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हिंदी न्यूज़ छत्तीसगढ़नेशनल पार्क एरिया में वन संसाधन मान्यता पत्र देगी भूपेश सरकार, ऐसा करने वाला देश का दूसरा राज्य बना छत्तीसगढ़

नेशनल पार्क एरिया में वन संसाधन मान्यता पत्र देगी भूपेश सरकार, ऐसा करने वाला देश का दूसरा राज्य बना छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ देश का दूसरा राज्य होगा जो महाराष्ट्र के बाद नेशनल पार्क क्षेत्र में वन संसाधन मान्यता पत्र देगा। भूपेश सरकार के इस पहल से वनवासियों को रोजगार के साथ-साथ आय के अधिक अवसर मिलेंगे।

नेशनल पार्क एरिया में वन संसाधन मान्यता पत्र देगी भूपेश सरकार, ऐसा करने वाला देश का दूसरा राज्य बना छत्तीसगढ़
Sandeep Diwanलाइव हिन्दुस्तान,बस्तरWed, 25 May 2022 10:53 PM

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छत्तीसगढ़ देश का दूसरा राज्य होगा जो महाराष्ट्र के बाद नेशनल पार्क क्षेत्र में वन संसाधन मान्यता पत्र देगा। भूपेश सरकार के इस पहल से वनवासियों को रोजगार के साथ-साथ आय के अधिक अवसर मिलेंगे। सीएम भूपेश बघेल ने जगदलपुर विधानसभा के मंगलपुर में आयोजित भेंट मुलाकात कार्यक्रम के दौरान यह घोषणा की। सीएम ने कोटमसर क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देने आदिवासी युवकों को 15 जिप्सी वाहन देने बात भी कही। 

बता दें कि वन संसाधन मान्यता पत्र के तहत ग्रामीणों को अपनी पारंपरिक सीमा क्षेत्र के अंदर स्थित जंगल के सभी संसाधनों पर मालिकाना हक मिलेगा और जैव विविधता की सुरक्षा, संरक्षण, प्रबंधन और उनको पुनर्जीवित करने का अधिकार होगा। सीएम भूपेश ने कहा कि कांगेर वैली के खूबसूरत तीरथगढ़ जलप्रपात की सुंदरता को बेहतरीन व्यू से निहारते रहने नेचर ट्रेल बनाया गया है। इस पर 2 करोड़ 59 लाख रुपये खर्च हुए हैं। एक करोड़ 10 लाख रुपये की लागत से इको काटेज एवं प्रेजेंटेशन सेंटर भी बनाया जाएगा, जिससे पर्यटकों को सुविधाएं मिलेंगी। उन्होंने कहा कि बस्तर की प्राकृतिक वादियों देश-दुनिया में पहचान है। सुविधाएं बढ़ने से और ज्यादा पर्यटक आएंगे। 

सीएम की सलाह, नेट से करें संग्रहण
सीएम ने वनोपज संग्राहकों से चर्चा की। उन्होंने पूछा कि सबसे महंगा लघु वनोपज कौन सा है। ग्रामीणों ने बताया कि लाख सबसे कीमती वनोपज है, इसकी कीमत 325 रुपये है। सीएम ने कहा कि सबसे कीमती वनोपज चिरौंजी चार है। नेट लगाकर इसका संग्रहण किया जाए तो ज्यादा रेट मिलेगा। 

लखपति नाग को बनाएंगे करोड़पति 
लखपति नाग ने बताया कि वे अपने खेत में सेमी उगा रहे हैं। वे मल्चिंग पद्धति से खेती कर रहे हैं और इससे अच्छा लाभ मिल रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम आपको करोड़पति बनाएंगे। आपको ग्रीन नेट दिया जाएगा ताकि आपकी आय तेजी से बढ़ सके।

समूह ने किया 40 लाख का व्यवसाय
मंगलपुर की स्वसहायता समूह की सदस्य हेमवती कश्यप ने बताया कि उनके समूह में 43 महिलाएं हैं। शासन की योजना का लाभ लेने 10 एकड़ में पपीता लगाया। 300 टन पपीते का उत्पादन 10 महीने में हो चुका है। यह पपीता 40 लाख रुपये में बेचा है, जिससे 10 लाख रुपये की आय हुई है। हेमवती ने बताया कि समूह का ट्विटर एकाउंट भी है, जिसमें हम नियमित पोस्ट भी करते हैं। आप भी हमारे पोस्ट लाइक करें और इन्हें रिट्वीट भी कीजिएगा।

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