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हिंदी न्यूज़ छत्तीसगढ़बालोद की घटना पर विपक्षियों के तीखे तेवर, ट्वीट कर सरकार पर बोला हमला, डॉ. रमन ने लिखा- लचर व्यवस्था के लिए भूपेश बघेल जिम्मेदार

बालोद की घटना पर विपक्षियों के तीखे तेवर, ट्वीट कर सरकार पर बोला हमला, डॉ. रमन ने लिखा- लचर व्यवस्था के लिए भूपेश बघेल जिम्मेदार

लाइव हिन्दुस्तान ,रायपुर Sandeep Diwan
Tue, 30 Nov 2021 01:15 PM
बालोद की घटना पर विपक्षियों के तीखे तेवर, ट्वीट कर सरकार पर बोला हमला, डॉ. रमन ने लिखा- लचर व्यवस्था के लिए भूपेश बघेल जिम्मेदार

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छत्तीसगढ़ के बालोद जिले के पीपरछेड़ी सहकारी समिति में धान बेचने के लिए टोकन लेने के दौरान मची भगदड़ में भीड़ ने 17 महिलाओं को कुचल दिया। प्रशासन ने समिति प्रबंधक को निलंबित भी कर दिया गया है, लेकिन अब इस मामले ने सियासी रूप ले लिया है। विपक्ष ने भूपेश सरकार पर जमकर हमला बोला। पूर्व मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह ने ट्वीट कर लिखा क्या हालात हो गए हैं छत्तीसगढ़ के! अन्नदाता अपनी उपज बेचने के लिए कितना परेशान है कि घर की औरतें तक लाइन में लगी है। रो रहीं हैं, घायल हो रही हैं। किसानों, महिलाओं की यह दुर्दशा देखकर हृदय में तकलीफ होती है। इस लचर व्यवस्थाओं के लिए जिम्मेदार @bhupeshbaghel हैं! 

 

 

बालोद की घटना पर नेता प्रतिपक्ष धरमलाल ने भी ट्वीट कर सरकार पर हमला बोला। धरमलाल कौशिक ने लिखा कि माननीय मुख्यमंत्री जी आपने बोला था कि धान के एक-एक दाना खरीदना आपकी जिम्मेदारी है और बारदाना का ही पता नहीं है। आप धान खरीदी को लेकर पूरी तरह असफल हैं। बालोद में जो हादसा हुआ दुखद है। मैं सभी घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करता हूं।

 

 

राज्यसभा सांसद रामविचार नेताम ने भी ट्वीट कर लिखा कि  किसान विरोधी मानसिकता वाली सरकार को किसानों का दर्द नहीं दिखता। चुनावी भाषणों में खुद को किसानों का मसीहा बताने वाली सरकार, तब कहां चली जाती है जब अन्नदाता अपनी उपज बेचने के लिए परेशान हो रहा है। घर की औरतें तक लाइन में लगी है। रो रहीं हैं, चीख रहीं हैं, घायल हो रहीं हैं। 

भाजपा सरकार के वक्त किसानों को नहीं होती थी दिक्कत: साय 
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि प्रदेश में जब भारतीय जनता पार्टी की सरकार थी, तब किसानों से धान की खरीदी बेहद आरामदायक तरीके से होती थी। किसी को समस्या नहीं आती थी। प्रदेश कांग्रेस सरकार भी उसी तरह से धान की खरीदी करे, ताकि किसानों को समस्या ना आए। धान बेचने किसानों को जद्दोजहद करनी पड़ रही है। किसान धान बेचने जद्दोजहद कर रहे हैं। बारदाने के लिए परेशान हैं। पंजीयन, बारदाने की कमी, रकबे के डिजिटल डाटा संबंधित शिकायतें हमारे पास आ रही हैं। सरकार अगर इन समस्याओं पर ध्यान नहीं देती तो आने वाले दिनों में भाजपा किसानों के साथ सड़क पर उतर कर उग्र आंदोलन करेगी।

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