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7 मई, 2021|10:46|IST

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छत्तीसगढ़ मुठभेड़ के बाद लापता कमांडो की नक्सलियों ने जारी तस्वीर, रिहाई के लिए सड़क पर उतरा परिवार

rakeshwar singh manhas

नक्सलियों ने छत्तीसगढ़ के बीजापुर-सुकमा बॉर्डर पर बीते शनिवार को हुए एनकाउंटर के बाद से लापता कोबरा कमांडो राकेश्वर सिंह मनहास की तस्वीर जारी की है। मंगलवार को ही नक्सलियों ने एक बयान जारी कर यह बताया था कि तीन अप्रैल से लापता कोबरा जवान उनके कब्जे में है। दूसरी तरफ, राकेश्वर सिंह का परिवार उनकी रिहाई की मांग लिए सड़क पर धरना दे रहा है। उनकी मांग है कि सरकार राकेश्वर की सुरक्षित रिहाई सुनिश्चित करे। 

खबर के मुताबिक, बुधवार को नक्सलियों ने राकेश्वर सिंह की तस्वीर जारी की है। तस्वीर में वह बैठे हैं और स्वस्थ दिख रहे हैं।  सुकमा के स्थानीय पत्रकारों ने यह दावा किया है कि नक्सलियों ने उन्हें कोबरा जवान की तस्वीर भेजी है। 

बता दें कि 3 अप्रैल को हुए एनकाउंटर में 22 जवान शहीद हो गए थे और 31 घायलों का इलाज चल रहा है। मुठभेड़ के दिन से ही सीआरपीएफ की कोबरा बटालियन का एक जवान राकेश्वर सिंह मनहास लापता है। नक्सलियों ने चिट्ठी लिखकर यह बताया है कि जवान उनके कब्जे में है। हालांकि, नक्सलियों ने यह शर्त भी रखी है कि सरकार एक मध्यस्थ नियुक्त करे जिसके बाद जवान को वे रिहा करेंगे।

नक्सलियों ने मंगलवार को एक बयान जारी कर कहा थाा कि तीन अप्रैल को सुरक्षा बल के दो हजार जवान हमला करने जीरागुडेम गांव के पास पहुंचे थे, इसे रोकने के लिए पीएलजीए ने हमला किया है। इस कार्रवाई में 24 जवान मारे गए और 31 घायल हो गए। नक्सलियों ने बयान में कहा है कि एक जवान को बंदी बनाया गया है जबकि अन्य जवान वहां से भाग गए। उन्होंने कहा है कि सरकार पहले मध्यस्थों के नाम की घोषणा करे इसके बाद बंदी जवान को सौंप दिया जाएगा, तब तक वह जनताना सरकार की सुरक्षा में रहेगा।

परिजनों ने दिया धरना, सड़क जाम की

दूसरी तरफ, सीआरपीएफ कमांडो के परिजनों समेत सैकड़ों लोगों ने बुधवार को सड़क जाम कर दी। इन लोगों ने प्रदर्शन करते हुए सरकार से मांग की है कि जल्दी से जल्दी कोबरा कमांडो राकेश सिंह मन्हास को रिहा कराया जाए। प्रदर्शन करते हुए परिजनों और अन्य लोगों ने मांग की है कि जिस तरह सरकार ने अभिनंद वर्धमान को पाकिस्तान से तत्काल रिहा कराया था, उसी तरह राकेश्वर सिंह को भी माओवादियों के कब्जे से मुक्त कराया जाए। 

राकेश्वर सिंह की पत्नी ने उठाए सवाल

राकेश्वर सिंह की पत्नी मीनू ने पूरे मामले को लेकर सरकार पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने  कहा है कि अगर एक जवान ड्यूटी पर पहुंचने में देरी कर दे तो उसके खिलाफ कार्रवाई होती है लेकिन अब जब एक जवान 3 अप्रैल से लापता है तो सरकार चुप बैठी है।

मां बोलीं- सिर्फ बेटे की रिहाई चाहती हूं

मन्हास की 5 साल की एक बच्ची है और वह परिवार में अकेले कमाने वाले शख्स हैं। उनकी मां ने भी सरकार से बेटे को रिहा कराने की अपील की है। उन्होंने कहा, 'मैं कुछ और नहीं चाहती। मैं सिर्फ अपने बेटे की वापसी चाहती हूं। सरकार कहां है? क्या इस सरकार के लिए एक जवान की जान की कोई कीमत नहीं है?' राकेश्वर सिंह मन्हास के ससुर ने भी उनकी रिहाई अब तक न हो पाने पर गुस्सा जाहिर किया है। उन्होंने कहा, 'क्या हमने इसी दिन के लिए सरकार को वोट किया था। हमारे बचाव के लिए कोई आगे नहीं आ रहा। वह मेरा दामाद है और हम उसकी वापसी चाहते हैं। बीते 4 दिनों से वह नक्सलियों के कब्जे में हैं, लेकिन उनकी रिहाई के लिए अब तक सरकार ने कोई कदम नहीं उठाया है।

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  • Web Title:naxalis release photograph of missing CoBRA commando rakeshwar singh manhas