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छत्तीसगढ़ में नक्सलियों का खौफ दरकिनार, चुनाव के पहले चरण में 78% मतदान, टूटा पिछला रिकॉर्ड

Voting Percentage of First Phase Elections in Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव के पहले चरण में बंपर वोटिंग हुई है। अधिकारियों ने बताया कि छत्तीसगढ़ में पहले चरण में 78 फीसदी मतदान हुआ।

छत्तीसगढ़ में नक्सलियों का खौफ दरकिनार, चुनाव के पहले चरण में 78% मतदान, टूटा पिछला रिकॉर्ड
Krishna Singhभाषा,रायपुरThu, 09 Nov 2023 12:47 AM
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Chhattisgarh Assembly Elections 2023: छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव के पहले चरण में बंपर वोटिंग हुई है। मतदान के एक दिन बाद अधिकारियों ने बुधवार को पहले चरण में हुई वोटिंग परसेंटेज के आंकड़े बताए। अधिकारियों ने बताया कि छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव के पहले चरण में मंगलवार को 78 फीसदी मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। राज्य की 90 विधानसभा सीटों में से मंगलवार को 20 सीटों में पहले चरण का मतदान हुआ था। शेष 70 सीटों में 17 नवंबर को वोट डाले जाएंगे।

अधिकारियों ने बताया कि पहले चरण में बस्तर संभाग की 12 सीटों सहित राजनांदगांव, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई तथा कबीरधाम जिलों के आठ विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों में मंगलवार सात नवंबर को मतदान संपन्न हुआ। पहले चरण में कुल 40,78,681 मतदाता थे। जिनमें पुरुष मतदाताओं की संख्या 19,93,937, महिला मतदाताओं की संख्या 20,84,675 तथा तृतीय लिंग के मतदाताओं की संख्या 69 थी। इनमें से 78 फीसदी मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया है।

अधिकारियों ने बताया कि पहले चरण में सबसे अधिक बस्तर विधानसभा क्षेत्र में 84.67 फीसदी मतदाताओं ने तथा सबसे कम बीजापुर विधानसभा क्षेत्र में 48.37 फीसदी मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया है। पिछले विधानसभा चुनाव में पहले चरण की 18 सीटों पर 76.47 फीसदी मतदान हुआ था। इस बार पहले चरण में दो और विधानसभा क्षेत्रों को शामिल किया गया है।

अधिकारियों ने बताया कि 2018 के पहले चरण के मतदान की तुलना में इस बार पहले चरण में मतदान में कुल 1.53 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई। मंगलवार को नक्सल प्रभावित क्षेत्रों को ध्यान में रखते हुए 10 विधानसभा सीटों पर सुबह सात बजे से दोपहर तीन बजे तक तथा 10 अन्य विधानसभा सीटों में सुबह आठ बजे शाम पांच बजे तक मतदान कराया गया। मंगलवार को जिन 20 सीटों पर मतदान हुआ उनमें से 12 सीटें अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित हैं और एक अनुसूचित जाति के उम्मीदवारों के लिए आरक्षित है।

अधिकारियों ने बताया कि पहले चरण में 5304 मतदान केंद्रों में मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। मतदान के लिए कुल 25,420 कर्मचारी नियुक्त किए गए। मतदान के बाद सभी मतदान दलों की वापसी हो गई है। नक्सल प्रभावित बस्तर संभाग की 12 विधानसभा सीटों में इस बार 126 नए मतदान केंद्र स्थापित किए गए थे। यह मतदान केंद्र गांव में पहली बार स्थापित किए गए थे। इन मतदान केंद्रों में मतदाताओं ने बढ़ चढ़कर मतदान में हिस्सा लिया।

बस्तर क्षेत्र के पुलिस अधिकारियों ने बताया कि 12 विधानसभा क्षेत्रों वाले बस्तर संभाग में शांतिपूर्ण मतदान के लिए लगभग 60 हजार जवानों को तैनात किया गया, जिनमें से 40 हजार केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) के और 20 हजार राज्य पुलिस के जवान थे। पहले चरण के मतदान के लिए लगभग एक लाख सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में नक्सलियों ने वोटिंग में बाधा डालने की तमाम कोशिशें की लेकिन आयोग के इंतजाम के कारण फेल हो गए। 

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में मंगलवार को मुठभेड़ और बारूदी सुरंग में विस्फोट की घटना में कुछ पुलिसकर्मी घायल हुए हैं, जिनका उपचार किया जा रहा है। राज्य में नक्सलियों ने चुनाव के बहिष्कार का फरमान जारी किया था। मतदान के दौरान उन्होंने उत्पात मचाने की कोशिश भी की थी लेकिन मतदाताओं के उत्साह ने उनके मंसूबों पर पानी फेर दिया।

पहले चरण में 25 महिला समेत 223 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। राज्य की 90 सदस्यीय विधानसभा की शेष 70 सीटों पर दूसरे चरण में 17 नवंबर को मतदान होगा। तीन दिसंबर को मतों की गिनती होगी। राज्य में कांग्रेस, भाजपा, जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे), आम आदमी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी, गोंडवाना गणतंत्र पार्टी समेत अन्य पार्टियां चुनाव लड़ रही हैं। लेकिन मुख्य मुकाबला भाजपा और कांग्रेस के बीच ही होने की संभावना है। 

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