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टेस्ट में कम नंबर आने से परेशान था छटवीं का छात्र, उठा लिया आत्महत्या का कदम

छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में कक्षा छटवी में पढ़ने वाले छात्र ने खुदकुशी कर ली है। बताया‌ जा रहा है कि पढ़ाई में कम नंबर आने की वजह से बच्चा परेशान था और आत्महत्या कर लिया है। 

टेस्ट में कम नंबर आने से परेशान था छटवीं का छात्र, उठा लिया आत्महत्या का कदम
Rohit Burmanलाइव हिन्दुस्तान,रायपुरWed, 24 Jan 2024 10:42 AM
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छत्तीसगढ़ में कक्षा छटवी के छात्र ने पढ़ाई से परेशान होकर  अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली है। यह मामला कोरबा जिले के बुधवारी का है। जहां कक्षा 6 में पढ़ने वाले छात्र ने क्लास‌ में कम नंबर आने के कारण निराश छात्र ने खुदकुशी कर ली है। 

घटना के बारे में बताया गया कि मृतक बच्चा महज 13 साल का है, जिसका नाम शुभांशु टेकाम है। जो की कक्षा छठवीं का छात्र है। शुभांशु शहर के प्राइवेट स्कूल में पढ़ाई करता था। बताया जा रहा है कि सोमवार को क्लास टेस्ट का परिणाम आया जिसको देखकर बच्चा बेहद परेशान था। बताया जा रहा है कि जब घर पर कोई नहीं था तब उसने फांसी के फंदे पर लटककर आत्महत्या कर ली। शाम को जब मां घर लौटी तो उसने बच्चे को छत से फांसी के फंदे पर लटकते देखा। बच्चों को फांसी के फंदे पर झूलता हुआ देख मां जोर-जोर से चिल्लाने लगी और बेहोश हो गई। शोर गुल होने के बाद आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और पुलिस को इस बात की जानकारी दी है।

स्थानीय पुलिस की माने तो जब उनकी टीम मौके पर पहुंची तो उसने शव को फंदे से उतारा और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस के अनुसार मौके पर कोई सुसाइड नोट भी बरामद नहीं किया गया है। पुलिस की प्रारंभिक जांच में ऐसा माना जा रहा है कि बच्चा क्लास टेस्ट का रिजल्ट मिलने से परेशान था, यही वजह है कि उसने आत्महत्या कर ली है।  फिलहाल आगे की जांच की जा रही है। जानकारों की माने तो पढ़ाई से डिप्रेशन में जाने और प्रेशर ना झेल पाने के कारण कई बच्चों के आत्महत्या की खबरें सामने आती रहती है। जिसमें सबसे ज्यादा किशोर अवस्था के बच्चे आत्महत्या करते हैं। साल 2022 में छत्तीसगढ़ विधानसभा में जारी आंकड़ों के मुताबिक छत्तीसगढ़ में हर रोज 20 लोग आत्महत्या करते हैं।

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