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महिला का अंतिम संस्कार करने बिहार लेकर जा रहे थे परिजन, रास्ते में लगा गाड़ी‌ का ब्रेक तो चलने लगी सांसे

छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में एक अजीबो गरीब मामला सामने आया है। जिस महिला को डॉक्टर ने अमृत घोषित किया था वह अचानक अंतिम संस्कार से पहले जिंदा हो गई‌‌ है। बताया जाए की महिला बिहार की है....

महिला का अंतिम संस्कार करने बिहार लेकर जा रहे थे परिजन, रास्ते में लगा गाड़ी‌ का ब्रेक तो चलने लगी सांसे
Rohit Burmanलाइव हिन्दुस्तान,रायपुरSat, 17 Feb 2024 11:45 AM
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मौत को छूकर टक्क से वापस आ जाने वाला डायलॉग तो आपने सुना ही होगा। कुछ ऐसा ही मामला छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले से सामने आया है। जहां एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान एक वृद्ध महिला को डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया था। जो अंतिम संस्कार के ठीक पहले जिंदा हो गई। जिंदा होने के बाद महिला को एक बार फिर इलाज के लिए भर्ती कराया गया है। इस खबर के सामने आने के बाद लोग इसे किसी चमत्कार से काम नहीं मान रहे हैं। 

दरअसल यह मामला छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले का बताया जा रहा है। जहां बिहार की रहने वाली 72 साल की वृद्ध महिला का एक प्राइवेट अस्पताल में इलाज किया जा रहा था। जहां इलाज के दौरान उस महिला की मौत हो गई थी। महिला की मौत की पुष्टि खुद अस्पताल के डॉक्टरों ने की थी। मौत के बाद परिजन उसका दाह संस्कार करने के लिए बिहार के बेगूसराय लेकर पहुंचे हुए थे। जैसे ही परिजन बिहार पहुंचे उस वक्त अचानक वृद्ध महिला जिंदा हो गई। महिला के जिंदा होने के बाद उसे बेगूसराय के सदर अस्पताल के आईसीयू में एक बार फिर भर्ती करा दिया गया है। 

ड्राइवर ने मारा जोर से ब्रेक तो चलने लगी मृतक महिला की सांसे

बता दे कि छत्तीसगढ़ में डॉक्टर ने महिला का हार्ड ब्लॉक होने की वजह से उसे मृत घोषित किया था। उसके बाद परिजन उसे चार पहिया वाहन से बिहार लेकर जा रहे थे। अचानक रास्ते में चार पहिया वाहन में जोरदार जर्क ब्रेक से सीपीआर की वजह से मृतक महिला की सांस दोबारा चलने लगी। जानकारी के अनुसार महिला की स्थिति ठीक है, डॉक्टर एक बार फिर उसका इलाज कर रहे हैं। 

छत्तीसगढ़ में चल रहा था इलाज

बेगूसराय जिले के नीमा चांदपुर थाना इलाके में रहने वाली रामरती देवी जिसकी उम्र 72 साल है। वह अपने पुत्र के पास कोरबा में रहती थी। बीते रविवार को रामवती देवी की तबीयत अचानक बिगड़ गई। जिसके बाद उसे कोरबा के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां रामवती देवी का इलाज चलता रहा और अचानक डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया था। महिला की मौत के बाद परिजन उसे स्कॉर्पियो वहां से बिहार के बेगूसराय लेकर जा रहे थे। जहां रास्ते में जब मृतक महिला के पुत्र ने शव को हाथ लगाया तो उसके शरीर में कुछ हलचल महसूस हुई। इसके बाद फौरन उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां पता चला कि उसकी सांसे चल रही हैं।

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