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हिंदी न्यूज़ छत्तीसगढ़हसदेव जंगल में पेड़ों की कटाई का विरोध, मंत्री TS सिंहदेव के आवास पहुंचे भाजपाई, बोले- कहां गए गोली खाने वाले?

हसदेव जंगल में पेड़ों की कटाई का विरोध, मंत्री TS सिंहदेव के आवास पहुंचे भाजपाई, बोले- कहां गए गोली खाने वाले?

छत्तीसगढ़ के हसदेव अरण्य में 8 हजार पेड़ों की कटाई का विरोध बढ़ता जा रहा है। गुरुवार को भाजपा ने अंबिकापुर में रैली निकालकर मंत्री टीएस सिंहदेव के आवास का घेराव किया और जमकर नारेबाजी की।

हसदेव जंगल में पेड़ों की कटाई का विरोध, मंत्री TS सिंहदेव के आवास पहुंचे भाजपाई, बोले- कहां गए गोली खाने वाले?
Sandeep Diwanलाइव हिन्दुस्तान,अंबिकापुरThu, 29 Sep 2022 09:00 PM
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छत्तीसगढ़ के हसदेव अरण्य क्षेत्र में कोल ब्लॉक के लिए फोर्स लगाकर प्रशासन और वन विभाग द्वारा 45 हेक्टेयर क्षेत्र में 8 हजार पेड़ों की कटाई के विरोध में भाजपा ने गुरुवार को नगर में रैली निकालकर मंत्री टीएस सिंहदेव के आवास का घेराव किया और जमकर नारेबाजी की। भाजपाइयों ने मंत्री टीएस सिंहदेव के बयान को लेकर उन पर निशाना साधा। हसदेव जंगल बचाने आंदोलन कर रहे लोगों के बीच पहुंचकर टीएस सिंहदेव ने कहा था कि यदि गोली चली तो पहली मुझ पर चलेगी। भाजपा ने प्रदर्शन के माध्यम से मंत्री टीएस सिंहदेव पर जनता के साथ धोखा करने का आरोप लगाया। बुधवार को भाजपा ने परसा क्षेत्र में भूपेश सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए चक्काजाम किया था। हसदेव जंगल में पेड़ों की कटाई को लेकर प्रदेश में बवाल भी मच रहा है। 

बता दें कि राजस्थान के विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड को आवंटित परसा ईस्ट केते बासेन कोल ब्लॉक के लिए जिला प्रशासन और वन अमले ने करीब एक हजार से अधिक पुलिस बल लगाकर मंगलवार को 8 हजार से अधिक पेड़ों की कटाई करा दी। जंगल को बचाने ग्रामीण एक वर्ष से भी अधिक समय से आंदोलन कर रहे हैं। कटाई के पूर्व आंदोलन की अगुवाई करने वाले करीब 18 लोगों को पुलिस ने नजरबंद कर दिया था। पीकेईबी में 2 लाख पेड़ काटे जाएंगे। इस वर्ष 11 हजार 707 पेड़ों को काटने चिह्नित किया गया है। सरगुजा कलेक्टर कुंदन कुमार के अनुसार अभी 45 हेक्टेयर के जंगल काटे गए हैं। इसके बाद 1100 हेक्टेयर का एक और जंगल काटा जाएगा। भाजपा ने मंत्री टीएस सिंहदेव पर आंदोलन में शामिल लोगों के साथ ही सरगुजावासियों से छल करने का आरोप लगाकर घेरने की कोशिश कर रही है। वहीं कांग्रेस पदाधिकारियों ने स्पष्ट कह दिया है कि कोल ब्लाक की स्वीकृति वर्ष 2012 में दी गई थी, तब प्रदेश में भाजपा की सरकार थी और डॉ. रमन सिंह मुख्यमंत्री थे। 

एमडीओ अडानी, फिर भाजपा विरोध में कैसे 
परसा केते एवं परसा केते ईस्ट बासेन कोल परियोजना भले ही राजस्थान विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड को दी गई है, लेकिन इस खदान का एमडीओ अडानी इंटरप्राइसेस है। अडानी इंटरप्राइसेस के एमडी गौतम अडानी सीधे तौर पर पीएम मोदी एवं भाजपा के करीबी माने जाते हैं। भाजपा द्वारा खदान का विरोध करने का मतलब सीधे तौर पर अडानी का विरोध करना है। छत्तीसगढ़ में भाजपा के कई नेताओं ने हसदेव क्षेत्र के कोल ब्लॉक के लिए पेड़ों की कटाई का विरोध किया है। भाजपा को इस बहाने प्रदेश की भूपेश सरकार को घेरने का एक मौका मिल गया है। सरगुजा में भाजपा को इस बहाने मंत्री टीएस सिंहदेव को घेरने का मौका मिल गया है।

BJP निशाने पर क्यों हैं मंत्री टीएस सिंहदेव
हसदेव क्षेत्र में परसा केते एवं परसा ईस्ट केते बासेन कोल ब्लॉक अंबिकापुर विधानसभा क्षेत्र में हैं। परसा-केते खदान में कोयला उत्खनन साल 2027 तक किया जाना था। अडानी ने उत्खनन का कार्य 2022 में ही खत्म होना बता दिया है। पीकेईबी खदान के लिए फॉरेस्ट क्लीयरेंस वर्ष 2019 में दी गई है। इस खदान में 1898 हेक्टेयर भूमि वनक्षेत्र है। परसा, हरिहरपुर, फतेहपुर और घाटबर्रा के 750 परिवारों को विस्थापित करने का प्रस्ताव है। यहां के जंगलों को बचाने ग्रामीण करीब एक वर्ष से आंदोलन कर रहे हैं। आंदोलन कर रहे ग्रामीणों के बीच जून में पहुंचे टीएस सिंहदेव ने कहा था कि आंदोलन में गोली चलेगी तो पहली मुझे लगेगी। इस बयान के बाद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा था कि जब तक टीएस बाबा नहीं चाहेंगे, पेड़ तो क्या एक डंगाल भी नहीं कटेगी। अब 8 हजार बड़े पेड़ों को काट दिया गया तो भाजपा के साथ ही लोगों के निशाने पर टीएस सिंहदेव आ गए। (रिपोर्ट: मनोज कुमार)

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