक दोनों में से कोई अस्पताल नहीं पहुंचे। लगभग में एक घंटा बाद प्रसव पीड़ा बढ़ने की वजह से महिला ने अस्पताल में जमीन पर ही एक नवजात बच्चे को जन्म दिया, जो कि दोनों को जान का खतरा था। प्रसव के बाद गांव की एक महिला को बुलाया गया, जिसने प्रसूता की पेट साफ की और नाभी नाल काटा। 

घटना के बाद सीएमएचओ डॉ आरएन गुप्ता, डीपीएम डॉ पुष्पेंद्र राम और जिला मितानिन समन्वयक अस्पताल पहुंचे। उन्होंने घटना की जांच की। इस दौरान उन्होंने सभी के समक्ष प्रभावितों के बयान दर्ज किए गए। इस दौरान प्रसूता और नवजात बच्चे की उन्होंने जांच की। इस बीच  जच्चा-बच्चा दोनों को सुरक्षित पाया गया। 

अस्पताल में नर्स और चिकित्सक की गैर मौजूदगी में प्रसव होने की घटना को जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने गंभीरता से लिया है। उन्होंने मामले की जांच कराया। दोषी पाए जाने पर अस्पताल के नर्स कन्या पैकरा को निलंबित किया गया। साथ ही एएनएम मीना चौहान का तबादला किया गया है। आरएमए डॉ. वीरेंद्र कुमार पटेल को कारण बताओं नोटिस जारी किया गया है। बीएमओ एन राजवाड़े को राज्य शासन की ओर से सस्पेंड किया गया है। अस्पताल में सुविधा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए मनोरमा टोप्पो और अनुराधा को अस्पताल में पदस्थ किया गया है।