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हिंदी न्यूज़ छत्तीसगढ़परसा कोल ब्लॉक एक्सटेंशन: 1898 हेक्टेयर वनक्षेत्र में काटे जाएंगे करीब 2 लाख पेड़, ग्रामीणों ने जंगल में डाला डेरा

परसा कोल ब्लॉक एक्सटेंशन: 1898 हेक्टेयर वनक्षेत्र में काटे जाएंगे करीब 2 लाख पेड़, ग्रामीणों ने जंगल में डाला डेरा

छत्तीसगढ़ के सरगुजा हसदेव अरण्य क्षेत्र में परसा ईस्ट केते बासेन कोल ब्लॉक के लिए अधिग्रहित क्षेत्र में रातों रात सैकड़ों पेड़ों को काट दिया गया। खदान के विरोध में ग्रामीण आंदोलन कर रहे हैं।

परसा कोल ब्लॉक एक्सटेंशन: 1898 हेक्टेयर वनक्षेत्र में काटे जाएंगे करीब 2 लाख पेड़, ग्रामीणों ने जंगल में डाला डेरा
Sandeep Diwanलाइव हिन्दुस्तान,अंबिकापुरTue, 26 Apr 2022 10:06 PM

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छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के हसदेव अरण्य क्षेत्र में परसा ईस्ट केते बासेन कोल ब्लॉक के लिए अधिग्रहित क्षेत्र में रातों रात सैकड़ों की संख्या में पेड़ों को काट दिया गया। यहां पेड़ों को बचाने व खदान के विरोध में लोग आंदोलन कर रहे हैं। रात में पेड़ों की कटाई होने के बाद लोगों ने पेड़ों की सुरक्षा के लिए जंगल में डेरा डाल दिया है।

राजस्थान के विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड को आवंटित परसा कोल ब्लाक के डेवलेपमेंट एवं माइनिंग का ठेका अडानी इंटरप्राइसेस के हाथों में है। पहले चरण में परसा कोल ब्लॉक में 841 हेक्टेयर जंगल की भूमि से पेड़ों की कटाई की गई थी। दूसरे चरण में परसा ईस्ट-केते-बासेन कोल ब्लॉक में कुल 2711 हेक्टेयर क्षेत्र में कोल उत्खनन की मंजूरी दी गई है। इसमें 1898 हेक्टेयर भूमि वनक्षेत्र है, जिसमें परसा, हरिहरपुर, फतेहपुर व घाटबर्रा के 750 परिवार विस्थापित होंगे। इसी खदान की एनओसी के लिए पिछले महीने राजस्थान की सीएम अशोक गहलोत रायपुर में सीएम भूपेश बघेल से मिलने आए थे। 

वन विभाग ने रात में कटवाए पेड़
परसा ईस्ट-केते-बासेन परियोजना को वर्ष 2019 में ही फारेस्ट क्लीयरेंस मिल चुका है। राज्य सरकार की हरी झंडी मिलने के बाद पेड़ों की कटाई के लिए मार्किंग शुरू करने का भी ग्रामीणों ने विरोध किया था। ग्रामीणों के विरोध को देखते हुए वन विभाग द्वारा रात को सॉ मशीन लगाकर बड़ी संख्या में पेड़ों को कटवा दिया। इसके बाद लोगों ने जंगल में डेरा डाल दिया है। अफसर कुछ भी कहने से बच रहे हैं। अनुमान के अनुसार करीब 2 लाख पेड़ काटे जाएंगे। 

हसदेव बचाओ पदयात्रा पहुंची रतनपुर
परसा ईस्ट-केते-बासेन कोल ब्लॉक का विरोध ग्रामीण वर्ष 2019 से कर रहे हैं। ग्राम सभा का फर्जी तरीके से प्रस्ताव पास कराने का आरोप लगा खदान का विरोध कर रहे ग्रामीणों ने हसदेव बचाओ पदयात्रा निकाली है। यह पदयात्रा आज रतनपुर पहुंची है। ग्रामीणों ने कहा है कि वे खदान का विरोध जारी रखेंगे। वहीं पिछले दिनों ग्रामीणों ने खदान में धावा बोलकर जनरेटर व कंपनी के कैंप को आग लगा दिया था। (रिपोर्ट: मनोज कुमार)

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